इकाना और आसपास के इलाकों में भी जलभराव; IIIT में कक्षाएं और एमटेक परीक्षाएं स्थगित, हॉस्टल खाली कराकर छात्रों को सुरक्षित स्थानों पर भेजा गया
राजधानी में गोमती नदी का बढ़ता जलस्तर अब शहर के कई प्रमुख इलाकों के लिए परेशानी का सबब बन गया है। बुधवार को बाढ़ का पानी इकाना स्टेडियम क्षेत्र से आगे बढ़ते हुए पलासियो मॉल और सीजी सिटी स्थित इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ इंफॉर्मेशन टेक्नोलॉजी (IIIT), लखनऊ परिसर तक पहुंच गया। परिसर में पानी भरने के बाद संस्थान ने शैक्षणिक गतिविधियां अगले आदेश तक रोक दी हैं और निर्धारित परीक्षाएं भी स्थगित कर दी गई हैं।
IIIT में बिजली बंद, छात्रों को सुरक्षित स्थानों पर भेजा
बाढ़ के पानी को देखते हुए संस्थान में बिजली आपूर्ति बंद कर दी गई। हॉस्टल में रहने वाले छात्रों को सुरक्षा के मद्देनजर दूसरे स्थानों पर भेजा गया है। उपलब्ध रिपोर्ट के अनुसार बड़ी संख्या में हॉस्टल छात्रों को सुरक्षित स्थानों पर स्थानांतरित किया गया, जबकि कुछ छात्र अपने घर लौट गए।
जिलाधिकारी विशाख जी और एसडीएम ने भी परिसर का निरीक्षण कर स्थिति का जायजा लिया। संस्थान प्रशासन ने साफ किया है कि परिस्थितियां सामान्य होने तक परीक्षा और शैक्षणिक गतिविधियों को लेकर आगे का निर्णय लिया जाएगा।
पलासियो मॉल के आसपास भी बिगड़े हालात
गोमती का पानी पलासियो मॉल के बेसमेंट और आसपास की सड़कों तक पहुंच गया है। पानी भरने के बाद मॉल की सर्विस लेन पर आवागमन बंद करना पड़ा और बेसमेंट में खड़े वाहनों को बाहर निकलवाया गया। मॉल के सामने बने अंडरपास में भी पानी भरने से यातायात प्रभावित हुआ।
इकाना स्टेडियम और पलासियो मॉल के आसपास जलभराव के कारण शहर के इस हिस्से में आवाजाही भी प्रभावित हुई है। प्रशासन और संबंधित विभाग पानी के बहाव को नियंत्रित करने के लिए लगातार मौके पर निगरानी कर रहे हैं।
अस्थायी बांध और पंपिंग व्यवस्था पर भी पड़ा असर
इकाना स्टेडियम के आसपास पानी को रोकने के लिए बनाए गए अस्थायी इंतजाम बढ़ते जलस्तर और तेज बहाव के सामने प्रभावित हुए। इसके बाद अधिकारियों ने बोल्डर और मिट्टी की मदद से नए अवरोध तैयार किए, जिससे पानी के एक हिस्से का प्रवाह नियंत्रित करने में मदद मिली।
गोमती नगर विस्तार के कुछ हिस्सों में भी नदी का पानी पहुंचने के बाद प्रशासन और एलडीए की टीमें मौके पर सक्रिय रहीं। निचले इलाकों में लगातार बढ़ते पानी को देखते हुए जलनिकासी और सुरक्षा व्यवस्था पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।
फैजुल्लागंज में हजारों घर प्रभावित
गोमती की बाढ़ का सबसे गंभीर असर फैजुल्लागंज और आसपास के निचले इलाकों में दिखाई दे रहा है। कई मोहल्लों में सड़कें और घर पानी से घिरे हैं। स्थानीय स्तर पर बड़ी संख्या में परिवार सुरक्षित स्थानों की ओर जा चुके हैं, जबकि कई लोग अभी भी जलभराव वाले इलाकों में रहने को मजबूर हैं।
प्रशासन की ओर से प्रभावित क्षेत्रों में नावों के जरिए राहत सामग्री पहुंचाई जा रही है। हालांकि, स्थानीय लोगों का कहना है कि कई मोहल्लों तक राहत पहुंचने की गति पर्याप्त नहीं है। प्रभावित क्षेत्रों में भोजन, पेयजल और सुरक्षित निकासी की मांग लगातार उठ रही है।
गोमती बैराज और जलप्रवाह पर निगरानी
नदी के बढ़ते दबाव को देखते हुए बैराज और आसपास के जलप्रवाह की लगातार निगरानी की जा रही है। प्रशासन का फोकस फिलहाल निचले इलाकों में पानी के फैलाव को नियंत्रित करने, लोगों को सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाने और जरूरी राहत सामग्री उपलब्ध कराने पर है।
लखनऊ में बाढ़ की स्थिति का एक बड़ा कारण गोमती के ऊपरी जलग्रहण क्षेत्रों में हुई भारी बारिश से नदी में आया अतिरिक्त पानी भी बताया गया है। इसके चलते हाल के दिनों में नदी का जलस्तर बढ़ा और इसका असर शहर के निचले इलाकों तक पहुंचा।
फिलहाल प्रशासन की प्राथमिकता प्रभावित आबादी की सुरक्षा और जलभराव वाले क्षेत्रों में राहत-बचाव अभियान को तेज करना है।




