लखनऊ, 25 अगस्त (आईपीएन)। डॉ. ए.पी.जे. अब्दुल कलाम प्राविधिक विश्वविद्यालय स्थित इनोवेशन हब में मंगलवार से ‘स्टार्टअप संवाद 3.0’ के तहत पांच दिवसीय स्टार्टअप पिचिंग सत्र की शुरुआत हुई। निवेश केंद्रित इस कार्यक्रम में चयनित स्टार्टअप निवेशकों के सामने अपने बिजनेस मॉडल, उत्पाद, बाजार की संभावनाओं और विस्तार की योजनाएं प्रस्तुत कर रहे हैं।
कार्यक्रम के लिए 250 से अधिक स्टार्टअप ने पंजीकरण कराया है, जबकि करीब 30 निवेशकों ने पिचिंग के बाद उपयुक्त स्टार्टअप में निवेश की संभावनाएं तलाशने में रुचि दिखाई है। ऐसे में यह मंच स्टार्टअप्स को पूंजी, मार्गदर्शन और व्यावसायिक नेटवर्किंग से जोड़ने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है।
कुलपति प्रो. जे.पी. पांडेय एवं इनोवेशन हब के निदेशक के मार्गदर्शन में आयोजित कार्यक्रम का उद्देश्य संभावनाशील स्टार्टअप्स को निवेशकों से जोड़ना और उनके नवाचार एवं बिजनेस मॉडल को निवेश के दृष्टिकोण से प्रस्तुत करने का अवसर देना है।
पहले दिन की पिचिंग में स्टार्टअप संस्थापकों ने निवेशकों से सीधे संवाद किया और अपने उद्यम की निवेश संभावनाओं पर चर्चा की। पिचिंग के दौरान बाजार की आवश्यकता, समाधान की उपयोगिता, राजस्व मॉडल, विस्तार की क्षमता और भविष्य की योजनाओं को प्रमुखता से प्रस्तुत किया गया।
निवेश योग्य उद्यम बनाने पर जोर
‘स्टार्टअप संवाद 3.0’ को केवल प्रस्तुतियों तक सीमित न रखते हुए निवेश की दिशा में परिणामोन्मुख मंच के रूप में विकसित किया गया है। पांच दिवसीय पिचिंग प्रक्रिया के दौरान स्टार्टअप्स को निवेशकों की अपेक्षाओं को समझने और अपने बिजनेस मॉडल को निवेश के नजरिए से परखने का अवसर मिल रहा है।
वित्त अधिकारी केशव सिंह और इनोवेशन हब यूपी के संस्थागत सहयोग से पिचिंग प्रक्रिया एवं स्टार्टअप-निवेशक संवाद के लिए आवश्यक व्यवस्थाएं की गई हैं। वहीं प्रो. बी.एन. मिश्रा, डीन-इनोवेशन एवं सोशल एंटरप्रेन्योरशिप तथा निदेशक, इनोवेशन हब यूपी के नेतृत्व में कार्यक्रम को उद्यमशीलता से आगे बढ़ाकर निवेश और व्यावसायिक विस्तार से जोड़ने पर जोर दिया जा रहा है।
डॉ. अनुज कुमार शर्मा, एसोसिएट डीन-इनोवेशन एवं सोशल एंटरप्रेन्योरशिप के समन्वय में पिचिंग सत्रों का संचालन किया जा रहा है। कार्यक्रम के माध्यम से इनोवेशन हब यूपी का लक्ष्य स्टार्टअप्स को विचार और प्रोटोटाइप के स्तर से आगे बढ़ाकर निवेश योग्य और विस्तार योग्य उद्यम के रूप में विकसित करने का है।




