सीएम योगी आदित्यनाथ के मिर्जापुर दौरे के दिन ही घोषणा का कार्यक्रम, पूर्व आईएएस की बढ़ती सार्वजनिक सक्रियता से उनके भविष्य को लेकर अटकलें तेज
भारतीय प्रशासनिक सेवा (IAS) से इस्तीफा देकर चर्चा में आईं दिव्या मित्तल ने अपने अगले कदम को लेकर बड़ा ऐलान किया है। उन्होंने 15 अक्टूबर को अपनी आगे की योजना सार्वजनिक करने की बात कही है। इसी दिन उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का भी मिर्जापुर दौरा प्रस्तावित है। दोनों घटनाक्रमों के एक ही दिन होने से जिले के राजनीतिक गलियारों में चर्चाएं तेज हो गई हैं।
हालांकि दिव्या मित्तल ने अपने अगले कदम को लेकर अभी विस्तृत जानकारी नहीं दी है। ऐसे में यह स्पष्ट नहीं है कि उनकी घोषणा राजनीति से जुड़ी होगी या वह किसी अन्य क्षेत्र में नई भूमिका की शुरुआत करेंगी।
मिर्जापुर से रहा है प्रशासनिक जुड़ाव
दिव्या मित्तल का मिर्जापुर से पुराना प्रशासनिक संबंध रहा है। यहां जिलाधिकारी के रूप में कार्यकाल के दौरान उन्हें स्थानीय स्तर पर समर्थन और लोकप्रियता मिलने की बात कही जाती रही है। इसी वजह से उनके अगले कदम को लेकर मिर्जापुर को संभावित केंद्र के रूप में देखा जा रहा है।
उनके प्रशासनिक कार्यकाल के दौरान केंद्रीय मंत्री और मिर्जापुर की सांसद अनुप्रिया पटेल के साथ मतभेदों की चर्चाएं भी सामने आई थीं। हालांकि, फिलहाल उनके भविष्य की योजना को लेकर कोई आधिकारिक राजनीतिक भूमिका स्पष्ट नहीं हुई है।
राजनीति में उतरेंगी या चुनेंगी कोई दूसरा रास्ता?
दिव्या मित्तल के अगले कदम को लेकर सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या वह राजनीति में प्रवेश करेंगी। इससे पहले वह किसी राजनीतिक दल में शामिल नहीं होने की बात कह चुकी हैं। ऐसे में 15 अक्टूबर को होने वाली उनकी घोषणा पर लोगों की नजरें टिकी हैं।
उनकी घोषणा के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि वह सार्वजनिक जीवन में किस तरह की भूमिका निभाने जा रही हैं। फिलहाल किसी राजनीतिक दल में शामिल होने या चुनाव लड़ने को लेकर कोई पुष्ट जानकारी सामने नहीं है।
डांडिया कार्यक्रम में भी हुईं शामिल
इस बीच दिव्या मित्तल की सार्वजनिक गतिविधियां भी चर्चा में हैं। हाल ही में वह मिर्जापुर के शिवाला महंत स्थित मधुबन गेस्ट हाउस में आयोजित डांडिया नाइट कार्यक्रम में शामिल हुईं। यहां उन्होंने महिलाओं के साथ डांडिया खेला और स्थानीय लोगों से मुलाकात की।
कार्यक्रम के दौरान उन्होंने कहा कि ऐसे आयोजन परंपरा और संस्कृति को जीवित रखने के साथ-साथ समाज में आपसी मेल-जोल को भी बढ़ावा देते हैं।
अब 15 अक्टूबर को होने वाले ऐलान का इंतजार है। उनकी घोषणा से ही उनके भविष्य की दिशा को लेकर स्थिति स्पष्ट होने की उम्मीद है।




