नई दिल्ली: भारत और भूटान के बीच डिजिटल भुगतान कनेक्टिविटी को नया विस्तार मिला है। भारत आने वाले भूटानी नागरिकों के लिए इंटरनेशनल यूपीआई (UPI) के दूसरे चरण की शुरुआत के साथ दोनों देशों के बीच दोतरफा यूपीआई आधारित भुगतान व्यवस्था पूरी हो गई है। इससे भूटान से भारत आने वाले यात्रियों को अपने घरेलू पेमेंट सिस्टम के माध्यम से यहां भुगतान करने की सुविधा मिलेगी।
विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने भूटान यात्रा के दौरान इंटरनेशनल यूपीआई के फेज-2 की शुरुआत की। उन्होंने कहा कि भूटान में यूपीआई के इस्तेमाल के साथ यह पहल भारत और भूटान के बीच दोतरफा डिजिटल पेमेंट कनेक्टिविटी को पूरा करती है।

भारत आने वाले भूटानी यात्रियों को मिलेगी सुविधा
इस व्यवस्था के तहत भूटान से भारत आने वाले पर्यटक और अन्य यात्री यूपीआई से जुड़े अपने घरेलू पेमेंट सिस्टम के जरिए भारतीय व्यापारियों को भुगतान कर सकेंगे। इससे नकदी रखने, मुद्रा बदलने या पारंपरिक अंतरराष्ट्रीय कार्ड नेटवर्क पर निर्भरता कम हो सकती है।

इस सुविधा का असर खासतौर पर होटल, रेस्तरां, टैक्सी, खुदरा दुकानों, हस्तशिल्प और अन्य छोटे कारोबारों पर पड़ सकता है। सीमा पार आने-जाने वाले यात्रियों के लिए छोटे भुगतान भी अधिक सुविधाजनक हो सकेंगे।
भारत में तेजी से बढ़ा UPI का दायरा
यूपीआई को शुरुआत में घरेलू डिजिटल भुगतान व्यवस्था को आसान बनाने के लिए विकसित किया गया था, लेकिन बड़े पैमाने पर इसके इस्तेमाल ने इसे भारत के डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर का महत्वपूर्ण हिस्सा बना दिया है।

जुलाई 2026 में यूपीआई के जरिए 741 बैंकों के माध्यम से करीब 29.87 लाख करोड़ रुपये के 2,365.8 करोड़ लेनदेन हुए। भारत अब यूपीआई की अंतरराष्ट्रीय पहुंच बढ़ाने पर भी काम कर रहा है।
यूपीआई या उससे जुड़े भुगतान तंत्र का विस्तार भूटान, नेपाल, सिंगापुर, यूएई, फ्रांस, श्रीलंका, मॉरीशस और कतर समेत कई देशों में हो चुका है। विभिन्न समझौतों के जरिए इसका दायरा अन्य देशों तक भी बढ़ाया जा रहा है।
पर्यटन और छोटे कारोबार को मिल सकता है लाभ
भारत और भूटान के बीच लोगों की आवाजाही और पर्यटन काफी महत्वपूर्ण है। ऐसे में दोनों देशों की भुगतान प्रणालियों के जुड़ने से यात्रियों के लिए सीमा पार भुगतान आसान होने की उम्मीद है।

पहले भारतीय पर्यटकों को भूटान में यूपीआई आधारित भुगतान की सुविधा मिली थी। अब भारत आने वाले भूटानी नागरिक भी इसी तरह डिजिटल भुगतान कर सकेंगे। इससे दोनों देशों के बीच भुगतान व्यवस्था एकतरफा सुविधा से आगे बढ़कर दोतरफा डिजिटल कनेक्शन में बदल गई है।
सीमा पार भुगतान में डिजिटल कनेक्टिविटी पर जोर
यूपीआई का अंतरराष्ट्रीय विस्तार केवल पर्यटकों के भुगतान तक सीमित नहीं है। इससे छोटे कारोबार, सेवाओं और सीमा पार होने वाले छोटे मूल्य के लेनदेन को डिजिटल माध्यम से करने के अवसर बढ़ सकते हैं।
भारत के पड़ोसी देशों के संदर्भ में यह व्यवस्था इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि इन देशों के बीच पर्यटन, व्यापार, रोजगार और लोगों की आवाजाही लगातार होती रहती है। डिजिटल भुगतान प्रणाली के जुड़ने से इन गतिविधियों में भुगतान से जुड़ी कुछ व्यावहारिक अड़चनें कम हो सकती हैं।
क्षेत्रीय डिजिटल कनेक्टिविटी की दिशा में कदम
भारत डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर के जरिए विभिन्न देशों के साथ तकनीकी सहयोग बढ़ा रहा है। यूपीआई इसका प्रमुख उदाहरण है। अलग-अलग देशों की तेज भुगतान प्रणालियों को आपस में जोड़ने से सीमा पार डिजिटल लेनदेन के लिए साझा आधार तैयार हो सकता है।
सिंगापुर के साथ यूपीआई और PayNow की कनेक्टिविटी इसका एक उदाहरण है। इसी तरह पड़ोसी देशों के साथ भुगतान प्रणालियों का विस्तार दक्षिण एशिया में डिजिटल कनेक्टिविटी को बढ़ाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल के रूप में देखा जा रहा है।
भारत-भूटान के बीच यूपीआई की दोतरफा कनेक्टिविटी से अब दोनों देशों के यात्रियों और कारोबारियों के लिए डिजिटल भुगतान का दायरा और व्यापक हुआ है।




