कानपुर। उत्तर प्रदेश की राजनीति में बयानबाजी के बीच पंचायती राज मंत्री और सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी (सुभासपा) के अध्यक्ष ओम प्रकाश राजभर ने समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव पर निशाना साधा है। कानपुर में एक निजी कार्यक्रम में पहुंचे राजभर ने अखिलेश यादव को जहूराबाद विधानसभा सीट से चुनाव लड़कर उनसे मुकाबला करने की चुनौती दी। उन्होंने कानून-व्यवस्था, महिला सुरक्षा और चुनाव में वोट चोरी के आरोपों को लेकर भी विपक्ष पर पलटवार किया।
अखिलेश को पुराने शासनकाल की दिलाई याद
मीडिया से बातचीत के दौरान राजभर से महिला सुरक्षा और दिल्ली में हुए विवाद को लेकर सवाल पूछे गए। इस पर उन्होंने अखिलेश यादव के नेतृत्व वाली पूर्ववर्ती समाजवादी पार्टी सरकार पर हमला बोला। राजभर ने आरोप लगाया कि सपा सरकार के कार्यकाल में प्रदेश में अपराधियों और माफिया का प्रभाव था तथा आम लोगों को भय के माहौल में रहना पड़ता था।
उन्होंने कहा कि अखिलेश यादव को मौजूदा कानून-व्यवस्था पर सवाल उठाने से पहले अपने शासनकाल के रिकॉर्ड पर भी नजर डालनी चाहिए। राजभर ने दावा किया कि उस समय खुलेआम असलहा लेकर घूमने वाले बदमाशों के कारण लोगों में डर बना रहता था।
वोट चोरी के आरोपों पर विपक्ष को घेरा
चुनावी प्रक्रिया और वोट चोरी के आरोपों पर भी राजभर ने विपक्षी दलों को घेरा। उन्होंने 2024 के लोकसभा चुनाव के नतीजों का हवाला देते हुए कहा कि चुनाव में समाजवादी पार्टी को 37 और कांग्रेस को छह सीटें मिलीं, जबकि भाजपा 240 सीटों पर सिमट गई।
राजभर ने सवाल उठाया कि जब विपक्षी दलों को चुनाव में इतनी सीटें मिलीं, तो चुनावी नतीजों के बाद वोट चोरी के आरोप क्यों लगाए जा रहे हैं। उन्होंने विपक्ष के आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि चुनाव परिणामों पर सवाल उठाने के लिए ठोस तथ्यों और साक्ष्यों के आधार पर बात होनी चाहिए।
यूपी की राजनीति में बयानबाजी तेज
राजभर के इस बयान को प्रदेश में सपा और सत्तारूढ़ गठबंधन के बीच जारी राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप के तौर पर देखा जा रहा है। जहूराबाद से चुनावी मुकाबले की चुनौती और अखिलेश यादव के शासनकाल पर की गई टिप्पणी के बाद राजनीतिक बहस तेज होने के संकेत हैं। हालांकि, राजभर के आरोपों और दावों पर अखिलेश यादव की प्रतिक्रिया इस खबर में उपलब्ध नहीं है।




