गोमती नदी में बढ़े जलस्तर और मंदिर तक जाने वाले रास्तों पर जलभराव के चलते कठवारा स्थित मां चंद्रिका देवी मंदिर में शारदीय नवरात्र के दौरान श्रद्धालुओं के प्रवेश पर रोक लगा दी गई है। श्रद्धालुओं की सुरक्षा को देखते हुए मंदिर प्रबंधन और प्रशासन ने यह फैसला लिया है। मंदिर के बाहर पुलिस, महिला पुलिस और पीएसी के जवान तैनात किए गए हैं।
अमावस्या पर दर्शन को पहुंचे भक्तों को लौटाया
शनिवार को अमावस्या के अवसर पर बड़ी संख्या में श्रद्धालु मां के दर्शन के लिए मंदिर पहुंचे, लेकिन मुख्य द्वार पर तैनात पुलिसकर्मियों ने उन्हें आगे जाने से रोक दिया। अधिकारियों ने बताया कि मंदिर के आसपास पानी भरा होने के कारण वहां तक पहुंचना जोखिम भरा है। ऐसे में सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए प्रवेश बंद रखा गया है।
समिति और प्रशासन की बैठक में फैसला
मां चंद्रिका देवी मेला विकास समिति और पुलिस प्रशासन के अधिकारियों की शुक्रवार को खाटू श्याम मंदिर परिसर में बैठक हुई। इसमें बाढ़ की स्थिति, मंदिर तक पहुंचने वाले रास्तों और स्थानीय दुकानदारों की समस्याओं पर चर्चा की गई। बैठक के बाद नवरात्र के दौरान श्रद्धालुओं के प्रवेश पर रोक जारी रखने का निर्णय लिया गया।
समिति अध्यक्ष अखिलेश सिंह चौहान और महामंत्री अनुराग तिवारी ने भक्तों से अपील की है कि वे फिलहाल घरों में ही घट स्थापना कर पूजा-अर्चना करें। उन्होंने कहा कि पानी कम होने और रास्तों के सुरक्षित होने पर प्रशासन के साथ स्थिति की समीक्षा की जाएगी।
मंदिर में नियमित पूजा और आरती जारी
श्रद्धालुओं के प्रवेश पर रोक के बावजूद मंदिर में पुजारियों द्वारा परंपरा के अनुसार मां का शृंगार, पूजन और आरती की जा रही है। मंदिर के मुख्य गेट से खाटू श्याम मंदिर और चंदनकुंड गांव तक मेले की दुकानें लगी हुई हैं।
फिलहाल प्रशासन की नजर जलस्तर और रास्तों की स्थिति पर बनी हुई है। पानी उतरने के बाद ही श्रद्धालुओं के लिए मंदिर दोबारा खोलने पर निर्णय लिया जाएगा। तब तक भक्तों से अपील की गई है कि वे सुरक्षा निर्देशों का पालन करें और जलभराव वाले रास्तों पर जाने से बचें।



