कानपुर। वाराणसी और नई दिल्ली के बीच वंदे भारत स्लीपर ट्रेन के संचालन को मंजूरी मिलने के बाद कानपुर समेत पूर्वांचल और मध्य उत्तर प्रदेश के यात्रियों को राहत मिलने की उम्मीद है। प्रस्तावित ट्रेन का कानपुर सेंट्रल स्टेशन पर ठहराव होगा। इससे दिल्ली, कानपुर, प्रयागराज और वाराणसी के बीच रात में आरामदायक यात्रा का विकल्प उपलब्ध होगा।
कानपुर के सांसद रमेश अवस्थी ने कानपुर सेंट्रल पर ट्रेन के ठहराव को शहर के लिए महत्वपूर्ण बताया। उनके मुताबिक, इससे व्यापार, पर्यटन और आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा मिल सकता है। खासकर उद्यमियों और नियमित यात्रियों के लिए दिल्ली और वाराणसी के बीच आवागमन आसान होने की उम्मीद है।
वाराणसी से रात 8:40 बजे चलेगी ट्रेन
रेलवे की प्रस्तावित समय-सारिणी के अनुसार, वाराणसी से ट्रेन रात 8:40 बजे रवाना होगी। पहले इसके रात 9:20 बजे चलने का प्रस्ताव था, लेकिन समय में बदलाव किया गया है। ट्रेन रात 10:05 बजे प्रयागराज और 11:50 बजे कानपुर सेंट्रल पहुंचेगी। इसके बाद सुबह 4:50 बजे नई दिल्ली पहुंचने का समय निर्धारित किया गया है।
इस तरह वाराणसी से नई दिल्ली के बीच सफर करीब 8 घंटे 10 मिनट में पूरा होगा।
वापसी में रात 11:25 बजे दिल्ली से रवाना
नई दिल्ली से ट्रेन रात 11:25 बजे रवाना होगी। यह तड़के 3:30 बजे कानपुर सेंट्रल और सुबह 5:38 बजे प्रयागराज पहुंचेगी। वाराणसी पहुंचने का निर्धारित समय सुबह 7:35 बजे है।
रात में यात्रा, सुबह दिल्ली
ट्रेन की प्रस्तावित टाइमिंग इस तरह रखी गई है कि यात्री रात में सफर कर सुबह दिल्ली पहुंच सकें। इससे व्यापार और अन्य जरूरी काम के लिए दिल्ली जाने वाले यात्रियों को दिन के समय का बेहतर उपयोग करने का विकल्प मिलेगा। इसी तरह दिल्ली से देर रात रवाना होकर यात्री सुबह वाराणसी पहुंच सकेंगे।
उद्घाटन की तारीख पर अभी अंतिम फैसला नहीं
प्रस्तावित हाईस्पीड स्लीपर ट्रेन का उद्घाटन 12 अक्टूबर 2026 को होने की संभावना जताई जा रही है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा ट्रेन को हरी झंडी दिखाए जाने की भी चर्चा है, हालांकि रेलवे प्रशासन की ओर से उद्घाटन की तारीख और अंतिम संचालन कार्यक्रम की आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है।
किराया और बुकिंग की तारीख का इंतजार
रेलवे की ओर से ट्रेन के नियमित संचालन की तारीख, किराया और टिकट बुकिंग शुरू होने की तिथि की विस्तृत जानकारी अभी जारी नहीं की गई है। आधिकारिक घोषणा के बाद टिकट बुकिंग शुरू होने की उम्मीद है।
कानपुर में ठहराव मिलने से शहर की दिल्ली और वाराणसी से रेल कनेक्टिविटी में सुधार की उम्मीद है। इससे औद्योगिक, व्यापारिक और पर्यटन गतिविधियों से जुड़े यात्रियों को तेज रेल सेवा का विकल्प मिल सकेगा।




