राम मंदिर की रसोई को मिलेगा ‘भोग प्रमाणपत्र’, प्रसाद की गुणवत्ता और स्वच्छता की हुई जांच; रामलला के श्रृंगार के लिए अब दिल्ली से आ रही हैं पुष्पमालाएं
राम मंदिर में रामलला को अर्पित किए जाने वाले भोग और प्रसाद की शुद्धता को लेकर अच्छी खबर सामने आई है। भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण (FSSAI) की प्रयोगशाला जांच में मंदिर की रसोई से लिए गए सभी नमूने निर्धारित मानकों के अनुरूप पाए गए हैं। इसके बाद श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट को ‘भोग प्रमाणपत्र’ दिए जाने की तैयारी है।
जांच में गुणवत्ता और स्वच्छता पर मुहर
खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग से मिली जानकारी के अनुसार, करीब दो महीने पहले राम मंदिर परिसर की सीता रसोई के भंडार गृह से नमूने लिए गए थे। जांच में सभी नमूने मानकों के अनुरूप मिले। प्रमाणपत्र मिलने के बाद राम मंदिर भी उन प्रमुख धार्मिक स्थलों की सूची में शामिल हो जाएगा, जहां भोग या प्रसाद की गुणवत्ता को FSSAI से प्रमाणन प्राप्त है।
इस प्रमाणन प्रक्रिया में खाद्य सामग्री की गुणवत्ता, पानी की शुद्धता, घी-तेल, बर्तनों की सफाई, रसोई की स्वच्छता और भोजन तैयार करने से जुड़े सुरक्षा मानकों का आकलन किया जाता है।
रोज तैयार होता है रामलला का भोग
रामजन्मभूमि परिसर स्थित सीता रसोई में प्रतिदिन रामलला के लिए भोग तैयार किया जाता है। इसके लिए कर्मचारी अलग-अलग जिम्मेदारियां संभालते हैं। विशेष अवसरों पर भगवान को 56 प्रकार के व्यंजन अर्पित किए जाते हैं, जबकि एकादशी और अन्य विशेष तिथियों पर फलाहार की व्यवस्था रहती है। फल और जूस भी नियमित रूप से अर्पित किए जाते हैं।
भोग अर्पित किए जाने के बाद प्रसाद को मंदिर ट्रस्ट के कर्मचारियों, पुजारियों और श्रद्धालुओं में वितरित किया जाता है।
दिल्ली से आ रहीं रामलला के श्रृंगार की मालाएं
राम मंदिर में भोग की गुणवत्ता से जुड़ी खबर के बीच रामलला के श्रृंगार की व्यवस्था में भी बदलाव हुआ है। पहले भगवान के लिए पुष्पहार और कंठहार बेंगलुरु तथा मुंबई से मंगाए जाते थे, लेकिन अब ये पुष्पमालाएं दिल्ली से भेजी जा रही हैं।
जानकारी के मुताबिक, विभिन्न प्रकार के सुगंधित फूलों की मालाओं को सुरक्षित रखने के लिए बर्फ से युक्त बड़े डिब्बों में पैक किया जाता है। इन्हें यात्री बस के जरिए अयोध्या पहुंचाया जाता है। अगले दिन इन्हीं फूलों से रामलला का श्रृंगार किया जाता है। सुबह छह बजे होने वाली श्रृंगार आरती का दूरदर्शन के माध्यम से प्रसारण भी किया जाता है।
राम मंदिर में भोग की गुणवत्ता की जांच और श्रृंगार की व्यवस्था में आए बदलाव श्रद्धालुओं के लिए चर्चा का विषय बने हुए हैं।




