रक्षामंत्री ने लखनऊ में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर चुनाव आयोग पर लगाए जा रहे आरोपों को नकारा, कहा- लोकतंत्र में टकराव नहीं, संवाद का रास्ता अपनाएं
रक्षामंत्री राजनाथ सिंह ने वोट चोरी के आरोपों को लेकर कांग्रेस और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी पर निशाना साधा। लखनऊ में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में उन्होंने कहा कि कांग्रेस अपनी चुनावी हार की जिम्मेदारी लेने के बजाय चुनाव आयोग पर आरोप लगा रही है। उनके मुताबिक, कांग्रेस की लगातार चुनावी पराजय की वजह वोट चोरी नहीं, बल्कि कामकाज में नाकामी है।
राजनाथ सिंह ने आरोप लगाया कि कांग्रेस और उसके सहयोगी दल युवाओं की ऊर्जा का इस्तेमाल अराजकता फैलाने के लिए कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में असहमति और विरोध का अधिकार है, लेकिन हिंसा और व्यवस्था को अस्थिर करने की कोशिश स्वीकार्य नहीं हो सकती। उन्होंने राहुल गांधी से जनमत का सम्मान करने और देश के विकास में सहयोग देने की अपील भी की।
‘चुनाव आयोग को बदनाम करने की कोशिश’
रक्षामंत्री ने कहा कि चुनाव आयोग एक संवैधानिक संस्था है और उस पर लगाए जा रहे आरोपों से उसकी विश्वसनीयता प्रभावित करने का प्रयास हो रहा है। उन्होंने दावा किया कि भाजपा ने चुनावी प्रक्रिया और संवैधानिक संस्थाओं का सम्मान किया है। राहुल गांधी के ‘हाइड्रोजन बम’ वाले दावे पर तंज कसते हुए उन्होंने कहा कि वह दिवाली के पटाखे जैसा साबित हुआ।
राजनाथ सिंह ने कांग्रेस की चुनावी स्थिति का उल्लेख करते हुए कहा कि वर्ष 1984 के बाद पार्टी केंद्र में पूर्ण बहुमत की सरकार नहीं बना सकी, जबकि भाजपा ने दो लोकसभा सीटों से अपनी राजनीतिक यात्रा आगे बढ़ाते हुए 2014 और 2019 में पूर्ण बहुमत हासिल किया।
कांग्रेस के शासनकाल पर भी उठाए सवाल
रक्षामंत्री ने कांग्रेस के इतिहास का जिक्र करते हुए आपातकाल, 1984 के सिख विरोधी दंगों और 1990 में रामभक्तों पर हुई कार्रवाई जैसे मुद्दों को उठाया। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस के शासनकाल में लोकतांत्रिक मूल्यों और संवैधानिक व्यवस्था को नुकसान पहुंचा।
उन्होंने आपातकाल का उल्लेख करते हुए कहा कि उस दौर में लोकतांत्रिक अधिकारों पर अंकुश लगाया गया था। राजनाथ सिंह ने यह भी आरोप लगाया कि कांग्रेस के शासन में चुनाव आयोग की स्वतंत्रता को प्रभावित करने वाले कदम उठाए गए। उन्होंने 1993 में चुनाव आयुक्तों की नियुक्ति और बाद में नवीन चावला के मुख्य चुनाव आयुक्त बनने का मुद्दा भी उठाया।
चुनाव स्थगित करने के मुद्दे पर कांग्रेस को घेरा
राजनाथ सिंह ने चुनाव स्थगित करने की प्रक्रिया पर भी सवाल उठाए। उन्होंने राजीव गांधी की मृत्यु के बाद लोकसभा चुनाव स्थगित किए जाने का संदर्भ देते हुए पूछा कि क्या किसी एक उम्मीदवार की मृत्यु होने पर पूरे देश का चुनाव रोकना उचित था। उन्होंने कहा कि चुनावी प्रक्रिया और उससे जुड़े फैसलों पर चर्चा तथ्यों तथा नियमों के आधार पर होनी चाहिए।
रक्षामंत्री ने राहुल गांधी को सलाह दी कि वे चुनाव आयोग और लोकतांत्रिक संस्थाओं पर आरोप लगाने के बजाय जनादेश का सम्मान करें। उन्होंने कहा कि देश के भविष्य की जिम्मेदारी सभी राजनीतिक दलों की है और लोकतंत्र को मजबूत करने के लिए टकराव के बजाय संवाद का रास्ता अपनाया जाना चाहिए।
राजनाथ सिंह के बयान ऐसे समय आए हैं, जब वोटर सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) और चुनावी प्रक्रिया को लेकर राजनीतिक दलों के बीच आरोप-प्रत्यारोप जारी हैं।




