आगरा। ताजमहल का दीदार करने आने वाले देशी-विदेशी पर्यटकों के लिए अच्छी खबर है। आगरा में खेरिया एयरपोर्ट के नए सिविल एन्क्लेव और रनवे का निर्माण कार्य तेजी से चल रहा है। करीब 570 करोड़ रुपये की लागत से तैयार हो रही इस परियोजना का काम 30 नवंबर तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है, जबकि दिसंबर में इसके उद्घाटन की तैयारी है। नए टर्मिनल के शुरू होने से आगरा की हवाई कनेक्टिविटी बेहतर होने और पर्यटन कारोबार को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।
परियोजना के लिए धनौली, बल्हैरा और अभयपुरा गांवों की करीब 60 हेक्टेयर जमीन अधिग्रहित की गई है। नए सिविल एन्क्लेव का निर्माण निर्धारित समय से पीछे चल रहा है। इसकी प्रमुख वजह निर्माण क्षेत्र में आने वाले 407 पेड़ों से जुड़ी अनुमति की प्रक्रिया रही। जुलाई में सुप्रीम कोर्ट ने 286 पेड़ों को काटने और 121 पेड़ों को दूसरी जगह स्थानांतरित करने की अनुमति दी थी। इसके बाद निर्माण कार्य में तेजी आई।
सालाना 25 लाख यात्रियों को संभालने की क्षमता
आगरा एयरपोर्ट अथॉरिटी के निदेशक विवेक कुमार शर्मा के अनुसार, नया सिविल एन्क्लेव करीब 33,845 वर्गमीटर क्षेत्र में विकसित किया जा रहा है। इसकी वार्षिक यात्री क्षमता लगभग 25 लाख होगी। टर्मिनल में आधुनिक चेक-इन और बैगेज सुविधाओं के साथ एक समय में करीब 1,400 यात्रियों के आवागमन की व्यवस्था होगी।
यात्रियों की सुविधा के लिए यहां 32 चेक-इन काउंटर, डिजी यात्रा, सेल्फ चेक-इन और विमान में सीधे बोर्डिंग की सुविधा उपलब्ध कराने की योजना है। इसके अलावा 12 लिफ्ट, छह एस्केलेटर और अंतरराष्ट्रीय यात्रियों के लिए दो कन्वेयर बेल्ट की व्यवस्था होगी।
पार्किंग के लिए 400 कारों की क्षमता वाली मल्टीलेवल पार्किंग और 200 वाहनों के लिए खुली पार्किंग बनाई जा रही है। इलेक्ट्रिक वाहनों की चार्जिंग के लिए 33 चार्जिंग प्वाइंट भी स्थापित किए जाएंगे।
नौ विमानों की पार्किंग, नाइट लैंडिंग की सुविधा
नए सिविल एन्क्लेव में रनवे का करीब 800 मीटर विस्तार किया जा रहा है। इसके साथ दो लिंक टैक्सी रनवे और 365 मीटर लंबा तथा 88 मीटर चौड़ा एप्रन विकसित किया जाएगा। यहां एक साथ नौ विमानों की पार्किंग की सुविधा होगी। प्रस्तावित व्यवस्था में बोइंग 747 और एयरबस ए320 जैसे विमानों को संभालने की क्षमता भी शामिल है।
परियोजना में कैट-2 श्रेणी की नाइट लैंडिंग सुविधा विकसित करने की योजना है। बिजली की जरूरत पूरी करने और ऊर्जा बचत के लिए 500 किलोवाट क्षमता का सोलर प्लांट लगाया जाएगा। इसके अलावा सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट भी बनाया जाएगा। सिविल एन्क्लेव से करीब 500 मीटर की दूरी पर कार्गो टर्मिनल का निर्माण भी किया जा रहा है।
बेंगलुरु की फ्लाइट रोजाना, मुंबई की सेवा भी बढ़ी
खेरिया एयरपोर्ट से फिलहाल बेंगलुरु और मुंबई के लिए उड़ानें संचालित हो रही हैं। एयरपोर्ट प्रशासन के मुताबिक, बेंगलुरु की फ्लाइट अब सप्ताह में पांच दिन के बजाय प्रतिदिन संचालित की जा रही है। वहीं नवी मुंबई की उड़ान भी सप्ताह में दो दिन से बढ़ाकर तीन दिन कर दी गई है।
हैदराबाद, लखनऊ और अहमदाबाद के लिए बंद पड़ी उड़ानों को दोबारा शुरू करने के संबंध में 15 अक्टूबर को निर्णय होने की बात कही गई है। इन उड़ानों का प्रस्ताव भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण को भेजा गया है। अनुमति मिलने पर आगरा से इन शहरों के लिए हवाई सेवाएं फिर शुरू हो सकती हैं।
एक साल में 89 हजार से अधिक बढ़े हवाई यात्री
आगरा एयरपोर्ट पर यात्रियों की संख्या में उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई है। एयरपोर्ट अथॉरिटी के आंकड़ों के अनुसार, वित्तीय वर्ष 2024-25 में 1,65,233 यात्रियों ने हवाई सफर किया था। वहीं वित्तीय वर्ष 2025-26 में यह संख्या बढ़कर 2,54,650 हो गई।
इस तरह एक वर्ष में यात्रियों की संख्या में 89,417 की वृद्धि हुई। वर्ष 2025-26 में 1,28,423 यात्री हवाई मार्ग से आगरा पहुंचे, जबकि 1,26,227 यात्रियों ने यहां से प्रस्थान किया। बढ़ते यात्री आंकड़ों को देखते हुए नए टर्मिनल को आगरा की भविष्य की जरूरतों के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
पर्यटन और रोजगार को मिलेगी नई गति
सिविल सोसायटी ऑफ आगरा के सदस्य राजीव सक्सेना के मुताबिक, नया सिविल एन्क्लेव आगरा ही नहीं, बल्कि पूरे उत्तर प्रदेश के पर्यटन क्षेत्र के लिए महत्वपूर्ण साबित हो सकता है। ताजमहल और अन्य ऐतिहासिक स्थलों को देखने आने वाले विदेशी पर्यटकों को बेहतर हवाई संपर्क मिलने से यात्रा आसान हो सकती है।
होटल एंड रेस्टोरेंट एसोसिएशन के अध्यक्ष रमेश वाधवा का मानना है कि हवाई सेवाओं के विस्तार से होटल, रेस्टोरेंट और पर्यटन से जुड़े कारोबार को लाभ मिल सकता है। वहीं वरिष्ठ टूरिस्ट गाइड राजीव सिंह के अनुसार, सीधी उड़ानों की उपलब्धता बढ़ने से पर्यटकों का समय और यात्रा खर्च बच सकता है। इससे आगरा में पर्यटकों के ठहरने की अवधि बढ़ने की संभावना भी है।
स्थानीय निवासियों के मुताबिक, निर्माण कार्य से फिलहाल सैकड़ों लोगों को रोजगार मिल रहा है। परियोजना शुरू होने के बाद एयरपोर्ट संचालन, परिवहन, आतिथ्य और पर्यटन से जुड़े क्षेत्रों में रोजगार के अतिरिक्त अवसर पैदा होने की उम्मीद है।
2012 में तैयार हुई थी योजना
आगरा में नए सिविल एन्क्लेव की योजना पर एक दशक से अधिक समय से काम चल रहा है। वर्ष 2012 में इसके लिए प्रस्ताव तैयार किया गया था। वर्ष 2014 में जमीन अधिग्रहण की प्रक्रिया आगे बढ़ी और 2016 में भूमि अधिग्रहण की दिशा में काम हुआ। वर्ष 2018 में जमीन अधिग्रहित कर चारदीवारी का निर्माण शुरू किया गया।
इसके बाद हवाई यातायात बढ़ाने और निर्माण से जुड़ी प्रक्रियाओं के कारण परियोजना में देरी हुई। जनवरी 2023 में सुप्रीम कोर्ट ने आगरा में उड़ानों की संख्या बढ़ाने की अनुमति दी। अक्टूबर 2024 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नए सिविल एन्क्लेव का वर्चुअल शिलान्यास किया।
अब परियोजना का निर्माण पूरा होने और दिसंबर में उद्घाटन की संभावित समयसीमा पर नजर है। नया टर्मिनल शुरू होने के बाद आगरा की हवाई सुविधाओं में कितना विस्तार होता है, यह उड़ानों की संख्या, एयरलाइंस की योजनाओं और अंतरराष्ट्रीय सेवाओं को मिलने वाली मंजूरी पर निर्भर करेगा।




