सीईओ नवदीप रिणवा ने डीएम, पुलिस आयुक्तों और एसएसपी को दिए निर्देश; बूथों की सुविधाओं, सुरक्षा, मोबाइल नेटवर्क और ईवीएम वेयरहाउस की निगरानी पर जोर
उत्तर प्रदेश में 2027 विधानसभा चुनाव की तैयारियां अब प्रशासनिक स्तर पर भी तेज हो गई हैं। मुख्य निर्वाचन अधिकारी नवदीप रिणवा ने बुधवार को जिला निर्वाचन अधिकारियों, जिलाधिकारियों, पुलिस आयुक्तों और वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए बैठक कर चुनावी तैयारियों की समीक्षा की। उन्होंने सभी जिलों में एक सप्ताह के भीतर सेक्टर ऑफिसर और सेक्टर पुलिस ऑफिसर की तैनाती पूरी करने के निर्देश दिए।
संवेदनशील क्षेत्रों के लिए सक्षम अधिकारियों की तैनाती
सीईओ ने कहा कि निर्वाचन आयोग के प्रावधानों के अनुसार चुनाव से करीब चार महीने पहले सेक्टर और सेक्टर पुलिस अधिकारियों की नियुक्ति की जाती है। ऐसे में अधिकारियों के चयन में उनकी क्षमता और संवेदनशील क्षेत्रों में काम करने के अनुभव को ध्यान में रखा जाए। नियुक्ति के बाद मास्टर ट्रेनर्स के माध्यम से उन्हें निर्वाचन संबंधी जिम्मेदारियों और नियमों का प्रशिक्षण भी दिया जाएगा।
बूथों पर सुविधाओं की होगी जांच
बैठक में मतदान केंद्रों की व्यवस्थाओं को लेकर भी दिशा-निर्देश जारी किए गए। सेक्टर अधिकारियों को अपने क्षेत्र के सभी मतदेय स्थलों का स्थलीय निरीक्षण करने को कहा गया है। निरीक्षण के दौरान बिजली, फर्नीचर, रैंप, शौचालय, छाया, पेयजल और बूथ तक पहुंचने वाले मार्ग जैसी सुविधाओं की स्थिति देखी जाएगी।
जहां कोई कमी मिलेगी, वहां सेक्टर अधिकारी अपनी रिपोर्ट जिला निर्वाचन अधिकारी को देंगे। इसके बाद संबंधित विभागों के साथ समन्वय कर कमियों को समयबद्ध तरीके से दूर कराने की व्यवस्था की जाएगी।
बिना नेटवर्क वाले बूथों की भी होगी पहचान
निर्वाचन आयोग ने मतदान केंद्रों पर मोबाइल नेटवर्क की उपलब्धता सुनिश्चित करने पर भी जोर दिया है। जिन बूथों पर नेटवर्क की समस्या है, उनकी अलग सूची तैयार की जाएगी। संबंधित टेलीकॉम सेवा प्रदाताओं के साथ समन्वय कर वहां कनेक्टिविटी उपलब्ध कराने के प्रयास किए जाएंगे, ताकि मतदान के दौरान संचार व्यवस्था प्रभावित न हो।
ईवीएम वेयरहाउस की सुरक्षा पर नजर
ईवीएम वेयरहाउस को लेकर भी अधिकारियों को नियमित निरीक्षण के निर्देश दिए गए हैं। सुरक्षा व्यवस्था को निर्धारित मानकों के अनुरूप बनाए रखने के साथ कैमरों की रिकॉर्डिंग और उसके बैकअप की निगरानी करने को कहा गया है। वेयरहाउस में किसी तरह की तकनीकी या रखरखाव संबंधी समस्या सामने आने पर उसे समय रहते दूर करने के निर्देश दिए गए हैं।
क्रिटिकल बूथों की सूची होगी तैयार
बैठक में वल्नरेबिलिटी मैपिंग को भी चुनावी तैयारियों का अहम हिस्सा बताया गया। सेक्टर अधिकारियों और सेक्टर पुलिस अधिकारियों को वीएम-1 फॉर्मेट उपलब्ध कराया जाएगा। इसमें पिछले चुनावों से जुड़े आपराधिक मामले, जातिगत हिंसा, आचार संहिता उल्लंघन, जब्ती और पुनर्मतदान जैसी संवेदनशील सूचनाएं दर्ज होती हैं।
इन्हीं निर्धारित मानकों के आधार पर क्रिटिकल मतदेय स्थलों की पहचान कर उनकी सूची समय से तैयार करने के निर्देश दिए गए हैं।




