मथुरा। वृंदावन में प्रसिद्ध संत प्रेमानंद महाराज के शिष्य 25 वर्षीय रसिक दुलारी शरण उर्फ दीपक की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। 25 सितंबर को गुरु कृपा कुंज सोसाइटी की चौथी मंजिल से गिरने के बाद दीपक की मौत हो गई थी। घटना का सीसीटीवी फुटेज भी सामने आया है, जिसमें वह इमारत से नीचे गिरता दिखाई दे रहा है। पुलिस फिलहाल मामले की हर पहलू से जांच कर रही है।
मूल रूप से मध्य प्रदेश के जबलपुर निवासी दीपक करीब दो वर्ष पहले वृंदावन आए थे और प्रेमानंद महाराज से दीक्षा लेने के बाद उन्होंने अपना नाम रसिक दुलारी शरण रख लिया था। घटना के बाद से ही उनकी मौत को लेकर कई सवाल उठ रहे हैं। जहां पुलिस की शुरुआती जांच में घटना को आत्महत्या से जोड़कर देखा जा रहा है, वहीं परिजन और कुछ संत इसे संदिग्ध मानते हुए निष्पक्ष जांच की मांग कर रहे हैं।
पोस्टमार्टम में सात चोटों की पुष्टि
पुलिस की मौजूदगी में 26 सितंबर को शव का पोस्टमार्टम कराया गया। रिपोर्ट में शरीर के अलग-अलग हिस्सों पर सात चोटों का उल्लेख सामने आया है। रिपोर्ट के मुताबिक अत्यधिक रक्तस्राव को मौत का प्रमुख कारण बताया गया है। पुलिस ने मोबाइल फोन, खून के नमूने और सीसीटीवी की डीवीआर समेत अन्य साक्ष्यों को जांच के लिए सुरक्षित किया है।
मामले में एक अन्य अहम पहलू यह भी सामने आया है कि घटनास्थल से खून से सना ग्राइंडर मिला था और मृतक के शरीर पर गंभीर चोटें थीं। पुलिस इन परिस्थितियों को जोड़कर घटना की कड़ियां तलाश रही है। अधिकारियों का कहना है कि जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा कि पूरी घटना किन परिस्थितियों में हुई।
परिजनों ने आश्रम प्रबंधन पर लगाए गंभीर आरोप
घटना की जानकारी मिलने के बाद जबलपुर से मथुरा पहुंचे परिजनों ने शव का अंतिम संस्कार यमुना तट पर किया। परिजनों का आरोप है कि दीक्षा लेने के बाद पिछले करीब दो वर्षों से उन्हें दीपक से सीधे बातचीत करने का मौका नहीं मिला। उनका कहना है कि जब भी वे आश्रम आते थे, उन्हें दीपक से मिलने नहीं दिया जाता था।
परिजनों की ओर से लगाए गए इन आरोपों के बाद पुलिस ने मोबाइल फोन और अन्य उपलब्ध साक्ष्यों की जांच शुरू कर दी है। पुलिस आश्रम में रहने वाले अन्य लोगों से भी पूछताछ कर घटनाक्रम की जानकारी जुटा रही है।
संतों ने उठाई उच्चस्तरीय जांच की मांग
घटना को लेकर ब्रज के कई साधु-संतों में भी नाराजगी है। संतों ने मामले की निष्पक्ष और उच्चस्तरीय जांच की मांग करते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से सीबीआई जांच कराने की मांग की है। वहीं सामाजिक कार्यकर्ता प्रहलाद कृष्ण शुक्ला ने इलाहाबाद हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश को पत्र भेजकर एसआईटी या मजिस्ट्रियल जांच की मांग की है।
संतों ने वृंदावन में आश्रमों और साधु-संतों की गतिविधियों की निगरानी बढ़ाने तथा सभी साधुओं के पुलिस सत्यापन की मांग भी उठाई है। कुछ संतों ने धार्मिक नगरी में जमीन से जुड़े विवादों और कथित अवैध कब्जों का मुद्दा भी उठाया है। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि अभी नहीं हुई है।
जांच के बाद साफ होगी मौत की असली वजह
फिलहाल पुलिस सीसीटीवी फुटेज, मोबाइल डाटा, पोस्टमार्टम रिपोर्ट और घटनास्थल से मिले अन्य साक्ष्यों को आधार बनाकर जांच आगे बढ़ा रही है। सीसीटीवी फुटेज में दीपक के चौथी मंजिल से गिरने की घटना रिकॉर्ड हुई है, लेकिन उससे पहले की परिस्थितियों और मौत की पूरी वजह को लेकर जांच जारी है।
ऐसे में पुलिस जांच और फोरेंसिक रिपोर्ट के आधार पर ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि रसिक दुलारी शरण की मौत आत्महत्या थी या इसके पीछे कोई अन्य परिस्थिति या साजिश थी।




