अयोध्या: कांग्रेस के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष अजय राय अपने जन्मदिन के अवसर पर बुधवार को काशी से अयोध्या पहुंचे। उन्होंने राम मंदिर में रामलला के दर्शन-पूजन किए। इसके बाद हनुमानगढ़ी पहुंचकर बजरंगबली का दर्शन कर आशीर्वाद लिया। इस दौरान उन्होंने उत्तर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष पद से हटाए जाने के सवाल पर कहा कि यह पार्टी का निर्णय है और वह कांग्रेस नेतृत्व के हर फैसले का सम्मान करते हैं।
अजय राय ने कहा कि पार्टी ने उन्हें जिस समय जो जिम्मेदारी दी, उन्होंने पूरी ताकत और ईमानदारी से उसे निभाने का प्रयास किया। अब भी उनका उद्देश्य कांग्रेस को मजबूत करना है और आगे भी पार्टी के लिए पूरी निष्ठा से काम करते रहेंगे।
उन्होंने कहा कि मौजूदा समय व्यक्तिगत हित का नहीं, बल्कि देश और राष्ट्र के हित का है। कांग्रेस को मजबूत करना ही उनकी प्राथमिकता है। 2027 के विधानसभा चुनाव को लेकर अजय राय ने दावा किया कि कांग्रेस प्रदेश में मजबूती से आगे बढ़ रही है और आगामी चुनाव में सरकार बनाने की दिशा में काम कर रही है।
गठबंधन पर फैसला राष्ट्रीय नेतृत्व करेगा
2027 के विधानसभा चुनाव में गठबंधन को लेकर पूछे गए सवाल पर अजय राय ने कहा कि इस संबंध में अंतिम निर्णय कांग्रेस का राष्ट्रीय नेतृत्व करेगा। उन्होंने कहा कि पार्टी के कार्यकर्ता अपने स्तर पर संगठन को मजबूत करने और जनता के बीच कांग्रेस की नीतियों को पहुंचाने का काम कर रहे हैं।
जन्मदिन पर रामनगरी पहुंचना सौभाग्य की बात
अजय राय ने कहा कि जन्मदिन के दिन रामनगरी आकर भगवान राम के दर्शन करना उनके लिए सौभाग्य की बात है। उन्होंने कहा कि उनकी प्राथमिकता जनता की सेवा करना और लगातार लोगों के बीच बने रहना है।
उन्होंने कहा कि भगवान राम की कृपा बनी रहे, वह जनता की सेवा करते रहें, कांग्रेस को मजबूत करने के लिए काम करें और लोगों के बीच प्रेम और सौहार्द का संदेश देते रहें।
आराधना मिश्रा ‘मोना’ को मिली प्रदेश अध्यक्ष की जिम्मेदारी
गौरतलब है कि कांग्रेस ने शुक्रवार देर शाम अजय राय की जगह आराधना मिश्रा ‘मोना’ को उत्तर प्रदेश कांग्रेस कमेटी का नया प्रदेश अध्यक्ष नियुक्त किया था। पार्टी ने अजय राय के कार्यकाल और संगठन के लिए उनके योगदान की भी सराहना की थी।
अगस्त 2023 में प्रदेश अध्यक्ष की जिम्मेदारी संभालने वाले अजय राय ने तीन साल से अधिक के कार्यकाल में कांग्रेस को प्रदेश की राजनीति में मजबूत करने के लिए लगातार सक्रिय भूमिका निभाई। वह विभिन्न मुद्दों पर प्रदेश सरकार को घेरते रहे और पार्टी की मुखर आवाज बने रहे।
2024 के लोकसभा चुनाव में समाजवादी पार्टी के साथ गठबंधन के दौरान भी अजय राय ने तत्कालीन प्रदेश प्रभारी अविनाश पांडे के साथ मिलकर संगठन को सक्रिय रखा। कांग्रेस ने 2019 के लोकसभा चुनाव में जहां उत्तर प्रदेश में सिर्फ एक सीट जीती थी, वहीं 2024 में पार्टी छह सीटों पर जीत दर्ज करने में सफल रही।
वाराणसी लोकसभा सीट पर अजय राय ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ भी चुनाव लड़ा था। इसके बाद प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष के रूप में उनका कार्यकाल पार्टी के लिए महत्वपूर्ण माना गया।




