कांग्रेस ने सपा नेतृत्व को सौंपी विधानसभा सीटों की सूची, अखिलेश यादव की पार्टी 40-50 से अधिक सीटें देने के पक्ष में नहीं; प्रत्याशियों के नाम भी मांगे
उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2027 को लेकर इंडिया गठबंधन में सीटों के बंटवारे पर बातचीत शुरू हो गई है। कांग्रेस ने समाजवादी पार्टी (सपा) के सामने करीब 125 से 130 विधानसभा सीटों पर चुनाव लड़ने की इच्छा जताई है। सूत्रों के मुताबिक, कांग्रेस नेतृत्व ने इन सीटों की सूची सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव को सौंप दी है। हालांकि, सपा इतनी बड़ी संख्या में सीटें देने के पक्ष में नहीं दिख रही है। पार्टी नेतृत्व पिछले विधानसभा चुनाव में कांग्रेस के प्रदर्शन का हवाला देते हुए उसे 40 से 50 सीटों तक सीमित रखने के पक्ष में बताया जा रहा है।
खरगे ने अखिलेश यादव को सौंपी सीटों की सूची
इंडिया गठबंधन से जुड़े सूत्रों के अनुसार, कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने सीधे सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव को उन विधानसभा सीटों की सूची दी है, जहां कांग्रेस अपने चुनाव चिह्न पर प्रत्याशी उतारना चाहती है। बताया जा रहा है कि सूची तैयार करने से पहले दिल्ली में कांग्रेस के शीर्ष नेतृत्व ने उत्तर प्रदेश के नेताओं के साथ बैठक की थी। इसमें प्रियंका गांधी भी मौजूद थीं।
बैठक के दौरान प्रदेश के नेताओं से अलग-अलग विधानसभा क्षेत्रों की स्थिति और संभावित उम्मीदवारों को लेकर फीडबैक लिया गया। इसी आधार पर सीटों की सूची तैयार कर सपा नेतृत्व को सौंपी गई। हालांकि, दोनों दलों की ओर से सीटों की संख्या को लेकर कोई आधिकारिक जानकारी नहीं दी गई है।
सपा ने कांग्रेस से मांगे प्रत्याशियों के नाम
सूत्रों के मुताबिक, सपा नेतृत्व ने कांग्रेस से उन उम्मीदवारों के नाम भी मांगे हैं, जिन्हें पार्टी संबंधित सीटों पर चुनाव लड़ाना चाहती है। इसके जरिए सपा कांग्रेस की दावेदारी और उम्मीदवारों की स्थिति का आकलन करना चाहती है। माना जा रहा है कि प्रत्याशियों की सूची मिलने के बाद सीटों को लेकर बातचीत आगे बढ़ सकती है।
सपा की ओर से कांग्रेस को 40 से 50 से अधिक सीटें देने पर सहमति नहीं होने की बात सामने आ रही है। पार्टी का तर्क बताया जा रहा है कि पिछले विधानसभा चुनाव में कांग्रेस का प्रदर्शन कमजोर रहा था। ऐसे में सीटों का बंटवारा पिछले चुनाव के नतीजों और दोनों दलों की मौजूदा राजनीतिक स्थिति को ध्यान में रखकर किया जाना चाहिए।
सपा 340-350 सीटों पर लड़ना चाहती है चुनाव
पिछले विधानसभा चुनाव में सपा ने 403 में से 347 सीटों पर अपने चुनाव चिह्न साइकिल के साथ प्रत्याशी उतारे थे। बाकी सीटें गठबंधन के सहयोगी दलों के लिए छोड़ी गई थीं। सूत्रों के अनुसार, इस बार भी सपा करीब 340 से 350 सीटों पर अपने उम्मीदवार उतारना चाहती है।
सपा नेतृत्व का मानना बताया जा रहा है कि पार्टी के चुनाव चिह्न पर लड़ने से उम्मीदवारों को संगठन और मतदाताओं के बीच पहचान का लाभ मिलता है। इसी वजह से पार्टी अधिकतर सीटें अपने पास रखना चाहती है।
दावेदारी वाली सीटों पर फिलहाल उम्मीदवार घोषित नहीं करेगी सपा
सीट बंटवारे को लेकर बातचीत के बीच सपा ने कांग्रेस की ओर से दावा की गई सीटों पर अपने आधिकारिक उम्मीदवारों की घोषणा फिलहाल रोकने का फैसला किया है। सूत्रों के मुताबिक, गठबंधन की वार्ता पूरी होने के बाद ही इन सीटों पर प्रत्याशियों को लेकर निर्णय लिया जाएगा।
फिलहाल सीटों की संख्या और उम्मीदवारों को लेकर दोनों दलों के बीच सहमति बनना बाकी है। ऐसे में यूपी विधानसभा चुनाव से पहले इंडिया गठबंधन के भीतर सीट बंटवारे की बातचीत राजनीतिक रूप से अहम मानी जा रही है।




