जानकारी के मुताबिक, शिवा शर्मा हत्याकांड में नाम सामने आने के बाद से श्रद्धा दुबे फरार है। उसकी तलाश में पुलिस और एसटीएफ की टीमें लगातार संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही हैं। घटना के बाद उसके बहराइच के रास्ते नेपाल जाने की बात सामने आई थी। इसी बीच लखनऊ पुलिस को सूचना मिली कि वह भगवानपुर के रास्ते नेपाल से भारत में प्रवेश कर सकती है। इस सूचना के आधार पर संयुक्त टीम सीमावर्ती बाजार पहुंची और जांच-पड़ताल शुरू की।
तीन से चार घंटे तक खंगाले सीसीटीवी फुटेज
पुलिस टीम ने भगवानपुर बाजार में सीसीटीवी कैमरे लगे दुकानों और अन्य प्रतिष्ठानों की रिकॉर्डिंग देखी। करीब तीन से चार घंटे तक चली कार्रवाई के दौरान दुकानदारों से संभावित संदिग्ध गतिविधियों के बारे में जानकारी जुटाई गई। पुलिस ने यह भी पता लगाने की कोशिश की कि क्या नेपाल की ओर से बुर्का पहने कोई महिला भारतीय सीमा में दाखिल हुई थी।
स्थानीय पुलिस ने भी जांच में सहयोग किया। टीम ने संभावित स्थानीय मददगारों के बारे में जानकारी जुटाने का प्रयास किया। पूछताछ और फुटेज की जांच के बाद लखनऊ से आई टीम वापस लौट गई। हालांकि, इस कार्रवाई में कोई महत्वपूर्ण सुराग मिलने की आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है। श्रद्धा के सीमा पार आने की आशंका के मद्देनजर सीमावर्ती इलाके में निगरानी बढ़ाए जाने की भी जानकारी है।
श्रद्धा समेत तीन आरोपियों के खिलाफ गैर-जमानती वारंट
इस मामले में पुलिस की कार्रवाई तेज हो गई है। रिपोर्ट के मुताबिक, 25 हजार रुपये की इनामी श्रद्धा दुबे, उसकी बहन रश्मि समेत तीन आरोपियों के खिलाफ शुक्रवार को अदालत ने गैर-जमानती वारंट (NBW) जारी किया। हजरतगंज पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ वारंट जारी करने के लिए अदालत में आवेदन दिया था।
पुलिस आयुक्त तरुण गाबा के अनुसार, शिवा शर्मा की मां की शिकायत पर हजरतगंज कोतवाली में श्रद्धा दुबे, उसकी बहन रश्मि, उसके ड्राइवर और कुछ अन्य लोगों के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज किया गया था। विवेचना के दौरान ड्राइवर दानिश का नाम भी सामने आया।
फिलहाल पुलिस फरार आरोपियों की तलाश में जुटी है। भारत-नेपाल सीमा पर की गई जांच को इसी अभियान का हिस्सा माना जा रहा है। पुलिस की ओर से श्रद्धा दुबे के नेपाल से भारत आने की पुष्टि या इस संबंध में किसी ठोस सुराग की आधिकारिक जानकारी सामने आना बाकी है।




