उत्तर प्रदेश की राजनीति में बुधवार को बड़ा घटनाक्रम देखने को मिला, जब गौरीगंज से समाजवादी पार्टी के विधायक राकेश प्रताप सिंह ने भारतीय जनता पार्टी का दामन थाम लिया। उनके साथ विधायक अभय सिंह और विनोद चतुर्वेदी भी भाजपा में शामिल हुए। इस मौके पर गौरीगंज स्थित राकेश प्रताप सिंह के आवास मंगलम के सामने आयोजित कार्यक्रम में बड़ी संख्या में समर्थक जुटे।
भाजपा में शामिल होने के बाद राकेश प्रताप सिंह ने समाचार एजेंसी एएनआई से बातचीत में अपने क्षेत्र के लोगों का आभार जताया। उन्होंने कहा कि क्षेत्रवासियों ने उनका समर्थन करते हुए भाजपा की सदस्यता लेने का आग्रह किया था। विधायक के मुताबिक, उनके समर्थकों ने उन्हें भरोसा दिलाया है कि वे उनके साथ खड़े हैं। उन्होंने दावा किया कि उनके क्षेत्र के करीब 98 प्रतिशत ऐसे लोग, जो बूथ स्तर पर चुनावी नतीजों को प्रभावित करते रहे हैं, समाजवादी पार्टी छोड़कर भाजपा में शामिल होंगे।
राकेश प्रताप सिंह ने यह भी कहा कि उनके साथ करीब एक हजार ऐसे लोग भाजपा की सदस्यता लेंगे, जो वर्तमान या पूर्व जनप्रतिनिधि हैं। उन्होंने कार्यक्रम में लगभग एक दर्जन विधायकों की मौजूदगी की बात भी कही। हालांकि, इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। सदस्यता ग्रहण कार्यक्रम में बड़ी संख्या में समर्थकों के पहुंचने से राजनीतिक हलचल तेज रही।
तीन साल से सपा नेतृत्व से बढ़ रही थी दूरी
राकेश प्रताप सिंह लगातार तीन बार समाजवादी पार्टी के टिकट पर विधायक चुने गए थे। हालांकि, पिछले कुछ वर्षों में पार्टी नेतृत्व के साथ उनके मतभेद बढ़ते गए। स्वामी प्रसाद मौर्य की ओर से रामचरितमानस और अन्य धार्मिक विषयों पर की गई टिप्पणियों के विरोध में राकेश प्रताप सिंह ने सार्वजनिक रूप से अपनी असहमति जाहिर की थी। इसके बाद उनके और सपा नेतृत्व के बीच तल्खी बढ़ने लगी।
वर्ष 2024 के लोकसभा चुनाव के दौरान भी उन्होंने गठबंधन की राजनीतिक दिशा से अलग रुख अपनाते हुए भाजपा प्रत्याशी स्मृति ईरानी के समर्थन में प्रचार किया था। इससे पहले उनके परिवार के कुछ सदस्य भी भाजपा में शामिल हो चुके थे। राकेश प्रताप सिंह ने गौरीगंज से अयोध्या स्थित राम मंदिर तक पदयात्रा भी निकाली थी। इन घटनाक्रमों के बीच समाजवादी पार्टी ने उन पर पार्टी विरोधी गतिविधियों के आरोप लगाते हुए उन्हें निष्कासित कर दिया था।
राम और राष्ट्र के नाम पर भाजपा का साथ
भाजपा में शामिल होने के बाद राकेश प्रताप सिंह ने कहा कि वह राष्ट्र और राम के लिए भाजपा का साथ दे रहे हैं। उनके इस फैसले को उत्तर प्रदेश की राजनीति में एक महत्वपूर्ण घटनाक्रम के रूप में देखा जा रहा है। उनके साथ अभय सिंह और विनोद चतुर्वेदी के भाजपा में शामिल होने से राज्य में राजनीतिक समीकरणों को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं।




