उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव से पहले 11 विधान परिषद (एमएलसी) सीटों पर होने वाले चुनाव को लेकर सियासी सरगर्मी तेज हो गई है। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने इन चुनावों में अधिक से अधिक सीटें जीतने के लिए पूरी ताकत झोंक दी है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने खुद चुनाव प्रचार की कमान संभालते हुए पार्टी प्रत्याशियों के समर्थन में लगातार जनसभाएं और संवाद शुरू कर दिए हैं। गोरखपुर और बरेली के बाद अब वह वाराणसी में जनसभा कर पार्टी के पक्ष में माहौल बनाने की कोशिश करेंगे।
MLC चुनाव में दोहरे अंक तक पहुंचने की भाजपा की रणनीति
राज्यसभा चुनाव में भाजपा के आठों प्रत्याशियों के निर्विरोध निर्वाचित होने से पार्टी उत्साहित है। अब उसकी नजर विधान परिषद चुनाव में बेहतर प्रदर्शन करने पर है। जिन 11 सीटों पर चुनाव हो रहे हैं, उनमें से पिछली बार भाजपा ने छह सीटों पर जीत दर्ज की थी। इस बार पार्टी सीटों की संख्या बढ़ाकर दोहरे अंक तक पहुंचाने की कोशिश में जुटी है। इसके लिए मुख्यमंत्री से लेकर प्रदेश संगठन के वरिष्ठ नेता तक सक्रिय हो गए हैं।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ सोमवार को गोरखपुर में शिक्षकों के साथ संवाद कर चुके हैं। इस दौरान उन्होंने पार्टी प्रत्याशी ध्रुव कुमार त्रिपाठी के समर्थन में मतदान की अपील की। त्रिपाठी को भाजपा का प्रत्याशी बनाए जाने के पीछे भी मुख्यमंत्री की अहम भूमिका मानी जा रही है। पिछले चुनाव में भाजपा ने उनके खिलाफ अपना प्रत्याशी नहीं उतारा था।
इसके बाद मंगलवार को मुख्यमंत्री ने बरेली में पार्टी प्रत्याशी हरी सिंह ढिल्लो के समर्थन में जनसभा की। अब बुधवार को वाराणसी में सभा के जरिए वह पार्टी प्रत्याशियों के पक्ष में चुनावी माहौल बनाने का प्रयास करेंगे।
वाराणसी की सीट पर भाजपा की खास नजर
वाराणसी की विधान परिषद सीट भाजपा के लिए प्रतिष्ठा का सवाल बनी हुई है। स्नातक सीट पर पार्टी ने पिछले चुनाव में हार का सामना कर चुके केदारनाथ सिंह को फिर से मैदान में उतारा है। वहीं, शिक्षक सीट से प्रमोद मिश्रा भाजपा के प्रत्याशी हैं।
पिछले चुनाव में वाराणसी से जुड़ी सीटों पर समाजवादी पार्टी (सपा) का प्रदर्शन मजबूत रहा था। ऐसे में भाजपा इस बार यहां अपनी स्थिति मजबूत करने के लिए विशेष रणनीति के साथ आगे बढ़ रही है। मुख्यमंत्री की जनसभा को इसी चुनावी रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है।
डिप्टी सीएम से लेकर संगठन तक सक्रिय
एमएलसी चुनाव में भाजपा की जीत सुनिश्चित करने के लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के साथ उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य और प्रदेश संगठन भी सक्रिय हैं। केशव प्रसाद मौर्य पिछले दो दिनों से कौशांबी और आसपास के क्षेत्रों में पार्टी के पक्ष में माहौल बनाने में जुटे हैं।
वहीं, भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी पश्चिम क्षेत्र में चुनावी तैयारियों की समीक्षा कर चुके हैं। प्रदेश महामंत्री संगठन धर्मपाल सिंह ने अवध और ब्रज क्षेत्र में बैठकें कर चुनावी रणनीति पर चर्चा की है। इन बैठकों में पार्टी पदाधिकारियों, कार्यकर्ताओं और जनप्रतिनिधियों को चुनाव प्रबंधन से जुड़ी जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं।
कंट्रोल रूम से तैयारियों पर नजर
भाजपा प्रदेश मुख्यालय में बनाए गए कंट्रोल रूम से भी चुनावी तैयारियों की लगातार निगरानी की जा रही है। संगठन उन नेताओं और जनप्रतिनिधियों की सक्रियता पर नजर रख रहा है, जिनकी भूमिका चुनाव में महत्वपूर्ण मानी जा रही है। पार्टी का जोर बूथ स्तर तक समन्वय मजबूत करने और प्रत्याशियों के पक्ष में समर्थन जुटाने पर है।
कुल मिलाकर, 11 एमएलसी सीटों का यह चुनाव भाजपा और सपा के बीच राजनीतिक प्रतिष्ठा की लड़ाई बनता जा रहा है। भाजपा जहां अपनी सीटों की संख्या बढ़ाकर दोहरे अंक तक पहुंचने की कोशिश कर रही है, वहीं मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की लगातार जनसभाओं को इस लक्ष्य की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है।




