10,470 मतदाता प्रविष्टियों में अनियमितताओं की जांच के बाद कार्रवाई; आयोग की अनुमति के बिना नहीं होगी बहाली, एफआईआर में नई धारा जोड़ने के निर्देश
पीलीभीत। उत्तर प्रदेश के पीलीभीत विधानसभा क्षेत्र की मतदाता सूची में कथित अनियमितताओं के मामले में निर्वाचन आयोग ने सख्त कार्रवाई की है। आयोग ने तत्कालीन एसडीएम और मतदाता पंजीकरण अधिकारी (ईआरओ) मयंक गोस्वामी और हेमंत चौधरी को तत्काल प्रभाव से निलंबित करने का निर्देश दिया है। दोनों अधिकारियों के खिलाफ आरोपपत्र तैयार कर जांच के लिए आयोग को भेजने को कहा गया है। साथ ही स्पष्ट किया गया है कि आयोग की पूर्व अनुमति के बिना उन्हें बहाल नहीं किया जा सकेगा।
यह कार्रवाई विधानसभा क्षेत्र 127-पीलीभीत में 10,470 मतदाता प्रविष्टियों में कथित गड़बड़ियों की जांच के बाद की गई है। आयोग ने दोनों ईआरओ और कंप्यूटर ऑपरेटर अनिल कुमार के खिलाफ दर्ज एफआईआर में नई धारा 198 जोड़ने के निर्देश भी दिए हैं।
पांच एईआरओ की भूमिका की भी जांच
मतदाता सूची तैयार करने की प्रक्रिया से जुड़े पांच सहायक मतदाता पंजीकरण अधिकारियों (एईआरओ) की रिपोर्ट भी जिला निर्वाचन अधिकारी की ओर से भेजी गई है। आयोग ने पूरे मामले में संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों की भूमिका की जानकारी मांगी है।
जिला स्तर पर अमरिया और ललौरीखेड़ा के खंड विकास अधिकारियों तथा दोनों क्षेत्रों के खंड शिक्षा अधिकारियों के संबंध में भी रिपोर्ट तैयार कर राज्य के मुख्य निर्वाचन अधिकारी को भेजी गई है। जांच की प्रक्रिया को गोपनीय रखा गया है।
कांग्रेस ने उठाया था वोटर लिस्ट में गड़बड़ी का मुद्दा
मतदाता सूची में अशुद्धियों का मामला पिछले दिनों कांग्रेस ने लखनऊ में उठाया था। पार्टी ने आरोप लगाया था कि 13 हजार से अधिक मतदाताओं के मतदाता पहचान पत्र (ईपीआईसी) नंबर पुराने थे, लेकिन उनके नाम बदल दिए गए थे। कांग्रेस का दावा था कि यह बदलाव विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) की अंतिम सूची जारी होने के बाद हुआ।
कांग्रेस ने आरोप लगाया था कि इस गड़बड़ी से मुस्लिम समुदाय के मतदाता प्रभावित हुए। पार्टी के मुताबिक, संबंधित मतदाता अपने पुराने ईपीआईसी नंबर के आधार पर मतदान करने पहुंचते तो सूची में नाम नहीं मिलने के कारण वोट डालने से वंचित रह सकते थे। इन आरोपों की जांच के बाद अब निर्वाचन आयोग ने कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।
पहले हटाए गए थे तत्कालीन एसडीएम
मामला सामने आने के बाद तत्कालीन एसडीएम को संबंधित पदों से हटाकर नई तैनाती की गई थी। इसके तहत पूरनपुर में नागेंद्र पांडे, बीसलपुर में प्रमेश कुमार, अमरिया में राजकुमार बैठा और कलीनगर में पवन कुमार को जिम्मेदारी दी गई। सदर तहसील में एसडीएम श्रद्धा सिंह तैनात हैं।
इसके बाद तत्कालीन एसडीएम मयंक गोस्वामी और हेमंत चौधरी की भूमिका को लेकर रिपोर्ट तैयार कर निर्वाचन आयोग को भेजी गई थी। अब आयोग के निलंबन संबंधी निर्देश के बाद प्रशासनिक और निर्वाचन महकमे में हलचल तेज हो गई है।
मतदाता सूची की शुद्धता पर आयोग का जोर
जिला निर्वाचन अधिकारी आलोक कुमार ने बताया कि मतदाता सूची को त्रुटिरहित बनाने का काम लगातार जारी है। उन्होंने कहा कि विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण (एसएसआर) के दौरान अशुद्धियों को ठीक कराने की प्रक्रिया में और तेजी लाई जाएगी। ईआरओ और एईआरओ को मतदाता सूची की शुद्धता से जुड़े मानकों के बारे में स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं।
निर्वाचन आयोग की कार्रवाई से साफ है कि पीलीभीत मामले में जिम्मेदार अधिकारियों की भूमिका की जांच आगे भी जारी रहेगी। अब आरोपपत्र और विभागीय जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई तय होगी।




