इटावा। ऑनलाइन गेमिंग और बेटिंग के जरिए कम समय में पैसा दोगुना-तिगुना करने का लालच देकर लोगों से ठगी करने वाले गिरोह का इटावा पुलिस ने पर्दाफाश किया है। एसओजी, सर्विलांस और सिविल लाइन थाना पुलिस की संयुक्त कार्रवाई में एक युवक, युवती और एक बाल अपचारी को पकड़ा गया है। आरोपियों के कब्जे से 15 लाख रुपये नकद के अलावा चार मोबाइल फोन, लैपटॉप, बैंक चेकबुक, एटीएम कार्ड, पैन कार्ड, ड्राइविंग लाइसेंस और पासपोर्ट बरामद किए गए हैं।
पुलिस के अनुसार, चार अक्टूबर को सिविल लाइन क्षेत्र में संदिग्ध वाहनों और व्यक्तियों की चेकिंग की जा रही थी। इसी दौरान सूचना मिली कि ऑनलाइन गेमिंग के नाम पर लोगों से ठगी करने वाले गिरोह के कुछ सदस्य काले रंग की स्कॉर्पियो से कानपुर की ओर जा रहे हैं। सूचना के आधार पर पुलिस टीम ने बाइस ख्वाजा तिराहे के पास घेराबंदी कर स्कॉर्पियो को रोक लिया।
वाहन की तलाशी लेने पर पुलिस को 15 लाख रुपये नकद और बड़ी संख्या में इलेक्ट्रॉनिक उपकरण मिले। जांच के दौरान ऑनलाइन गेमिंग से संबंधित आईडी, पासवर्ड, क्यूआर कोड और करोड़ों रुपये के डिजिटल लेनदेन से जुड़ा डेटा भी बरामद हुआ। पुलिस ने बरामद उपकरणों और दस्तावेजों को कब्जे में लेकर मामले की जांच शुरू कर दी है।

सोशल मीडिया पर देते थे ज्यादा मुनाफे का झांसा
पूछताछ में पुलिस को पता चला कि गिरोह के सदस्य सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर फर्जी विज्ञापन चलाकर लोगों को कम समय में मोटा मुनाफा कमाने का लालच देते थे। इसके बाद व्हाट्सऐप और WATI ऐप ग्रुप के माध्यम से ग्राहकों को गेमिंग आईडी और पासवर्ड उपलब्ध कराए जाते थे।
आरोपी फर्जी क्यूआर कोड और म्यूल बैंक खातों के जरिए लोगों से रकम जमा कराते थे। जब कोई ग्राहक अपनी रकम वापस निकालने का प्रयास करता था तो उसकी गेमिंग आईडी ब्लॉक कर दी जाती थी। इस तरह आरोपी लोगों को ऑनलाइन गेमिंग और बेटिंग के नाम पर ठगी का शिकार बनाते थे।
झांसी निवासी मुख्य सरगना की तलाश
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक ब्रजेश कुमार श्रीवास्तव ने बताया कि गिरोह का मुख्य सरगना झांसी निवासी सुमित साहू बताया गया है। उस पर झांसी में 25 हजार रुपये का इनाम घोषित है। पुलिस उसकी तलाश में जुटी है और गिरोह से जुड़े अन्य सदस्यों की भूमिका की भी जांच की जा रही है।
पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ साइबर अपराध, धोखाधड़ी और ऑनलाइन गेमिंग से संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया है। पुलिस का कहना है कि बरामद डिजिटल डेटा की जांच से गिरोह के नेटवर्क और करोड़ों रुपये के लेनदेन से जुड़े अन्य लोगों के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी सामने आ सकती है।
पुलिस ने लोगों से अपील की है कि ऑनलाइन गेमिंग, बेटिंग या निवेश के जरिए कम समय में अधिक मुनाफा देने का दावा करने वाले विज्ञापनों, लिंक और अनजान लोगों से सावधान रहें। किसी भी संदिग्ध लिंक पर क्लिक करने या बैंक खाते की जानकारी साझा करने से बचें।




