बदायूं। प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण के तहत बदायूं जिले के हजारों जरूरतमंद परिवारों के लिए राहत भरी खबर है। वित्तीय वर्ष 2026-27 में जिले के 15 विकासखंडों की 1,037 ग्राम पंचायतों में 2,447 लाभार्थियों का पक्के मकान के लिए चयन किया गया है। सरकार की ओर से आवास निर्माण के लिए बजट उपलब्ध करा दिया गया है और लाभार्थियों के बैंक खातों में पहली किस्त भेजने की प्रक्रिया चल रही है। कई लाभार्थियों ने धनराशि मिलने के बाद मकान निर्माण का काम भी शुरू कर दिया है।
योजना का लाभ मिलने से उन परिवारों को राहत मिलने की उम्मीद है, जो लंबे समय से अपने पक्के घर का सपना पूरा करने का इंतजार कर रहे थे। चयनित लाभार्थियों का प्रयास है कि दीपावली तक उनके मकान तैयार हो जाएं, ताकि वे नए घर में दीपोत्सव मना सकें।
तीन किस्तों में मिलेगी 1.20 लाख रुपये की सहायता
प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण के तहत पात्र लाभार्थियों को पक्का मकान बनाने के लिए कुल 1.20 लाख रुपये की आर्थिक सहायता दी जाएगी। यह राशि सीधे लाभार्थियों के बैंक खातों में तीन किस्तों में भेजी जाएगी। पहली किस्त में 40 हजार रुपये, दूसरी किस्त में 70 हजार रुपये और तीसरी किस्त में 10 हजार रुपये दिए जाने का प्रावधान है।
जिला स्तर पर लाभार्थियों के खातों में पहली किस्त भेजने की प्रक्रिया जारी है। जिन परिवारों को धनराशि मिल चुकी है, उन्होंने निर्माण कार्य शुरू कर दिया है। आगे की किस्तें निर्धारित प्रक्रिया और निर्माण की प्रगति के अनुसार जारी की जाएंगी।
15 विकासखंडों में चुने गए लाभार्थी
जिला ग्राम्य विकास अभिकरण के परियोजना निदेशक सत्येंद्र कुमार के अनुसार, जिले के 15 विकासखंडों में कुल 2,447 लाभार्थियों का चयन किया गया है। इनमें बिसौली, दहगवां, दातागंज, इस्लामनगर, जगत, कादरचौक, सहसवान, सालारपुर, समरेर, उझानी, उसावां, म्याऊं, अंबियापुर, आसफपुर और वजीरगंज विकासखंड शामिल हैं।
इन क्षेत्रों की 1,037 ग्राम पंचायतों में योजना के तहत आवास निर्माण कराया जाना है। प्रशासन का लक्ष्य है कि पात्र लाभार्थियों को समय पर आर्थिक सहायता उपलब्ध कराकर निर्माण कार्य आगे बढ़ाया जाए।
मथुरा में भी ग्रामीण आवास योजना के लिए प्रक्रिया तेज
उधर, मथुरा जिले में भी प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण के तहत आवासहीन परिवारों को घर उपलब्ध कराने की तैयारी चल रही है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, जिले में वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए ग्रामीण आवास निर्माण का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। चार महीने पहले कराए गए सेल्फ सर्वे में बड़ी संख्या में लोगों ने आवेदन किया था।
प्रशासन की ओर से पात्रता की जांच के लिए संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं। जिलाधिकारी और मुख्य विकास अधिकारी ने जिला ग्राम्य विकास अभिकरण के परियोजना निदेशक को सभी विकासखंडों के खंड विकास अधिकारियों के माध्यम से आवेदकों का सत्यापन कराने को कहा है। जांच में पात्र पाए जाने वाले परिवारों को नियमानुसार आवास निर्माण के लिए धनराशि आवंटित की जाएगी।
प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण का उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में आवासहीन और पात्र परिवारों को पक्का मकान उपलब्ध कराना है। बदायूं में 2,447 लाभार्थियों के चयन और मथुरा में सत्यापन प्रक्रिया से ग्रामीण परिवारों को आवास सुविधा उपलब्ध कराने की दिशा में प्रयास तेज हुए हैं।




