तेलियरगंज में मतदाता सम्मेलन को किया संबोधित, प्रतिमा वाले चौराहे का नामकरण और संस्था का नाम महापुरुष के नाम पर रखने का ऐलान; सभा में टीजीटी-पीजीटी अभ्यर्थियों ने भी उठाईं मांगें
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ बृहस्पतिवार को प्रयागराज पहुंचे। उन्होंने तेलियरगंज चौराहे के पास बाबू मसूरियादीन पासी की प्रतिमा का अनावरण किया और इसके बाद रीजनल इंस्टीट्यूट ऑफ प्रिंटिंग टेक्नोलॉजी के मैदान में आयोजित मतदाता सम्मेलन को संबोधित किया। कार्यक्रम में उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य भी मौजूद रहे। मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में स्वतंत्रता संग्राम और समाज के उत्थान में योगदान देने वाले महापुरुषों के सम्मान पर जोर दिया।
सीएम योगी ने घोषणा की कि जिस चौराहे पर बाबू मसूरियादीन पासी की प्रतिमा स्थापित की गई है, उसका नाम भी उनके नाम पर रखा जाएगा। साथ ही प्रयागराज की किसी संस्था का नामकरण भी उनके नाम पर करने की बात कही। मुख्यमंत्री ने कहा कि देश के लिए योगदान और कुर्बानी देने वाले महापुरुषों को सम्मान मिलना चाहिए। उनका सम्मान किसी एक परिवार की बपौती नहीं है।
आजादी की लड़ाई में योगदान को किया याद
मुख्यमंत्री ने बाबू मसूरियादीन पासी के जीवन और सार्वजनिक योगदान का उल्लेख करते हुए कहा कि उन्होंने देश की आजादी के लिए नौ वर्ष जेल में बिताए। जेल से बाहर आने के बाद भी वह जनजागरण के कार्यों में सक्रिय रहे। योगी ने बताया कि मसूरियादीन पासी वर्ष 1945 में विधानसभा के सदस्य चुने गए थे। आजादी के बाद भी उन्होंने संसद में प्रतिनिधित्व किया।
मुख्यमंत्री के अनुसार, वर्ष 1952 में जवाहरलाल नेहरू और मसूरियादीन पासी एक ही निर्वाचन क्षेत्र से चुनकर संसद पहुंचे थे। उन्होंने कहा कि मसूरियादीन पासी ने सोनकर और पासी समाज को राष्ट्र की मुख्यधारा से जोड़ने और सम्मानजनक जीवन के लिए प्रेरित करने में भूमिका निभाई।
महापुरुषों के सम्मान पर दिया जोर
सीएम योगी ने कहा कि देश के इतिहास में योगदान देने वाले सभी महापुरुषों को उचित सम्मान मिलना चाहिए। उन्होंने कहा कि किसी व्यक्ति का योगदान उसकी जाति या परिवार तक सीमित नहीं होता, बल्कि वह पूरे समाज और देश की विरासत का हिस्सा होता है।
मुख्यमंत्री ने प्रतिमा अनावरण और नामकरण की घोषणाओं को इसी दिशा में उठाया गया कदम बताया। कार्यक्रम में मौजूद लोगों के बीच इन घोषणाओं को लेकर चर्चा रही।
जनसभा में टीजीटी-पीजीटी अभ्यर्थियों ने उठाईं मांगें
मुख्यमंत्री की जनसभा के दौरान टीजीटी-पीजीटी भर्ती के अभ्यर्थियों ने भी अपनी मांगों को लेकर तख्तियां लहराईं और नारेबाजी की। प्रतियोगी छात्रों का कहना है कि वे पुरानी नियमावली के तहत भर्ती प्रक्रिया शुरू कराने की मांग को लेकर लंबे समय से आंदोलन कर रहे हैं। उनका आरोप है कि सरकार की ओर से उनकी मांगों पर पर्याप्त ध्यान नहीं दिया जा रहा है।
अभ्यर्थियों की ओर से उठाए गए मुद्दों के बीच कार्यक्रम में भर्ती प्रक्रिया और नियमावली को लेकर उनकी मांगें भी चर्चा में रहीं। हालांकि, इस संबंध में मुख्यमंत्री या सरकार की ओर से मौके पर कोई अलग प्रतिक्रिया दिए जाने की जानकारी उपलब्ध विवरण में नहीं है।
प्रतिमा अनावरण के साथ राजनीतिक संदेश
प्रयागराज दौरे के दौरान मुख्यमंत्री ने एक ओर बाबू मसूरियादीन पासी के योगदान को याद किया, वहीं दूसरी ओर उनके नाम पर चौराहे और संस्था के नामकरण की घोषणा की। कार्यक्रम में उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य की मौजूदगी भी रही। जनसभा के दौरान प्रतियोगी छात्रों की नारेबाजी ने भर्ती संबंधी मांगों को भी सामने ला दिया।
मुख्यमंत्री की घोषणाओं पर आगे क्या कार्रवाई होती है और टीजीटी-पीजीटी अभ्यर्थियों की मांगों पर सरकार क्या रुख अपनाती है, इस पर अब नजर रहेगी।




