फर्जी आईकार्ड और जांच एजेंसी के स्टीकर लगी दो कारें बरामद, दूसरे मामले में महामंडलेश्वर ने जान से मारने की धमकी मिलने की शिकायत दर्ज कराई
मथुरा। उत्तर प्रदेश के मथुरा में खुद को जांच एजेंसी का अधिकारी बताकर वसूली करने के आरोप में छह युवकों को गिरफ्तार किया गया है। आरोप है कि युवकों ने फिल्म ‘स्पेशल 26’ की तर्ज पर फर्जी सीबीआई अधिकारी बनकर राया रोड स्थित एक बिल्डिंग मैटेरियल कारोबारी पर रौब जमाया और मामला खत्म कराने के नाम पर 40 हजार रुपये की चौथ मांगी। रकम नहीं देने पर उसे फर्जी मुकदमे में जेल भिजवाने की धमकी भी दी गई। जमुनापार पुलिस ने शनिवार को चेकिंग के दौरान सभी छह आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। वहीं, वृंदावन क्षेत्र में एक महामंडलेश्वर से 10 लाख रुपये की रंगदारी मांगने और जान से मारने की धमकी देने का मामला भी सामने आया है।
फर्जी आईकार्ड और स्टीकर लगी कारें बरामद
पुलिस के मुताबिक, बिल्डिंग मैटेरियल कारोबारी से चौथ मांगने के मामले में वांछित आरोपियों को सिहोरा-लोहवन चौराहा रोड पर चेकिंग के दौरान पकड़ा गया। उनके कब्जे से क्राइम ब्यूरो इन्वेस्टिगेशन के दो फर्जी पहचान पत्र, 11 विजिटिंग कार्ड, तीन एटीएम कार्ड और एक पैन कार्ड बरामद किया गया है। इसके अलावा क्राइम इन्वेस्टिगेशन ब्यूरो का स्टीकर लगी बलेनो और वैगनआर कार भी जब्त की गई हैं।
सीओ वृंदावन संदीप सिंह के अनुसार, प्रभारी निरीक्षक जमुनापार विदेश कुमार त्यागी, वरिष्ठ उप निरीक्षक नरेंद्र सिंह और उप निरीक्षक अनिल कुमार व शैलेंद्र सिंह की टीम चेकिंग कर रही थी। इसी दौरान कारोबारी से चौथ मांगने के मामले में वांछित छह युवकों को गिरफ्तार किया गया।
बिहार, गाजियाबाद, गुरुग्राम और दिल्ली से जुड़े आरोपी
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान सूरज कुमार, कुलदीप यादव, करन राणा, सोनू, कुणाल और रवि के रूप में हुई है। पुलिस के अनुसार, सूरज कुमार मूल रूप से बिहार के अरवल जिले के असलानपुर, छपरा का निवासी है और वर्तमान में गाजियाबाद की खोड़ा कॉलोनी में रहता है। कुलदीप यादव भी गाजियाबाद की खोड़ा कॉलोनी का निवासी है।
करन राणा गुरुग्राम के न्यू पालम विहार, सोनू गोवर्धन के गांव देवसेरस का मूल निवासी और वर्तमान में जमुनापार क्षेत्र के लोहवन में रहने वाला बताया गया है। कुणाल दिल्ली के कालिंदी कुंज क्षेत्र की जेजे कॉलोनी और रवि मथुरा के रिफाइनरी क्षेत्र स्थित गांव नगला पोपी का निवासी है।
महामंडलेश्वर से व्हाट्सएप कॉल पर 10 लाख की मांग
इसी बीच, मथुरा के वृंदावन क्षेत्र में महामंडलेश्वर स्वामी देवस्वरूपानंद सरस्वती महाराज से 10 लाख रुपये की रंगदारी मांगने का मामला सामने आया है। स्वामी देवस्वरूपानंद सरस्वती पंचायती अखाड़ा महानिर्वाणी से जुड़े हैं और वृंदावन के जैंत थाना क्षेत्र के गांव तेहरा में रहते हैं।
महामंडलेश्वर के अनुसार, शनिवार को उनके मोबाइल पर एक अज्ञात नंबर से व्हाट्सएप कॉल आई। कॉल करने वाले ने कथित तौर पर खुद को एक अधिकारी के यहां से बोलने वाला बताते हुए 10 लाख रुपये की मांग की। रकम नहीं देने पर उन्हें जान से मारने की धमकी दी गई।
मुख्यमंत्री के खिलाफ अभद्र भाषा इस्तेमाल करने का आरोप
महामंडलेश्वर ने आरोप लगाया कि कॉल के दौरान उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के प्रति भी अमर्यादित भाषा का इस्तेमाल किया गया। घटना के बाद उन्होंने थाना जैंत में तहरीर देकर पुलिस से कार्रवाई करने और सुरक्षा उपलब्ध कराने की मांग की है।
दोनों घटनाओं ने मथुरा में फर्जी पहचान के जरिए वसूली और धमकी देने के मामलों को लेकर चिंता बढ़ा दी है। पहले मामले में पुलिस ने छह आरोपियों को गिरफ्तार कर फर्जी पहचान पत्र और वाहन बरामद किए हैं, जबकि महामंडलेश्वर से रंगदारी मांगने के मामले में शिकायत के आधार पर पुलिस की कार्रवाई का इंतजार है।




