वेस्टइंडीज के खिलाफ चौथे टी20 में 248 रन का लक्ष्य हासिल नहीं कर पाया भारत; संजू सैमसन के अर्धशतक के बावजूद मध्यक्रम लड़खड़ाया, गेंदबाजों के बचाव में उतरे पूर्व कप्तान
वेस्टइंडीज के खिलाफ चौथे टी20 अंतरराष्ट्रीय मुकाबले में भारतीय टीम को मिली हार के बाद पूर्व कप्तान सुनील गावस्कर ने बल्लेबाजों के प्रदर्शन पर सवाल उठाए हैं। उनका मानना है कि बड़े लक्ष्य का पीछा करते समय भारतीय बल्लेबाजों को अधिक जिम्मेदारी दिखानी चाहिए थी। गावस्कर ने गेंदबाजों के प्रदर्शन पर चिंता जताने के बावजूद उनका बचाव किया और कहा कि कई गेंदबाज अभी अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में अनुभव हासिल कर रहे हैं।
बुधवार को खेले गए मुकाबले में वेस्टइंडीज ने तीन विकेट पर 247 रन बनाए। जवाब में भारतीय टीम संजू सैमसन के तेज अर्धशतक के बावजूद लक्ष्य तक नहीं पहुंच सकी। गावस्कर के मुताबिक, भारत को सैमसन से मिली अच्छी शुरुआत का फायदा उठाना चाहिए था, लेकिन दूसरे बल्लेबाज बड़ी साझेदारियां बनाने और पारी को संभालने में नाकाम रहे।
गावस्कर बोले- बल्लेबाजों को उठानी होगी जिम्मेदारी
गावस्कर ने जियोस्टार पर बातचीत के दौरान कहा कि भारतीय टीम को लक्ष्य का पीछा करने की रणनीति में सुधार करना होगा। उनके अनुसार, बल्लेबाजों को परिस्थितियों के अनुरूप खेलते हुए जिम्मेदारी उठानी होगी। उन्होंने लगातार दो टी20 विश्व कप जीतने वाली टीम से अपेक्षित दबदबे का जिक्र करते हुए कहा कि इस मुकाबले में भारतीय बल्लेबाजी में वैसा प्रदर्शन नजर नहीं आया।
गावस्कर ने कहा कि संजू सैमसन ने भारत को अच्छी शुरुआत दिलाई, लेकिन बाकी बल्लेबाज उसका लाभ नहीं उठा सके। उन्होंने अभिषेक शर्मा की पारी को उनके स्तर के अनुरूप नहीं बताया। वहीं, ईशान किशन के कीमो पॉल के खिलाफ आउट होने और श्रेयस अय्यर के शतक के बाद निरंतरता बनाए रखने में नाकाम रहने पर भी टिप्पणी की।
सैमसन की पारी के बाद नहीं संभली भारतीय बल्लेबाजी
भारत की ओर से संजू सैमसन ने 56 रन की पारी खेलकर टीम को तेज शुरुआत दिलाई। हालांकि, उनकी पारी के बाद भारतीय बल्लेबाजी लक्ष्य की रफ्तार के साथ कदमताल नहीं कर सकी। बड़े स्कोर का पीछा करते हुए टीम को लगातार रन बनाने के साथ विकेट बचाए रखने की भी जरूरत थी, लेकिन बल्लेबाज इस संतुलन को कायम नहीं रख पाए।
गावस्कर की टिप्पणी का मुख्य जोर इसी बात पर रहा कि मजबूत शुरुआत को बड़े स्कोर में बदलना जरूरी है। उनके अनुसार, बड़े लक्ष्य के सामने केवल आक्रामक शुरुआत पर्याप्त नहीं होती; मध्यक्रम के बल्लेबाजों को भी पारी की जिम्मेदारी उठानी पड़ती है।
अनुभवहीन गेंदबाजों के बचाव में आए गावस्कर
वेस्टइंडीज के 247 रन के स्कोर के बावजूद गावस्कर ने भारतीय गेंदबाजों को पूरी तरह दोषी ठहराने से परहेज किया। उन्होंने कहा कि गेंदबाजी में कमियां जरूर रहीं, लेकिन कुछ गेंदबाज अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में नए हैं और ऐसे मुकाबलों से उन्हें सीखने का मौका मिलेगा।
गावस्कर की राय में टीम को बल्लेबाजी में अधिक अनुशासन और जिम्मेदारी दिखाने की जरूरत है। बड़े लक्ष्य का पीछा करते समय शुरुआती साझेदारी के बाद विकेटों का गिरना भारत की मुश्किलें बढ़ा गया।
शाई होप की बल्लेबाजी ने खड़ी की चुनौती
वेस्टइंडीज के कप्तान शाई होप ने श्रृंखला में अपना दूसरा शतक लगाकर टीम को मजबूत स्कोर तक पहुंचाने में अहम भूमिका निभाई। भारत के पूर्व बल्लेबाज चेतेश्वर पुजारा ने भी होप की बल्लेबाजी की तारीफ की। पुजारा के मुताबिक, होप अपने स्वाभाविक खेल पर भरोसा करते हैं और सही मौकों का फायदा उठाते हैं। इसी कारण वह अधिक जोखिम लिए बिना तेजी से रन बनाने में सफल रहे।
होप की पारी ने भारतीय गेंदबाजों पर दबाव बनाया और वेस्टइंडीज को बड़ा स्कोर खड़ा करने में मदद की।
सीरीज का आखिरी मुकाबला होगा निर्णायक
दिए गए विवरण के अनुसार, चार मुकाबलों के बाद भारत और वेस्टइंडीज की टीमें दो-दो मैच जीत चुकी थीं। ऐसे में अंतिम मुकाबला श्रृंखला का निर्णायक मैच बन गया। दोनों टीमों के लिए यह मैच जीतकर सीरीज अपने नाम करने का अवसर होगा।
भारतीय टीम के सामने बल्लेबाजी में निरंतरता और लक्ष्य का पीछा करने की रणनीति सुधारने की चुनौती रहेगी। वहीं, वेस्टइंडीज की टीम शाई होप की शानदार फॉर्म और बड़े स्कोर बनाने की क्षमता के दम पर अपना प्रदर्शन जारी रखने की कोशिश करेगी।




