रीतू शर्मा की मौत को प्रथम दृष्टया आत्महत्या मानकर जांच कर रही पुलिस, लाइसेंसी पिस्टल की बैलिस्टिक और सुसाइड नोट की हैंडराइटिंग जांच कराएगी
प्रयागराज के झूंसी स्थित त्रिवेणीपुरम कॉलोनी में NEET की तैयारी कर रही छात्रा रीतू शर्मा की मौत के मामले में जांच के दौरान नए तथ्य सामने आए हैं। पुलिस को कमरे में रखी आलमारी पर गोली लगने के तीन निशान मिले हैं। घटनास्थल से चार खोखे मिलने की भी जानकारी सामने आई है। इन तथ्यों के बाद पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि गोली चलने का घटनाक्रम क्या था। फिलहाल पुलिस मामले को प्रथम दृष्टया आत्महत्या मानकर जांच कर रही है।
आलमारी पर मिले तीन निशान, हथियार की होगी जांच
पुलिस के मुताबिक, घटनास्थल से रीतू के पिता की लाइसेंसी पिस्टल भी बरामद हुई है। परिजनों ने पूछताछ में बताया कि रीतू ने इससे पहले कभी पिस्टल नहीं चलाई थी। पुलिस अधिकारियों ने आलमारी पर तीन निशान मिलने की पुष्टि की है, हालांकि खोखों और कारतूसों की संख्या को लेकर आधिकारिक जानकारी नहीं दी गई है।
अब पिस्टल की बैलिस्टिक जांच कराई जाएगी। इसके जरिए यह पता लगाने की कोशिश होगी कि आलमारी और छात्रा को लगी गोली इसी हथियार से चली थी या नहीं। बरामद खोखों और कारतूसों का भी मिलान कराया जाएगा।
सुसाइड नोट में परीक्षा और मानसिक परेशानी का जिक्र
कमरे से चार पन्नों का सुसाइड नोट मिला है। इसमें रीतू ने NEET परीक्षा में अपेक्षित अंक नहीं मिलने और लंबे समय से मानसिक परेशानी से जूझने का उल्लेख किया है। नोट में उसने ऑब्सेसिव कंपल्सिव डिसऑर्डर (OCD) के लक्षणों और पढ़ाई पर उनके असर के बारे में भी लिखा है।
रीतू ने बताया था कि उसे किसी पाठ या पैराग्राफ को बार-बार पढ़ने की चिंता रहती थी। उसे डर था कि दोबारा न पढ़ने पर वह परीक्षा में गलती कर सकती है। नोट में उसने मानसिक थकान और निराशा का भी जिक्र किया है। पुलिस ने सुसाइड नोट को कब्जे में लेकर उसकी लिखावट की जांच के लिए भेजा है।
मौत के बाद आया मेडिकल कॉलेज में चयन का परिणाम
घटना के बाद सोमवार शाम रीतू के सोनभद्र मेडिकल कॉलेज में चयन का परिणाम आया। परिवार के लिए यह बेहद दुखद स्थिति रही कि बेटी के चयन की खबर आने के बीच ही उसकी मौत हो चुकी थी।
पुलिस ने छात्रा का मोबाइल फोन भी कब्जे में लिया है। कॉल डिटेल, संदेश, चैट और अन्य डिजिटल गतिविधियों की जांच की जा रही है, ताकि घटना से पहले की परिस्थितियों और उसके संपर्कों के बारे में जानकारी मिल सके।
पोस्टमार्टम के बाद दारागंज घाट पर अंतिम संस्कार
पोस्टमार्टम के बाद परिजन रीतू का शव लेकर दारागंज घाट पहुंचे, जहां पिता देवराज शर्मा ने मुखाग्नि दी। बेटी को खोने से मां अमवती शर्मा और भाई ऋषिराज का रो-रोकर बुरा हाल रहा। अंतिम संस्कार के दौरान रिश्तेदार और परिचित भी मौजूद रहे।
पुलिस बोली- सभी पहलुओं की जांच जारी
झूंसी के एसीपी अरुण पराशर ने बताया कि कमरे की आलमारी पर गोली के तीन निशान मिले हैं, जिनकी जांच कराई जा रही है। सुसाइड नोट की हैंडराइटिंग की भी जांच होगी। उन्होंने कहा कि प्रथम दृष्टया मामला आत्महत्या का प्रतीत हो रहा है, लेकिन बरामद साक्ष्यों और अन्य परिस्थितियों की पड़ताल की जा रही है।
पुलिस का कहना है कि बैलिस्टिक जांच, सुसाइड नोट और मोबाइल की फॉरेंसिक जांच की रिपोर्ट मिलने के बाद घटना से जुड़े तथ्यों की स्थिति और स्पष्ट हो सकेगी।




