लाल बिहारी यादव ने शिक्षक एमएलसी सीट पर भाजपा के प्रमोद कुमार मिश्रा को हराया, स्नातक सीट पर आशुतोष सिन्हा आगे
वाराणसी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संसदीय क्षेत्र वाराणसी में विधान परिषद (एमएलसी) चुनाव में भाजपा को बड़ा झटका लगा है। शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र की सीट पर समाजवादी पार्टी (सपा) के प्रत्याशी लाल बिहारी यादव ने भाजपा के डॉ. प्रमोद कुमार मिश्रा को हरा दिया। वहीं, स्नातक निर्वाचन क्षेत्र में भी सपा के प्रत्याशी आशुतोष सिन्हा भाजपा के केदारनाथ सिंह से आगे चल रहे हैं। पिछले चुनाव में भी सपा ने दोनों सीटों पर जीत दर्ज की थी और इस बार पार्टी ने अपने मौजूदा प्रत्याशियों को फिर से मैदान में उतारा था।
शिक्षक सीट पर लाल बिहारी यादव की जीत
शिक्षक एमएलसी सीट पर सपा प्रत्याशी लाल बिहारी यादव को प्रथम वरीयता में कुल 10,958 वोट मिले, जबकि भाजपा के डॉ. प्रमोद कुमार मिश्रा को 6,060 वोट हासिल हुए। अन्य प्रत्याशियों में चेतनारायण सिंह को 3,111, ऋतिका दुबे को 450, डॉ. जितेंद्र कुमार सिंह को 1,088, सुधांशु शेखर त्रिपाठी को 533 और संजय राय प्रियदर्शी को 310 वोट मिले। इसके अलावा अवधेश सिंह को 108, धर्मेंद्र कुमार यादव को 182 और डॉ. फरीद अंसारी को 152 वोट मिले। कुल 1,441 मत अवैध घोषित किए गए।
निर्वाचन नियमों के अनुसार जीत के लिए आवश्यक मतों का आंकड़ा प्रथम वरीयता की गिनती में पूरा नहीं होने के कारण द्वितीय वरीयता के मतों की गणना शुरू की गई। उपलब्ध आंकड़ों के मुताबिक, लाल बिहारी यादव को प्रथम वरीयता में जीत के लिए निर्धारित 11,472 मतों के मुकाबले 514 वोट कम मिले थे।
स्नातक सीट पर सपा की बढ़त
स्नातक एमएलसी सीट पर सपा प्रत्याशी आशुतोष सिन्हा ने दूसरे राउंड की मतगणना के बाद भाजपा के केदारनाथ सिंह पर अपनी बढ़त बनाए रखी। दूसरे राउंड में आशुतोष सिन्हा को 5,235 और केदारनाथ सिंह को 3,740 वोट मिले। पहले राउंड में आशुतोष को 5,184, जबकि केदारनाथ सिंह को 3,734 वोट मिले थे।
दो राउंड की गिनती के बाद आशुतोष सिन्हा के कुल वोट 10,419 और केदारनाथ सिंह के 7,474 हो गए। इस तरह सपा प्रत्याशी करीब तीन हजार वोटों से आगे रहे। स्नातक सीट की मतगणना की प्रक्रिया जारी थी और अंतिम परिणाम आने की प्रतीक्षा थी।
आठ जिलों में हुआ था मतदान
वाराणसी खंड निर्वाचन क्षेत्र में वाराणसी के अलावा चंदौली, जौनपुर, गाजीपुर, मिर्जापुर, सोनभद्र, भदोही और बलिया जिले शामिल हैं। शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र में 10 और स्नातक निर्वाचन क्षेत्र में 24 प्रत्याशी मैदान में थे।
23 अक्टूबर को आठों जिलों के 453 मतदान केंद्रों पर वोट डाले गए थे। स्नातक निर्वाचन क्षेत्र में 41.11 प्रतिशत और शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र में 69.87 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया। स्नातक क्षेत्र के करीब 2.88 लाख मतदाताओं में से 1,18,611 ने मतदान किया, जबकि शिक्षक क्षेत्र के 34,900 मतदाताओं में से 24,384 ने अपने मताधिकार का इस्तेमाल किया।




