हर किस्त में खाते में आएंगे 1500 रुपये, दोनों किस्तों के बीच रहेगा 45 दिन का अंतराल; 60 वर्ष या उससे अधिक आयु के पात्र बुजुर्ग उठा सकेंगे लाभ
मथुरा। उत्तर प्रदेश की योगी सरकार ने वृद्धावस्था पेंशन के भुगतान की व्यवस्था में बदलाव किया है। नई व्यवस्था के तहत अब बुजुर्गों को तीन महीने की पेंशन एक साथ मिलने के बजाय दो किस्तों में दी जाएगी। तीन महीने की कुल 3000 रुपये की पेंशन में से प्रत्येक किस्त में 1500 रुपये सीधे लाभार्थियों के बैंक खातों में भेजे जाएंगे। दोनों किस्तों के बीच 45 दिन का अंतराल रहेगा। इस व्यवस्था से मथुरा जिले के 68 हजार से अधिक वरिष्ठ नागरिकों को लाभ मिलने की उम्मीद है।
जिला समाज कल्याण अधिकारी रेनू के अनुसार, पेंशन की धनराशि प्रत्यक्ष लाभ अंतरण (डीबीटी) के माध्यम से सीधे बैंक खातों में भेजी जाएगी। इससे भुगतान प्रक्रिया को सुगम बनाने और लाभार्थियों तक पेंशन पहुंचाने में मदद मिलेगी।
80 वर्ष से अधिक उम्र के बुजुर्गों के लिए भी निर्धारित है अंशदान
वृद्धावस्था पेंशन में राज्य और केंद्र सरकार का योगदान लाभार्थी की आयु के अनुसार निर्धारित है। 80 वर्ष से कम आयु के पात्र लाभार्थियों को तीन महीने की कुल 3000 रुपये की पेंशन में राज्य सरकार की ओर से 2400 रुपये और केंद्र सरकार की ओर से 600 रुपये दिए जाते हैं।
वहीं, 80 वर्ष या उससे अधिक आयु के लाभार्थियों के लिए राज्य और केंद्र सरकार का अंश तीन महीने की अवधि में 1500-1500 रुपये बताया गया है।
जिला समाज कल्याण अधिकारी ने पेंशन लाभार्थियों से अपने बैंक खातों को आधार से लिंक कराने की अपील की है। ऐसा नहीं होने पर डीबीटी के माध्यम से पेंशन प्राप्त करने में परेशानी हो सकती है।
वृद्धावस्था पेंशन के लिए क्या है पात्रता?
उत्तर प्रदेश में वृद्धावस्था पेंशन योजना का लाभ लेने के लिए आवेदक की आयु कम से कम 60 वर्ष होनी चाहिए। इसके साथ ही निर्धारित पारिवारिक आय सीमा के मानकों को पूरा करना जरूरी है।
- ग्रामीण क्षेत्र: वार्षिक पारिवारिक आय 46,080 रुपये से अधिक नहीं होनी चाहिए।
- शहरी क्षेत्र: वार्षिक पारिवारिक आय 56,460 रुपये से अधिक नहीं होनी चाहिए।
- पेंशन राशि: पात्र वरिष्ठ नागरिकों को प्रतिमाह 1000 रुपये की दर से पेंशन दी जाती है।
- आवेदन प्रक्रिया: योजना के लिए विभागीय वेबसाइट के माध्यम से ऑनलाइन आवेदन किया जाता है।
पेंशन सत्यापन में लापरवाही पर ग्राम पंचायत अधिकारी निलंबित
वृद्धावस्था पेंशन योजना के सत्यापन में लापरवाही का मामला भी सामने आया है। गोरखपुर जिले के जंगल कौड़िया ब्लॉक में ग्राम पंचायत अधिकारी प्रिया साहनी को पेंशन सत्यापन में कथित तौर पर गलत रिपोर्ट लगाने और उच्चाधिकारियों के आदेशों की अवहेलना सहित अन्य आरोपों में निलंबित कर दिया गया है।
जिला पंचायत राज अधिकारी सौम्य शील सिंह ने निलंबन आदेश जारी करते हुए मामले में अनुशासनात्मक जांच के निर्देश दिए हैं। जांच की जिम्मेदारी भटहट के सहायक विकास अधिकारी पंचायत को सौंपी गई है। उन्हें 15 दिनों के भीतर रिपोर्ट प्रस्तुत करने को कहा गया है।
निलंबन अवधि के दौरान प्रिया साहनी को खजनी विकासखंड से संबद्ध किया गया है। उन्हें पूर्व अनुमति के बिना मुख्यालय छोड़ने की अनुमति नहीं होगी और नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ता दिया जाएगा। जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।




