लखनऊ। महात्मा गांधी जयंती के अवसर पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ शुक्रवार को हजरतगंज स्थित गांधी आश्रम पहुंचे। उन्होंने खादी उत्पादों का जायजा लिया और भगवा रंग का गमछा खरीदकर उसका भुगतान भी किया। मुख्यमंत्री ने लोगों से खादी उत्पादों को अपनाने और खरीदने की अपील की।
गांधी आश्रम पहुंचने पर मुख्यमंत्री ने विभिन्न खादी उत्पादों के बारे में जानकारी ली और वहां काम करने वाले कर्मचारियों का कुशलक्षेम जाना। इस दौरान उन्होंने आश्रम में मौजूद बच्चों से बातचीत की और उनकी पढ़ाई के बारे में जानकारी ली। मुख्यमंत्री ने बच्चों को चॉकलेट भी दी। बच्चों ने उनके पैर छूकर आशीर्वाद लिया।
इस मौके पर उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक, कैबिनेट मंत्री राकेश सचान, राज्यसभा सांसद ब्रजलाल, विधान परिषद सदस्य डॉ. महेंद्र सिंह और पवन सिंह चौहान, उत्तर प्रदेश राज्य महिला आयोग की उपाध्यक्ष अपर्णा यादव तथा भाजपा महानगर अध्यक्ष आनंद द्विवेदी समेत अन्य लोग मौजूद रहे।
समृद्ध गांव को ग्राम स्वराज की आधारशिला बताया
गांधी जयंती पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपने आधिकारिक सोशल मीडिया हैंडल पर ग्राम स्वराज को लेकर सरकार के दृष्टिकोण की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि गांव को विकास की अंतिम सीढ़ी नहीं, बल्कि आत्मनिर्भर उत्तर प्रदेश की पहली इकाई मानकर काम किया जा रहा है। मुख्यमंत्री के अनुसार सशक्त पंचायत और समृद्ध गांव ग्राम स्वराज की आधारशिला हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि मौजूदा सरकार ने ग्राम पंचायतों को सुविधाओं और डिजिटल सेवाओं से जोड़ने पर जोर दिया है। उनके मुताबिक, 57,600 ग्राम सचिवालयों के माध्यम से ई-ग्राम स्वराज, डिजिटल भुगतान और ऑनलाइन मॉनिटरिंग जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। सरकार के अनुसार इससे ग्राम पंचायतों के कामकाज में पारदर्शिता और जवाबदेही बढ़ाने का प्रयास किया गया है।
11,350 ग्राम पंचायतों में डिजिटल लाइब्रेरी
मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रदेश की 11,350 ग्राम पंचायतों में डिजिटल लाइब्रेरी स्थापित की जा रही हैं। उन्होंने ग्राम सचिवालयों के संचालन से स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर सृजित होने की बात भी कही।
योगी ने कहा कि सरकार के लिए ग्राम स्वराज केवल राजनीतिक नारा नहीं, बल्कि महात्मा गांधी के आत्मनिर्भर गांव के विचार को आगे बढ़ाने का संकल्प है। उन्होंने “सशक्त पंचायत, समृद्ध गांव और आत्मनिर्भर उत्तर प्रदेश” को ग्राम स्वराज की दिशा में सरकार के दृष्टिकोण के रूप में रेखांकित किया।




