लखनऊ। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने अयोध्या में चल रही ध्वस्तीकरण कार्रवाई को लेकर प्रदेश सरकार पर निशाना साधा। लखनऊ स्थित पार्टी कार्यालय में प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान उन्होंने आरोप लगाया कि विकास के नाम पर गरीब परिवारों के घर और व्यापारियों की दुकानें हटाई जा रही हैं। उन्होंने प्रभावित लोगों को उचित मुआवजा और नुकसान की भरपाई की मांग की।
अखिलेश यादव ने कहा कि समाजवादी पार्टी अयोध्या के विकास के खिलाफ नहीं है। उन्होंने कहा कि मौका मिलने पर अयोध्या को विश्वस्तरीय शहर के रूप में विकसित किया जाएगा, लेकिन विकास के नाम पर गरीबों और व्यापारियों को उजाड़ना स्वीकार नहीं किया जाएगा। उनके मुताबिक, जिन परिवारों के मकान और कारोबार प्रभावित हुए हैं, सरकार को उनके नुकसान की भरपाई करनी चाहिए।
उन्होंने दावा किया कि ध्वस्तीकरण की कार्रवाई से कई परिवारों के सामने घर और रोजी-रोटी का संकट खड़ा हो गया है। अखिलेश यादव ने कहा कि यदि भविष्य में समाजवादी पार्टी की सरकार बनती है तो प्रभावित परिवारों के नुकसान की भरपाई और उनके लिए आवास की व्यवस्था की जाएगी।


प्रेस कॉन्फ्रेंस में अखिलेश यादव ने निर्वाचन आयोग की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाए। उन्होंने हाल में सामने आई उस रिपोर्ट का हवाला दिया, जिसमें दो चुनाव आयुक्तों द्वारा 10 महीने में 14 बार आपत्ति दर्ज किए जाने की बात कही गई है। अखिलेश ने इसे चुनाव आयोग की निष्पक्षता को लेकर सवाल खड़े करने वाला मामला बताया।
उन्होंने 2022 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव का जिक्र करते हुए चुनाव में कथित अनियमितताओं को लेकर सपा की ओर से बड़ी संख्या में शपथपत्र दिए जाने का दावा किया। अखिलेश ने कहा कि इन शिकायतों पर अपेक्षित कार्रवाई नहीं हुई। उन्होंने बाद के उपचुनावों को लेकर भी चुनाव प्रक्रिया पर सवाल उठाए।
SIR और मतदाता सूची को लेकर आरोप
अखिलेश यादव ने मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR को लेकर भी आरोप लगाए। उन्होंने दावा किया कि उत्तर प्रदेश में कुछ स्थानों पर फर्जी तरीके से फॉर्म-7 भरकर मतदाताओं के नाम हटाने की कोशिश की गई। उन्होंने सुल्तानपुर का उदाहरण देते हुए एक ही हस्ताक्षर से कई नाम हटाने का आरोप लगाया।
हालांकि, मतदाता सूची में नाम जोड़ने या हटाने की प्रक्रिया निर्वाचन आयोग के निर्धारित प्रावधानों के तहत संचालित होती है और आयोग की आधिकारिक वेबसाइट पर मतदाताओं के लिए नाम खोजने तथा विलोपन संबंधी आवेदन की सुविधाएं उपलब्ध हैं।
अयोध्या के विकास को लेकर सपा का रुख
अखिलेश यादव ने कहा कि अयोध्या में विकास कार्य होने चाहिए, लेकिन इसके साथ प्रभावित परिवारों के पुनर्वास और मुआवजे की व्यवस्था भी जरूरी है। उन्होंने कहा कि उनकी पार्टी अयोध्या के विकास में बाधा नहीं बनेगी और शहर को आधुनिक सुविधाओं से विकसित करने की दिशा में काम करेगी।
अयोध्या जिला प्रशासन की ओर से भी 2026 में भूमि अधिग्रहण और सामाजिक प्रभाव आकलन से जुड़े दस्तावेज सार्वजनिक किए गए हैं, जो शहर में चल रही विभिन्न विकास प्रक्रियाओं का हिस्सा हैं।
नोट: चुनाव आयोग और अयोध्या में ध्वस्तीकरण कार्रवाई को लेकर अखिलेश यादव द्वारा लगाए गए आरोप उनके राजनीतिक बयान हैं। संबंधित आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि और प्रत्येक मामले के प्रशासनिक रिकॉर्ड के आधार पर स्थिति अलग-अलग हो सकती है।




