रामायण को बताया भारतीय संस्कृति और आदर्शों का अनमोल ग्रंथ, सत्य, धर्म और करुणा के मार्ग पर चलने का किया आह्वान
लखनऊ। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने महर्षि वाल्मीकि जयंती के अवसर पर प्रदेशवासियों को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि महर्षि वाल्मीकि ने अपनी महान रचना रामायण के माध्यम से भगवान श्रीराम के जीवन, आदर्शों और चरित्र को जन-जन तक पहुंचाया। उनकी शिक्षाएं आज भी समाज को सत्य, धर्म, करुणा और मानवीय मूल्यों के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देती हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि रामायण भारतीय संस्कृति और जीवन मूल्यों का अनमोल ग्रंथ है। महर्षि वाल्मीकि की रचनाओं के माध्यम से भगवान श्रीराम के आदर्शों, उनके कर्तव्यबोध और लोककल्याण की भावना को समझने का अवसर मिलता है। उन्होंने लोगों से महर्षि वाल्मीकि की शिक्षाओं को अपने जीवन में अपनाने और समाज में सद्भाव बनाए रखने की अपील की।
नई पीढ़ी तक पहुंचाई जा रही महर्षि वाल्मीकि की विरासत
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में प्रदेश सरकार महर्षि वाल्मीकि की विरासत और उनके आदर्शों को संरक्षित करने के लिए प्रयास कर रही है। सरकार का उद्देश्य नई पीढ़ी को भारतीय संस्कृति, धार्मिक परंपराओं और महर्षि वाल्मीकि के योगदान से परिचित कराना है।
उन्होंने कहा कि महर्षि वाल्मीकि की शिक्षाएं केवल धार्मिक दृष्टि से ही महत्वपूर्ण नहीं हैं, बल्कि वे समाज को नैतिकता, मानवता और सदाचार का संदेश भी देती हैं।
चित्रकूट में तपोस्थली का कराया गया विकास
महर्षि वाल्मीकि की विरासत को संरक्षित करने के लिए प्रदेश सरकार की ओर से उठाए गए कदमों का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने चित्रकूट जिले के ललापुर स्थित महर्षि वाल्मीकि की तपोस्थली के विकास और सुंदरीकरण की जानकारी दी। इस स्थल का धार्मिक और सांस्कृतिक महत्व है। इसके विकास से श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने और इस विरासत को पहचान दिलाने के प्रयास किए जा रहे हैं।
इसके अलावा अयोध्या में महर्षि वाल्मीकि के नाम पर अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे की स्थापना को भी उनकी विरासत से जोड़कर देखा जा रहा है। इन प्रयासों का उद्देश्य महर्षि वाल्मीकि के योगदान को व्यापक स्तर पर पहचान दिलाना है।
मंदिरों में रामायण पाठ और सांस्कृतिक कार्यक्रम
महर्षि वाल्मीकि जयंती के अवसर पर उत्तर प्रदेश के विभिन्न मंदिरों और तीर्थस्थलों पर रामायण पाठ सहित धार्मिक एवं सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। इन आयोजनों के माध्यम से महर्षि वाल्मीकि के जीवन, उनकी रचनाओं और भगवान श्रीराम के आदर्शों का संदेश लोगों तक पहुंचाया जा रहा है।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कामना की कि महर्षि वाल्मीकि जयंती का यह पावन अवसर प्रदेश में शांति, भाईचारे, सद्भाव और समृद्धि को बढ़ावा दे। उन्होंने लोगों से महर्षि वाल्मीकि के आदर्शों को अपनाकर समाज में सकारात्मकता और मानवीय मूल्यों को मजबूत करने का आह्वान किया।




