फर्जी बिल्टी के जरिए दिल्ली से मंगाया गया था सिरप, प्रयागराज और वाराणसी तक सप्लाई करने की थी तैयारी
उत्तर प्रदेश एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स (एएनटीएफ) ने कानपुर में प्रतिबंधित कोडीनयुक्त कफ सिरप की तस्करी के मामले में बड़ी कार्रवाई की है। बाबूपुरवा क्षेत्र के ढकनापुरवा स्थित एक गोदाम से सिरप की 25 हजार शीशियां बरामद की गई हैं। मौके से बिहार निवासी मिहिर कुमार ठाकुर को गिरफ्तार किया गया है। शुरुआती जांच में फर्जी बिल्टी के माध्यम से सिरप की खेप मंगाने और उसे प्रयागराज व वाराणसी भेजने की तैयारी का खुलासा हुआ है।
दिल्ली की फर्म से जुड़ा कनेक्शन
एएनटीएफ कानपुर यूनिट ने इंस्पेक्टर अयनुद्दीन के नेतृत्व में कार्रवाई की। गिरफ्तार आरोपी मूल रूप से बिहार के मधुबनी जिले का निवासी है और कानपुर के बर्रा क्षेत्र में रह रहा था। पूछताछ में दिल्ली के मंगोलपुरी स्थित नोवोट्रिक्स लाइफ साइंसेज फर्म के जरिए कथित तौर पर फर्जी बिल्टी तैयार कर सिरप मंगाने की जानकारी सामने आई है।
बरामद सिरप टर्बो-टी कंपनी का बताया गया है। इसकी खेप वाराणसी के कोटवा सारनाथ स्थित हनुमान ट्रेडर्स तक पहुंचाई जानी थी। एएनटीएफ की शिकायत पर बाबूपुरवा थाने में मुकदमा दर्ज कर आरोपी को पुलिस के हवाले कर दिया गया है।
प्रयागराज में बरामदगी के बाद सामने आया था नेटवर्क
जांच से जुड़े सूत्रों के मुताबिक, सितंबर के आखिरी सप्ताह में प्रयागराज में कोडीनयुक्त सिरप की बड़ी खेप पकड़े जाने के बाद दिल्ली से जुड़े नेटवर्क की जानकारी सामने आई थी। इसके बाद कथित तौर पर 25 हजार शीशियों की खेप दिल्ली से कानपुर के ढकनापुरवा स्थित गोदाम में रखी गई थी। अब इस माल को प्रयागराज और वाराणसी भेजने की तैयारी थी।
आरोपी से पूछताछ के दौरान एएनटीएफ कानपुर यूनिट के साथ मुख्यालय की टीम ने भी जानकारी जुटाई। जांच एजेंसियां अब इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों और फर्मों की भूमिका की पड़ताल कर रही हैं। हालांकि, पूरे नेटवर्क की जिम्मेदारी और अन्य आरोपियों की संलिप्तता जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट होगी।
पहले भी पकड़ी जा चुकी है सिरप की बड़ी खेप
बीते 27 और 28 सितंबर को प्रयागराज में एसटीएफ ने कार्रवाई के दौरान 120 गत्तों में रखी कोडीनयुक्त सिरप की करीब 12 हजार शीशियां बरामद की थीं। मौजूदा मामले में सामने आए कथित दिल्ली कनेक्शन को उस कार्रवाई से जोड़कर देखा जा रहा है। जांच एजेंसियां संबंधित ट्रांसपोर्ट फर्म और सप्लाई चेन से जुड़े लोगों से पूछताछ कर सकती हैं।
दवा कारोबार पर भी कड़ी निगरानी
कोडीनयुक्त कफ सिरप के कथित दुरुपयोग को लेकर प्रदेश में पिछले एक साल से छापेमारी और जांच अभियान चल रहा है। कानपुर में भी दवा कारोबारियों के खिलाफ कार्रवाई की जा चुकी है। अधिकारियों का उद्देश्य सिरप की अवैध बिक्री और नशे के लिए उसके इस्तेमाल पर रोक लगाना है।
एएनटीएफ और स्थानीय पुलिस अब बरामद खेप के स्रोत, परिवहन से जुड़े दस्तावेजों और संभावित खरीदारों की जांच कर रही हैं। जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।




