लखनऊ। विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के बाद मतदाता सूची में छूटे पात्र लोगों के नाम जोड़ने के लिए एक महीने का विशेष अभियान चलाया जाएगा। अभियान के तहत SIR से पहले और बाद की मतदाता सूचियों का मिलान कर ऐसे मतदाताओं की पहचान की जाएगी, जिनके नाम सूची में शामिल नहीं हो पाए हैं।
निर्वाचन विभाग के निर्देश पर बूथ लेवल अधिकारी (BLO) घर-घर जाकर छूटे हुए मतदाताओं के साथ पहली बार मतदान के योग्य हुए युवाओं से संपर्क करेंगे। पात्र लोगों से नाम मतदाता सूची में शामिल कराने के लिए फॉर्म-6 भरवाया जाएगा। हर बीएलओ को सप्ताह में कम से कम 25 लोगों से संपर्क करने का लक्ष्य दिया गया है।
शादी के बाद छूटे महिलाओं के नाम भी जुड़ेंगे
अभियान के दौरान उन महिलाओं के नाम भी प्राथमिकता से जोड़े जाएंगे, जिनकी शादी के बाद ससुराल क्षेत्र की मतदाता सूची में नाम दर्ज नहीं हो पाया है। इसके अलावा आश्रय स्थलों, श्रमिक कॉलोनियों, बेघर और अन्य वंचित लेकिन पात्र लोगों तक भी पहुंच बनाई जाएगी, ताकि कोई पात्र नागरिक मतदान के अधिकार से वंचित न रहे।
मतदान केंद्रों पर लगेंगे विशेष शिविर
मतदाताओं की सुविधा के लिए मतदान केंद्रों पर विशेष शिविर आयोजित किए जाएंगे। इन शिविरों में फॉर्म-6 उपलब्ध कराने के साथ पात्र लोगों को मतदाता सूची में नाम शामिल कराने की प्रक्रिया की जानकारी दी जाएगी। बीएलओ घर-घर संपर्क के दौरान भी पात्र लोगों से आवश्यक फॉर्म भरवाएंगे।
राजनीतिक दलों के बूथ एजेंटों से साझा होंगे फॉर्म
अभियान के दौरान भरे गए फॉर्म राजनीतिक दलों के बूथ लेवल एजेंटों के साथ भी साझा किए जाएंगे। निर्वाचन विभाग का उद्देश्य पूरी प्रक्रिया में पारदर्शिता बनाए रखना है। अभियान की निगरानी मुख्य निर्वाचन अधिकारी (CEO) कार्यालय की ओर से की जाएगी।
अधिकारियों के मुताबिक विशेष अभियान के जरिए मतदाता सूची को अधिक सटीक और अद्यतन बनाने के साथ यह सुनिश्चित किया जाएगा कि कोई भी पात्र नागरिक अपना नाम मतदाता सूची में शामिल कराने से वंचित न रह जाए।




