भारत दर्शन शैक्षिक भ्रमण के तहत लखनऊ पहुंचे विद्यार्थियों को किया प्रोत्साहित, तकनीक के सदुपयोग और समय प्रबंधन पर दिया जोर
लखनऊ। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शनिवार को भारत दर्शन शैक्षिक भ्रमण कार्यक्रम के तहत उत्तराखंड के देवप्रयाग से लखनऊ पहुंचे मेधावी विद्यार्थियों से संवाद किया। मुख्यमंत्री ने विद्यार्थियों से परिचय प्राप्त कर उनका स्वागत किया और उज्ज्वल भविष्य के लिए शुभकामनाएं दीं। उत्तर प्रदेश सरकार के सूचना एवं जनसंपर्क विभाग ने भी कार्यक्रम की पुष्टि की है।
मुख्यमंत्री ने विद्यार्थियों के आत्मविश्वास की सराहना करते हुए कहा कि आत्मविश्वास कठिन परिस्थितियों और चुनौतियों से मुकाबला करने का आत्मबल देता है। उन्होंने बच्चों से कहा कि चुनौती को समस्या मानकर उससे बचने के बजाय उसके समाधान की दिशा में प्रयास करना चाहिए। सकारात्मक सोच के साथ आगे बढ़ने पर कठिन परिस्थितियां भी प्रगति का माध्यम बन सकती हैं।
व्यावहारिक ज्ञान पर दिया जोर
मुख्यमंत्री ने विद्यार्थियों को व्यावहारिक ज्ञान का महत्व समझाते हुए कहा कि केवल पाठ्यक्रम की थ्योरी पढ़ना पर्याप्त नहीं है। विज्ञान की अवधारणाओं को प्रयोगशाला में प्रयोग करके और गणित के सूत्रों को समझकर पढ़ने से विषय की बेहतर समझ विकसित होती है।
उन्होंने कहा कि भारत दर्शन जैसे शैक्षिक भ्रमण विद्यार्थियों को देश, प्रदेश, समाज, संस्कृति और विरासत को करीब से समझने का अवसर देते हैं। ऐसे अनुभव विद्यार्थियों के ज्ञान को व्यापक बनाने में उपयोगी साबित होते हैं।
मुख्यमंत्री ने पाठ्यक्रम की पढ़ाई के साथ ज्ञानवर्धक साहित्य पढ़ने की भी सलाह दी। उन्होंने महापुरुषों की जीवनियां और धार्मिक ग्रंथ पढ़ने तथा अच्छी पुस्तकों का संग्रह करने पर जोर दिया।
गोमती बुक फेस्टिवल ले जाने के निर्देश
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि देवप्रयाग से आए विद्यार्थियों को गोमती बुक फेस्टिवल का भ्रमण कराया जाए और उन्हें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की पुस्तक ‘एग्जाम वॉरियर्स’ उपलब्ध कराई जाए। अगले दिन विद्यार्थियों ने गोमती पुस्तक महोत्सव का भ्रमण भी किया और उन्हें यह पुस्तक भेंट की गई।
तकनीक अपनाएं, लेकिन उसके गुलाम न बनें
योगी आदित्यनाथ ने विद्यार्थियों से तकनीक को वर्तमान समय की आवश्यकता बताते हुए उसके सकारात्मक और नकारात्मक पहलुओं को समझने की अपील की। उन्होंने कहा कि प्रतिस्पर्धा के दौर में तकनीक का ज्ञान जरूरी है, लेकिन इसका इस्तेमाल विवेकपूर्ण तरीके से होना चाहिए।
मुख्यमंत्री ने सोशल मीडिया और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के संभावित दुरुपयोग का उल्लेख करते हुए कहा कि तकनीक का प्रयोग करें, लेकिन उस पर निर्भर न रहें। उनका कहना था कि तकनीक हमारे नियंत्रण में होनी चाहिए, हम तकनीक के नियंत्रण में नहीं।
उन्होंने स्मार्टफोन पर अत्यधिक समय बिताने से बचने की सलाह दी। विद्यार्थियों से कहा कि मोबाइल का इस्तेमाल समाचार, डिजिटल लाइब्रेरी, एआई, इंटरनेट ऑफ थिंग्स, रोबोटिक्स, ड्रोन और स्पेस टेक्नोलॉजी जैसी उपयोगी जानकारियां हासिल करने तथा करियर निर्माण के लिए किया जा सकता है।
समय प्रबंधन को बताया जरूरी
मुख्यमंत्री ने समय की महत्ता पर जोर देते हुए कहा कि एक-एक मिनट महत्वपूर्ण है। विद्यार्थियों को पढ़ाई के साथ परिवार और स्वयं के लिए भी समय निकालने तथा अपनी रुचि के अनुसार अच्छी किताबें पढ़ने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि विपरीत परिस्थितियों में अच्छी पुस्तकें व्यक्ति के लिए संबल का काम करती हैं।
लखनऊ, अयोध्या और काशी का भ्रमण कराएंगे
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को विद्यार्थियों को लखनऊ के साथ अयोध्या और काशी का भ्रमण कराने के निर्देश दिए। उन्होंने बच्चों को इन शहरों में पिछले वर्षों में हुए बदलावों से परिचित कराने की बात कही। उन्होंने अयोध्या में राम मंदिर, एयरपोर्ट, सड़क और रेल कनेक्टिविटी तथा राम की पैड़ी का उल्लेख किया। काशी में श्री काशी विश्वनाथ धाम के विकास का भी जिक्र किया।
मुख्यमंत्री ने विद्यार्थियों से अपने गांव, शहर, तीर्थस्थल और शिक्षण संस्थानों को स्वच्छ रखने की अपील की और स्वच्छता को समाज की सामूहिक जिम्मेदारी बताया।
कार्यक्रम का संचालन कक्षा पांच की छात्रा मिष्टी रावत ने किया। देवप्रयाग के विधायक विनोद कंडारी ने शैक्षिक भ्रमण कार्यक्रम के लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के प्रति आभार जताया। इस अवसर पर दर्जा प्राप्त राज्यमंत्री जोत सिंह बिष्ट, शिक्षक, विद्यार्थी और प्रतिनिधिमंडल के अन्य सदस्य मौजूद रहे।




