पहले चरण में 20 से 25 हजार छात्राओं को मिलेगा लाभ, सरकार ने जारी किया 320 करोड़ रुपये का बजट; स्कूटी के साथ हेलमेट और पांच लीटर पेट्रोल भी देने की तैयारी
उत्तर प्रदेश में विश्वविद्यालयों और डिग्री कॉलेजों की मेधावी छात्राओं को मुफ्त स्कूटी देने की योजना पर काम तेज हो गया है। पहले दिसंबर में वितरण शुरू करने की तैयारी थी, लेकिन अब इसे नवंबर से ही शुरू करने की योजना बनाई गई है। योजना के तहत करीब 40 हजार छात्राओं को स्कूटी देने का लक्ष्य है। उपलब्धता और आपूर्ति को ध्यान में रखते हुए वितरण दो चरणों में किया जाएगा।
पहले चरण में 20 से 25 हजार छात्राओं को स्कूटी देने की तैयारी है। उच्च शिक्षा विभाग लाभार्थियों के चयन, दस्तावेजों के सत्यापन और खरीद से जुड़ी औपचारिकताएं पूरी करने में जुटा है। शेष छात्राओं को अगले चरण में स्कूटी दी जाएगी। वितरण की शुरुआत कंपनी की ओर से वाहनों की आपूर्ति के अनुसार की जाएगी।
320 करोड़ रुपये का बजट, खरीद प्रक्रिया तेज
योजना के लिए करीब 320 करोड़ रुपये का बजट निर्धारित किए जाने की जानकारी है। इतनी बड़ी संख्या में एक साथ स्कूटी उपलब्ध कराने में होने वाली संभावित दिक्कतों को देखते हुए सरकार चरणबद्ध वितरण की तैयारी कर रही है। टेंडर प्रक्रिया पूरी होने के बाद खरीद और आपूर्ति से जुड़े कार्य आगे बढ़ाए जाएंगे।
विभाग की ओर से विश्वविद्यालयों और डिग्री कॉलेजों से मेधावी छात्राओं का ब्योरा लेकर उसका सत्यापन कराया गया है। पात्र छात्राओं के चयन में किसी का नाम छूटने से बचाने के लिए रिकॉर्ड की दोबारा जांच भी की जा रही है।
स्कूटी के साथ हेलमेट और पेट्रोल भी
योजना के तहत छात्राओं को स्कूटी के साथ हेलमेट और जरूरी एसेसरीज देने की भी तैयारी है। इसके अतिरिक्त प्रत्येक स्कूटी के साथ पांच लीटर पेट्रोल उपलब्ध कराने की बात कही गई है। स्कूटी पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की तस्वीरों के साथ उत्तर प्रदेश सरकार का लोगो भी होगा।
उच्च शिक्षा तक पहुंच आसान बनाने पर जोर
सरकार की इस पहल का उद्देश्य मेधावी छात्राओं को कॉलेज और विश्वविद्यालय आने-जाने में सुविधा देना है। माना जा रहा है कि परिवहन की बेहतर सुविधा से छात्राओं को उच्च शिक्षा जारी रखने में मदद मिल सकती है। हालांकि, स्कूटी वितरण की अंतिम तारीख और लाभार्थियों की अंतिम सूची से संबंधित जानकारी आधिकारिक घोषणा के बाद स्पष्ट होगी।




