लखनऊ में श्रद्धांजलि सभा में मुख्यमंत्री ने पूर्व केंद्रीय मंत्री को बताया वंचितों की प्रखर आवाज, कहा- चिराग पासवान आगे बढ़ा रहे पिता का मिशन
राजधानी में पूर्व केंद्रीय मंत्री और लोक जनशक्ति पार्टी के संस्थापक रामविलास पासवान की छठी पुण्यतिथि पर श्रद्धांजलि सभा आयोजित की गई। सुशांत गोल्फ सिटी में हुए कार्यक्रम में राज्यपाल आनंदीबेन पटेल और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की। कार्यक्रम में भजन प्रस्तुति भी हुई।
संघर्ष और सामाजिक चेतना के प्रतीक थे पासवान
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने रामविलास पासवान को संघर्षशील और प्रभावशाली जननेता बताते हुए कहा कि उन्होंने अपने राजनीतिक जीवन में दलितों और वंचित वर्गों की आवाज को मजबूती से उठाया। उनके संघर्ष ने सामाजिक चेतना को नई दिशा देने का काम किया।
सीएम योगी ने कहा कि करीब पांच दशक पहले बिहार की राजनीति में एक युवा नेता के रूप में रामविलास पासवान का उभार हुआ। जनता ने उन्हें व्यापक समर्थन देकर संसद तक पहुंचाया, जहां उन्होंने लंबे समय तक वंचित और कमजोर वर्गों के अधिकारों की बात मजबूती से रखी।
भारतीय परंपराओं के प्रति था सम्मान
मुख्यमंत्री ने अपने संसदीय कार्यकाल के दौरान रामविलास पासवान के साथ बिताए समय को भी याद किया। उन्होंने कहा कि पासवान के मन में भारतीय परंपराओं और संस्कृति के प्रति गहरा सम्मान था। उनका प्रयास रहा कि दलित और वंचित समाज को न्याय के साथ-साथ मुख्यधारा में सम्मानजनक स्थान मिले।
चिराग पासवान को लेकर कही यह बात
योगी आदित्यनाथ ने कहा कि रामविलास पासवान आज भले ही हमारे बीच नहीं हैं, लेकिन उनके विचार और सामाजिक सरोकार आगे बढ़ रहे हैं। उन्होंने कहा कि उनके पुत्र चिराग पासवान अपने पिता के मिशन को आगे ले जाने के लिए लगातार काम कर रहे हैं।
मुख्यमंत्री ने उत्तर प्रदेश में रामविलास पासवान की पुण्यतिथि पर कार्यक्रम आयोजित कराने के लिए चिराग पासवान का आभार जताया।
यूपी में भी सम्मान दिलाने का भरोसा
सीएम योगी ने कहा कि रामविलास पासवान को बिहार में जिस तरह का सम्मान मिला, उत्तर प्रदेश में भी उन्हें वही सम्मान दिलाया जाएगा। उन्होंने कहा कि सामाजिक न्याय और वंचित वर्गों के सम्मान के लिए पासवान का योगदान लंबे समय तक याद किया जाएगा।




