उत्तर प्रदेश सरकार ने वित्तीय वर्ष 2026-27 में प्रदेश के 703 नगरीय निकायों के लिए 1,034.76 करोड़ रुपये की धनराशि स्वीकृत की है। इसमें 16 नगर निगम, 185 नगर पालिका परिषद और 502 नगर पंचायतें शामिल हैं। यह राशि पांचवें राज्य वित्त आयोग की संस्तुतियों के तहत स्वीकृत की गई है। स्थानीय निकाय निदेशालय ने इस संबंध में आदेश जारी कर दिए हैं।
सरकार की ओर से जारी आदेश के अनुसार, नगरीय निकायों को आवंटित धनराशि का बड़ा हिस्सा नगर निगमों के लिए निर्धारित किया गया है। इस राशि का वितरण वर्ष 2022-23 और 2023-24 की वास्तविक प्राप्तियों के आधार पर किया गया है।
नगर निगमों को 473 करोड़ रुपये से अधिक
स्वीकृत धनराशि में नगर निगमों को 473 करोड़ 14 लाख 62 हजार 8 रुपये आवंटित किए गए हैं। वहीं, नगर पालिका परिषदों के लिए 358 करोड़ 24 लाख 82 हजार 806 रुपये और नगर पंचायतों के लिए 203 करोड़ 36 लाख 57 हजार 165 रुपये मंजूर किए गए हैं।
इस तरह तीनों श्रेणियों को मिलाकर कुल 1,034 करोड़ 76 लाख 1 हजार 979 रुपये की धनराशि स्वीकृत हुई है। यह राशि करीब 1,034.76 करोड़ रुपये है।
कुल आवंटन में नगर निगमों की हिस्सेदारी लगभग 45.72 प्रतिशत है। नगर पालिका परिषदों को करीब 34.62 प्रतिशत और नगर पंचायतों को लगभग 19.65 प्रतिशत राशि मिलेगी।
लखनऊ को सबसे अधिक 77.10 करोड़ रुपये
नगर निगमों के आवंटन में राजधानी लखनऊ को 77.10 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए हैं। इसके बाद कानपुर नगर को 65.15 करोड़ रुपये और वाराणसी को 48.44 करोड़ रुपये मिलेंगे। गाजियाबाद और प्रयागराज भी अधिक धनराशि पाने वाले नगर निगमों में शामिल हैं।
वहीं, शाहजहांपुर नगर निगम के लिए 8.74 करोड़ रुपये निर्धारित किए गए हैं। अलग-अलग नगर निगमों को उनकी निर्धारित हिस्सेदारी के अनुसार धनराशि आवंटित की गई है।
नगरीय निकायों के लिए वित्तीय सहायता
प्रदेश के नगरीय निकायों के लिए स्वीकृत यह धनराशि पांचवें राज्य वित्त आयोग की संस्तुतियों के तहत दी जा रही है। इसमें नगर निगमों के साथ नगर पालिका परिषदों और नगर पंचायतों को भी शामिल किया गया है।
सरकार की ओर से जारी आदेश के बाद अब संबंधित निकायों को निर्धारित आवंटन के अनुसार धनराशि उपलब्ध कराने की प्रक्रिया आगे बढ़ेगी। इससे प्रदेश के शहरी स्थानीय निकायों को वित्तीय संसाधन उपलब्ध कराने की व्यवस्था को मजबूती मिलेगी।




