रामपुर स्थित मोहम्मद अली जौहर यूनिवर्सिटी की जमीन और इमारतों पर कार्रवाई, मनी लॉन्ड्रिंग मामले में जांच जारी
लखनऊ, 28 अक्टूबर 2026। समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता और पूर्व कैबिनेट मंत्री मोहम्मद आजम खान से जुड़े मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने बड़ी कार्रवाई की है। ईडी के लखनऊ जोनल कार्यालय ने रामपुर स्थित मोहम्मद अली जौहर यूनिवर्सिटी की जमीन और इमारतों को अस्थायी रूप से अटैच कर लिया है। अटैच की गई संपत्तियों का मूल्य 426.46 करोड़ रुपये बताया गया है, जबकि इनकी मौजूदा बाजार कीमत करीब 1,170 करोड़ रुपये आंकी गई है।
यह कार्रवाई मौलाना मोहम्मद अली जौहर ट्रस्ट, आजम खान और अन्य लोगों के खिलाफ चल रही मनी लॉन्ड्रिंग जांच के तहत की गई है। ईडी की ओर से 28 अक्टूबर 2026 को जारी प्रेस विज्ञप्ति में संपत्तियों को अस्थायी रूप से अटैच किए जाने की जानकारी दी गई।
जौहर यूनिवर्सिटी की जमीन और इमारतें अटैच
ईडी की कार्रवाई रामपुर स्थित मोहम्मद अली जौहर यूनिवर्सिटी की संपत्तियों से संबंधित है। एजेंसी ने इन संपत्तियों को अस्थायी रूप से अटैच किया है। जांच का संबंध मौलाना मोहम्मद अली जौहर ट्रस्ट और उससे जुड़े लोगों के खिलाफ चल रहे मनी लॉन्ड्रिंग मामले से है।
426.46 करोड़ रुपये आंका गया संपत्तियों का मूल्य
ईडी के मुताबिक, अटैच की गई संपत्तियों का मूल्य 426.46 करोड़ रुपये है। वहीं, इनकी मौजूदा बाजार कीमत करीब 1,170 करोड़ रुपये बताई गई है। दोनों आंकड़ों में अंतर संपत्तियों के मूल्यांकन के अलग-अलग आधारों को दर्शाता है।
मनी लॉन्ड्रिंग मामले में जांच जारी
यह कार्रवाई प्रवर्तन निदेशालय की ओर से की जा रही जांच का हिस्सा है। मामले में मौलाना मोहम्मद अली जौहर ट्रस्ट, मोहम्मद आजम खान और अन्य संबंधित लोगों की भूमिका की जांच की जा रही है। संपत्तियों को अस्थायी रूप से अटैच किए जाने की कार्रवाई को अंतिम जब्ती या दोषसिद्धि नहीं माना जाना चाहिए। मामले में आगे की कानूनी प्रक्रिया संबंधित अधिकारियों और न्यायिक मंचों के निर्णयों के अनुसार आगे बढ़ेगी।
क्या है मामले का महत्व?
रामपुर स्थित जौहर यूनिवर्सिटी आजम खान से जुड़े प्रमुख संस्थानों में शामिल है। ऐसे में यूनिवर्सिटी की संपत्तियों पर ईडी की कार्रवाई राजनीतिक और कानूनी, दोनों दृष्टियों से महत्वपूर्ण मानी जा रही है। हालांकि, मामले में अंतिम निष्कर्ष जांच और कानूनी प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही सामने आएगा।




