नई दिल्ली। भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व दिग्गज बल्लेबाज सुनील गावस्कर ने हार्दिक पांड्या की भूमिका को अहम बताते हुए कहा है कि टीम प्रबंधन को उनका सीधा विकल्प तलाशने के बजाय ऐसे खिलाड़ियों को तैयार करना चाहिए, जो अलग-अलग भूमिकाएं निभा सकें। उन्होंने मुख्य कोच गौतम गंभीर और टीम प्रबंधन को आगाह किया कि बल्लेबाजी में गहराई बढ़ाने के प्रयास में गेंदबाजी आक्रमण से समझौता नहीं किया जाना चाहिए।
वेस्टइंडीज के खिलाफ पांच मैचों की टी-20 अंतरराष्ट्रीय सीरीज के अंतिम मुकाबले के बारिश के कारण रद्द होने के बाद गावस्कर ने जियोस्टार पर अपनी राय रखी। उन्होंने कहा कि हार्दिक पांड्या जैसी क्षमताओं वाला खिलाड़ी आसानी से नहीं मिल सकता। ऐसे में टीम को उनकी हूबहू नकल तलाशने के बजाय ऐसे खिलाड़ियों पर भरोसा करना चाहिए, जो अपनी क्षमताओं के अनुसार टीम के लिए योगदान दे सकें।
नमन धीर को बताया उपयोगी विकल्प
गावस्कर ने ऑलराउंडर नमन धीर का उदाहरण देते हुए कहा कि वह बल्ले और गेंद दोनों से टीम के लिए उपयोगी साबित हो सकते हैं। उन्होंने वेस्टइंडीज के खिलाफ बारिश से प्रभावित मुकाबले में धीर की बल्लेबाजी का भी जिक्र किया। इस मैच में धीर ने छह गेंदों पर नाबाद 24 रन बनाए। हालांकि, बारिश के कारण मुकाबला केवल 7.4 ओवर तक ही खेला जा सका।
पूर्व भारतीय कप्तान के मुताबिक, टीम में ऐसे खिलाड़ियों की जरूरत है, जो बल्लेबाजी के साथ कुछ ओवर गेंदबाजी भी कर सकें। उन्होंने अक्षर पटेल को भी उपयोगी विकल्प बताया, जो अपने कोटे के चार ओवर पूरे करने की क्षमता रखते हैं।
चार विशेषज्ञ गेंदबाजों के साथ उतरने की सलाह
गावस्कर ने भारतीय टीम के गेंदबाजी संयोजन पर जोर देते हुए कहा कि टी-20 मुकाबलों में कम से कम चार विशेषज्ञ गेंदबाजों के साथ मैदान पर उतरना चाहिए। पांचवें और छठे गेंदबाजी विकल्प के रूप में ऐसे ऑलराउंडरों को शामिल किया जा सकता है, जो बल्लेबाजी में भी योगदान दें।
उन्होंने चेतावनी दी कि बल्लेबाजी क्रम को आठवें नंबर तक मजबूत करने की कोशिश टीम के लिए नुकसानदायक हो सकती है। उनके अनुसार, यदि बल्लेबाजी में अतिरिक्त गहराई देने के चक्कर में विशेषज्ञ गेंदबाजों की संख्या कम की जाती है, तो टीम का गेंदबाजी आक्रमण कमजोर पड़ सकता है और इसका असर मैच के नतीजे पर भी दिखाई दे सकता है।
बारिश ने गेंदबाजों को परखने का मौका छीना
भारत और वेस्टइंडीज के बीच पांचवां टी-20 मुकाबला बारिश के कारण रद्द हो गया, जिससे निर्णायक मैच का परिणाम नहीं निकल सका। पांच मैचों की सीरीज 2-2 से बराबर रही। गावस्कर ने निराशा जताते हुए कहा कि बारिश के कारण भारतीय गेंदबाजों के प्रदर्शन को परखने का मौका नहीं मिल पाया। उनका मानना था कि छोटे मुकाबले में गेंदबाजों की रणनीति और प्रदर्शन देखना दिलचस्प होता।
उन्होंने भारतीय टीम के स्पिन गेंदबाजी विकल्पों को भी लगातार समर्थन देने की जरूरत बताई। गावस्कर के अनुसार, स्पिनरों को नियमित रूप से प्लेइंग इलेवन में मौका मिले या नहीं, उन्हें टीम के व्यापक ढांचे का हिस्सा बनाए रखना जरूरी है। छोटे प्रारूप में आत्मविश्वास बनाए रखने के लिए टीम प्रबंधन का समर्थन अहम होता है।
आकाश चोपड़ा ने अभिषेक शर्मा के प्रदर्शन पर की टिप्पणी
पूर्व भारतीय क्रिकेटर आकाश चोपड़ा ने भी सीरीज में अभिषेक शर्मा के प्रदर्शन पर अपनी राय रखी। उन्होंने कहा कि अभिषेक का प्रदर्शन उनके सामान्य स्तर के मुकाबले थोड़ा कमजोर रहा। चोपड़ा के मुताबिक, पिछले मुकाबले में पर्याप्त स्ट्राइक नहीं मिलने के कारण अभिषेक अपनी लय हासिल नहीं कर सके।
हालांकि, उन्होंने यह भी कहा कि आक्रामक अंदाज में खेलने वाले बल्लेबाजों के प्रदर्शन में उतार-चढ़ाव स्वाभाविक है। करीब 200 के स्ट्राइक रेट से बल्लेबाजी करने वाले खिलाड़ी से हर मैच में लगातार रन बनाने की उम्मीद करना उचित नहीं है। उनके अनुसार, अभिषेक जैसे आक्रामक बल्लेबाज के कुछ मैचों में अपेक्षा के अनुरूप प्रदर्शन नहीं करने को सामान्य रूप से देखा जाना चाहिए।




