पीएम मोदी 18 मंडलों में करेंगे जनसभाएं, अमित शाह संभालेंगे चुनावी प्रबंधन; सीएम योगी का लक्ष्य सभी 403 विधानसभा क्षेत्रों तक पहुंचना
उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2027 को देखते हुए भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने अपनी चुनावी तैयारियां तेज कर दी हैं। दिवाली के बाद पार्टी प्रदेश में नवंबर और दिसंबर के दौरान व्यापक जनसंपर्क अभियान चलाने की तैयारी में है। इस अभियान में राष्ट्रीय नेतृत्व से लेकर प्रदेश और बूथ स्तर तक के पदाधिकारियों की जिम्मेदारियां तय की गई हैं। प्रस्तावित रणनीति के तहत प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ अलग-अलग स्तरों पर कार्यक्रमों और जनसभाओं के जरिए संगठन को सक्रिय करेंगे।
मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक, भाजपा ने क्षेत्रीय, जिला और विधानसभा स्तर पर अभियान की रूपरेखा तैयार की है। इसका उद्देश्य पार्टी के संगठनात्मक नेटवर्क को मजबूत करना और सरकार की योजनाओं तथा नीतियों की जानकारी अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचाना है।
18 मंडलों में पीएम मोदी की जनसभाओं की तैयारी
प्रस्तावित कार्यक्रम के अनुसार, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी उत्तर प्रदेश के सभी 18 प्रशासनिक मंडलों में जनसभाओं को संबोधित कर सकते हैं। इन सभाओं के जरिए पार्टी कार्यकर्ताओं से संवाद और सरकार की योजनाओं को जनता तक पहुंचाने पर जोर रहेगा।
वहीं, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को चुनावी प्रबंधन और संगठनात्मक गतिविधियों की जिम्मेदारी दिए जाने की बात सामने आई है। वह क्षेत्रवार कार्यक्रमों और जिला स्तर पर बूथ सम्मेलनों के माध्यम से पार्टी की चुनावी तैयारियों की समीक्षा कर सकते हैं।
विधानसभा और जिला स्तर पर सक्रिय होंगे नेता
भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन विधानसभा स्तर पर बैठकों और प्रचार कार्यक्रमों का नेतृत्व करेंगे। दूसरी ओर, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जिला स्तर पर जनसभाएं कर प्रदेश की सभी 403 विधानसभा सीटों तक पहुंचने की रणनीति पर काम करेंगे।
इस व्यवस्था के तहत राष्ट्रीय नेतृत्व के कार्यक्रमों के साथ प्रदेश संगठन और स्थानीय इकाइयों के बीच समन्वय बनाने पर जोर दिया जाएगा। पार्टी का प्रयास रहेगा कि चुनाव से पहले प्रत्येक क्षेत्र में संगठनात्मक गतिविधियां नियमित रूप से चलें।
हर बूथ कार्यकर्ता 50 परिवारों से करेगा संपर्क
अभियान के 20 नवंबर के बाद गति पकड़ने की संभावना है। इसके तहत बूथ स्तर के कार्यकर्ताओं और माइक्रो टीमों को घर-घर संपर्क की जिम्मेदारी दी जाएगी। प्रस्तावित आउटरीच मॉडल के अनुसार, प्रत्येक कार्यकर्ता को कम से कम 50 परिवारों तक पहुंचने का लक्ष्य दिया गया है।
इस दौरान कार्यकर्ता सरकार की योजनाओं, उपलब्धियों और जनकल्याणकारी कार्यक्रमों की जानकारी लोगों तक पहुंचाएंगे। पार्टी ने नए और युवा मतदाताओं से संवाद को भी अभियान का हिस्सा बनाने की तैयारी की है।
सोशल मीडिया पर भी रहेगा जोर
जनसभाओं और बैठकों के साथ डिजिटल माध्यमों पर प्रचार को भी अभियान में शामिल किया गया है। स्थानीय कार्यकर्ताओं को कार्यक्रमों की तस्वीरें, वीडियो और अपडेट सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर साझा करने के निर्देश दिए जाने की जानकारी है।
भाजपा की यह रणनीति केंद्रीय नेतृत्व के कार्यक्रमों, प्रदेश संगठन की गतिविधियों और बूथ स्तर के जनसंपर्क को एक साथ जोड़ने पर केंद्रित है। नवंबर-दिसंबर में प्रस्तावित अभियान के जरिए पार्टी 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले अपनी संगठनात्मक तैयारियों को विस्तार देने की कोशिश करेगी।
हालांकि, इन कार्यक्रमों की अंतिम तारीखों और विस्तृत कार्यक्रम की आधिकारिक पुष्टि संबंधित घोषणाओं के बाद ही स्पष्ट होगी।




