आगरा में बारिश के कारण सीएम योगी का दौरा रद्द, मथुरा में स्कूल बंद; हाथरस की मंडी में भीगा धान, किसानों को आलू की बुवाई में राहत की उम्मीद
पश्चिमी उत्तर प्रदेश में बेमौसम बारिश और तेज हवाओं ने जनजीवन को प्रभावित किया है। शुक्रवार सुबह आगरा, मथुरा और हाथरस समेत कई जिलों में रुक-रुककर बारिश हुई। मौसम बिगड़ने के कारण आगरा में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का प्रस्तावित दौरा रद्द करना पड़ा, जबकि मथुरा में तेज आंधी और बारिश के चलते स्कूलों में छुट्टी करनी पड़ी। हाथरस में मंडी में खुले में रखी धान की हजारों बोरियां भीग गईं। मौसम विभाग ने प्रदेश के 37 जिलों में आंधी, बारिश और बिजली गिरने की आशंका जताई है।
पश्चिमी विक्षोभ से बदला मौसम
लखनऊ मौसम केंद्र के वैज्ञानिक अतुल कुमार सिंह के अनुसार, उत्तरी पाकिस्तान और जम्मू-कश्मीर के आसपास सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से पश्चिमी उत्तर प्रदेश में मौसम में बदलाव आया है। इसके असर से अगले दिन पूर्वी उत्तर प्रदेश के कुछ इलाकों में भी हल्की बारिश हो सकती है।
इससे पहले गुरुवार को नोएडा, गाजियाबाद समेत प्रदेश के करीब 20 शहरों में आंधी और बारिश हुई थी। मौसम खराब होने से कई स्थानों पर नुकसान और लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ा। कासगंज में बिजली गिरने से तीन लोगों की मौत होने की भी जानकारी सामने आई है।
आगरा में जलभराव, बिजली आपूर्ति पर असर
आगरा में गुरुवार दोपहर अचानक मौसम बदला और तेज हवाओं के साथ बारिश शुरू हो गई। देर रात तक रुक-रुककर बारिश होती रही। इसके बाद चली ठंडी हवाओं से तापमान में गिरावट आई और लोगों को ठंड का अहसास हुआ। मौसम विभाग ने शुक्रवार को भी तेज हवाओं, बिजली कड़कने और कुछ इलाकों में ओलावृष्टि की आशंका जताई।
बारिश के कारण अछनेरा मंडी में खुले में रखा धान भीग गया। एहतियात के तौर पर बिजली विभाग ने कुछ समय के लिए आपूर्ति बंद रखी, जिसे मौसम की स्थिति सामान्य होने पर बहाल कर दिया गया। तेज हवाओं के चलते शहर के कुछ इलाकों में बिजली संबंधी स्थानीय खराबियां भी सामने आईं।
सड़कों पर कीचड़ और जलभराव से परेशानी
बारिश के बाद आगरा में निर्माणाधीन सड़कों और खुदाई वाले स्थानों पर कीचड़ फैल गया। शहीद नगर के पास शमसाबाद रोड पर कई वाहन गड्ढों में फंस गए। वहीं, टेढ़ी बगिया से कालिंदी रोड और ताजगंज की 100 फुटा रोड पर जलभराव के कारण आवागमन प्रभावित हुआ।
आलू किसानों को मिल सकती है राहत
बेमौसम बारिश से जहां मंडियों में रखी फसल को नुकसान पहुंचा है, वहीं खेतों में नमी बढ़ने से आलू किसानों को फायदा मिलने की उम्मीद है। किसान 20 अक्टूबर के बाद आलू की बुवाई शुरू करने की तैयारी कर रहे हैं। ठंडक कम होने के कारण बुवाई में देरी हो रही थी। अब मौसम में बदलाव के बाद किसानों ने कोल्ड स्टोरेज से आलू के बीज और उर्वरक खरीदने शुरू कर दिए हैं।
मौसम विभाग के अलर्ट के बीच लोगों को सलाह दी गई है कि आंधी और बिजली गिरने की स्थिति में खुले स्थानों से दूर रहें तथा मौसम संबंधी ताजा चेतावनियों पर नजर बनाए रखें।




