पूर्वी यूपी में एक नवंबर से खुलेगा खरीद का रास्ता, 65 लाख मीट्रिक टन धान खरीदने का लक्ष्य; बाजरा, मक्का और ज्वार के लिए भी एमएसपी तय
उत्तर प्रदेश सरकार ने खरीफ विपणन सत्र के लिए धान और मोटे अनाज की सरकारी खरीद की तैयारी तेज कर दी है। योगी कैबिनेट के फैसले के अनुसार पश्चिमी उत्तर प्रदेश में 12 अक्टूबर से धान की खरीद शुरू होगी, जबकि पूर्वी यूपी के किसानों को एक नवंबर से अपनी उपज बेचने का मौका मिलेगा। सरकार ने इस बार 65 लाख मीट्रिक टन धान खरीदने का लक्ष्य रखा है। किसानों को उपज का भुगतान 48 घंटे के भीतर उनके बैंक खातों में भेजने की व्यवस्था भी की जा रही है।
4,500 केंद्रों पर खरीदा जाएगा धान
खाद्य एवं रसद मंत्री मनोज कुमार पांडेय के मुताबिक, धान की खरीद आठ एजेंसियों के माध्यम से प्रदेश में बनाए जाने वाले 4,500 क्रय केंद्रों पर होगी। पश्चिमी यूपी में खरीद 15 फरवरी तक और पूर्वी उत्तर प्रदेश में 28 फरवरी 2027 तक चलेगी।
धान का न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) सामान्य किस्म के लिए 2,441 रुपये और ग्रेड-ए के लिए 2,461 रुपये प्रति क्विंटल निर्धारित किया गया है। सरकार का कहना है कि किसानों को समय पर भुगतान और पर्याप्त बारदाने उपलब्ध कराने पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।
इन क्षेत्रों में पहले चरण में खरीद
12 अक्टूबर से मेरठ, सहारनपुर, मुरादाबाद, बरेली, आगरा, अलीगढ़ और झांसी मंडलों में धान खरीदा जाएगा। लखनऊ मंडल के हरदोई, लखीमपुर खीरी और सीतापुर जिले भी इसी चरण में शामिल रहेंगे।
पूर्वी उत्तर प्रदेश में एक नवंबर से चित्रकूट, कानपुर, अयोध्या, गोरखपुर, देवीपाटन, बस्ती, आजमगढ़, वाराणसी, मीरजापुर और प्रयागराज मंडलों में खरीद शुरू होगी। लखनऊ मंडल के लखनऊ, रायबरेली और उन्नाव जिले भी दूसरे चरण में शामिल किए गए हैं।
श्रीअन्न की खरीद 31 दिसंबर से
सरकार इस साल मोटे अनाज यानी श्रीअन्न की सरकारी खरीद भी 31 दिसंबर से शुरू करेगी। प्रदेश के 33 जिलों में बाजरा, 25 जिलों में मक्का और 13 जिलों में ज्वार की खरीद की जाएगी। इसके लिए अलग-अलग क्रय केंद्र और खरीद लक्ष्य निर्धारित किए गए हैं।
मोटे अनाज का घोषित न्यूनतम समर्थन मूल्य इस प्रकार है:
- ज्वार (मालदांडी): 4,073 रुपये प्रति क्विंटल
- ज्वार (हाइब्रिड): 4,023 रुपये प्रति क्विंटल
- बाजरा: 2,900 रुपये प्रति क्विंटल
- मक्का: 2,410 रुपये प्रति क्विंटल
सरकार ने बाजरे की खरीद के लिए 300, ज्वार के लिए 80 और मक्के के लिए 75 क्रय केंद्र निर्धारित किए हैं। खरीद का लक्ष्य बाजरे के लिए 2.20 लाख मीट्रिक टन, ज्वार के लिए 50 हजार मीट्रिक टन और मक्के के लिए 15 हजार मीट्रिक टन रखा गया है।
किसानों को 48 घंटे में भुगतान
मंत्री के अनुसार धान और मोटे अनाज की बिक्री के बाद किसानों के आधार से जुड़े बैंक खातों में सीधे भुगतान किया जाएगा। मोटे अनाज की खरीद में बिचौलियों को रोकने के लिए ई-पॉप मशीन के जरिए बायोमीट्रिक सत्यापन की व्यवस्था रहेगी।
खरीद से संबंधित सहायता के लिए किसान टोल फ्री नंबर 1800-180-0150 पर संपर्क कर सकते हैं। इसके अलावा जिला खाद्य विपणन अधिकारी, क्षेत्रीय विपणन अधिकारी और विपणन निरीक्षक से भी जानकारी प्राप्त की जा सकती है।
करीब 14 हजार किसानों का पंजीकरण
सरकारी आंकड़ों के मुताबिक, 9 अक्टूबर को दोपहर दो बजे तक लगभग 13,943 किसान धान बेचने के लिए पंजीकरण करा चुके थे। सरकार का लक्ष्य खरीद प्रक्रिया को पारदर्शी बनाना और किसानों को उनकी उपज का उचित मूल्य उपलब्ध कराना है।




