नई दिल्ली। छात्रों पर पढ़ाई के बढ़ते दबाव और मानसिक स्वास्थ्य से जुड़ी चुनौतियों को देखते हुए IIT दिल्ली ने अकादमिक व्यवस्था और छात्र कल्याण से जुड़े कई बदलाव किए हैं। संस्थान ने B.Tech डिग्री के लिए न्यूनतम CGPA की अनिवार्यता खत्म करने के साथ-साथ छात्रों को मानसिक स्वास्थ्य सहायता उपलब्ध कराने और अकादमिक दबाव कम करने के लिए कई पहल शुरू की हैं।
B.Tech के लिए न्यूनतम CGPA की अनिवार्यता खत्म
IIT दिल्ली ने 2024-25 शैक्षणिक सत्र से B.Tech डिग्री के लिए न्यूनतम CGPA की शर्त समाप्त कर दी है। इस बदलाव का उद्देश्य उन छात्रों पर अकादमिक दबाव कम करना है, जो निर्धारित CGPA हासिल करने की चिंता से तनाव का सामना करते हैं।
इसके अलावा, संस्थान ने 2025 में लागू किए गए नए पाठ्यक्रम के तहत पहले सेमेस्टर के क्रेडिट लोड में भी बदलाव किया है। कमजोर प्रदर्शन करने वाले छात्रों के लिए शाम के समय अतिरिक्त शैक्षणिक सहायता और बैकलॉग पूरा करने में मदद की व्यवस्था की गई है।
छात्रों के लिए मानसिक स्वास्थ्य सहायता पर जोर
IIT दिल्ली ने छात्रों के मानसिक स्वास्थ्य को लेकर सहायता व्यवस्था को भी मजबूत किया है। संस्थान की ओर से मानसिक स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं से जूझ रहे छात्रों को विशेषज्ञ सहायता उपलब्ध कराने की व्यवस्था की गई है।
रिपोर्ट के मुताबिक, मानसिक स्वास्थ्य सेवाओं के लिए AIIMS और VIMHANS के विशेषज्ञों की सेवाएं भी ली जा रही हैं। छात्रों को जरूरत के अनुसार बाहरी चिकित्सा सुविधाओं तक सहायता उपलब्ध कराने और उपचार संबंधी खर्च में संस्थान की ओर से सहयोग का प्रावधान भी बताया गया है।
UG बडी प्रोग्राम का भी विस्तार
नए छात्रों को संस्थान के माहौल में आसानी से ढलने और जरूरत पड़ने पर सहयोग मिल सके, इसके लिए UG बडी प्रोग्राम को भी विस्तार दिया गया है। 2025 से इस कार्यक्रम को PG और अंतरराष्ट्रीय छात्रों तक भी बढ़ाया गया है।
IIT दिल्ली के नेशनल रिसोर्स सेंटर फॉर वैल्यू एजुकेशन इन इंजीनियरिंग (NRCVEE) के तहत योग और मेडिटेशन को भी लंबे समय से छात्र कल्याण गतिविधियों का हिस्सा बनाया गया है।
भेदभाव के खिलाफ सख्त व्यवस्था
संस्थान ने कैंपस में जाति, लिंग, भाषा और क्षेत्रीय आधार पर होने वाले भेदभाव के खिलाफ भी सख्त दिशा-निर्देश जारी किए हैं। छात्रों को अपनी शिकायतें दर्ज कराने के लिए सेंट्रलाइज्ड ERP पोर्टल की सुविधा उपलब्ध कराई गई है।
इस व्यवस्था के तहत छात्र अपनी शिकायत गोपनीय तरीके से दर्ज कर सकते हैं और उन्हें एक रेफरेंस नंबर दिया जाता है, जिससे शिकायत की स्थिति को ट्रैक किया जा सकता है।
IIT दिल्ली की इन पहलों का उद्देश्य छात्रों के लिए ऐसा अकादमिक और कैंपस माहौल तैयार करना है, जिसमें पढ़ाई के साथ-साथ उनके मानसिक स्वास्थ्य, व्यक्तिगत सहायता और समग्र कल्याण पर भी ध्यान दिया जा सके।




