लखनऊ। उत्तर प्रदेश में वरिष्ठ पत्रकारों के लिए पेंशन की मांग लंबे समय से उठाई जा रही है। उत्तर प्रदेश मान्यता प्राप्त संवाददाता समिति (पुनर्गठित) के संयोजक प्रभात कुमार त्रिपाठी ने ऐलान किया है कि यदि दीपावली तक सरकार की ओर से वरिष्ठ पत्रकारों की पेंशन को लेकर कोई घोषणा नहीं होती है, तो वह आमरण अनशन शुरू करेंगे।
समिति के अनुसार वरिष्ठ पत्रकारों की पेंशन का मुद्दा पिछले करीब दो वर्षों से लगातार उठाया जा रहा है। इस संबंध में सरकार और संबंधित विभागों के सामने समय-समय पर मांग रखी जाती रही है।
वरिष्ठ पत्रकारों की पेंशन की मांग को लेकर लगातार प्रयास
समिति की ओर से वरिष्ठ पत्रकारों की आर्थिक और सामाजिक सुरक्षा के लिए पेंशन व्यवस्था लागू करने की मांग की जा रही है। समिति का कहना है कि लंबे समय तक पत्रकारिता के क्षेत्र में योगदान देने वाले वरिष्ठ पत्रकारों के लिए जीवन के इस चरण में सामाजिक सुरक्षा की व्यवस्था जरूरी है।
इसी मांग को लेकर समिति ने अधिकारियों और सरकार के समक्ष कई बार अपनी बात रखी है। अब प्रभात त्रिपाठी ने दीपावली तक निर्णय नहीं होने की स्थिति में आमरण अनशन की घोषणा की है।
डॉ. राजेश्वर सिंह ने भी मुख्यमंत्री के सामने उठाया मुद्दा
वरिष्ठ पत्रकारों की पेंशन के मुद्दे को सरोजनीनगर के विधायक डॉ. राजेश्वर सिंह ने भी मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के सामने उठाया है। 24 सितंबर 2026 की रिपोर्ट के अनुसार, डॉ. राजेश्वर सिंह ने मुख्यमंत्री से प्रदेश के वरिष्ठ पत्रकारों और दिवंगत पत्रकारों के परिवारों के लिए व्यापक सामाजिक सुरक्षा व्यवस्था पर विचार करने का अनुरोध किया। उन्होंने 60 वर्ष से अधिक आयु के पात्र वरिष्ठ पत्रकारों को नियमित मासिक पेंशन देने का सुझाव दिया।
डॉ. राजेश्वर सिंह ने दिवंगत पत्रकारों की विधवाओं अथवा पात्र आश्रितों के लिए न्यूनतम 25 हजार रुपये प्रतिमाह पारिवारिक पेंशन देने का प्रस्ताव भी रखा है। उनके सुझाव में कम उम्र में दिवंगत पत्रकारों का रिकॉर्ड तैयार करने, पत्रकार कल्याण योजनाओं को ऑनलाइन और पारदर्शी बनाने तथा जरूरतमंद परिवारों को अतिरिक्त सहायता उपलब्ध कराने जैसे मुद्दे भी शामिल हैं।
प्रभात त्रिपाठी ने डॉ. राजेश्वर सिंह द्वारा वरिष्ठ पत्रकारों की पेंशन का मुद्दा मुख्यमंत्री के सामने उठाए जाने के लिए उनका आभार व्यक्त किया है। समिति की ओर से उम्मीद जताई गई है कि दीपावली से पहले इस विषय पर सरकार की ओर से कोई निर्णय सामने आ सकता है।
पेंशन के साथ सामाजिक सुरक्षा की भी मांग
पत्रकारों की पेंशन के अलावा स्वास्थ्य सुविधाओं, पारिवारिक सहायता और अन्य सामाजिक सुरक्षा से जुड़े मुद्दे भी पत्रकार संगठनों की मांगों में शामिल रहे हैं। डॉ. राजेश्वर सिंह ने भी अपने पत्र में बीमारी, वृद्धावस्था और परिवार के कमाऊ सदस्य की मृत्यु जैसी परिस्थितियों में पत्रकारों और उनके परिवारों के लिए स्थायी सहायता व्यवस्था की आवश्यकता बताई है।
अब नजर इस बात पर है कि दीपावली से पहले वरिष्ठ पत्रकारों की पेंशन को लेकर सरकार की ओर से क्या कदम उठाया जाता है। वहीं, प्रभात त्रिपाठी के आमरण अनशन के ऐलान ने लंबे समय से चल रही इस मांग को फिर चर्चा में ला दिया है।




