लखनऊ। उत्तर प्रदेश में पिछले दो दिनों से हो रही भारी बारिश ने जनजीवन को प्रभावित कर दिया है। कई जिलों में जलभराव के कारण लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है, जबकि ग्रामीण क्षेत्रों में फसलों को नुकसान पहुंचा है। कई जगह मकान क्षतिग्रस्त होने और बिजली आपूर्ति प्रभावित होने की सूचनाएं सामने आई हैं। स्थानीय प्रशासन की टीमें राहत और बचाव कार्य में जुटी हैं।


कानपुर में कच्चे मकान की दीवार ढही, आठ लोग दबे
कानपुर। सचेंडी थाना क्षेत्र के कैधा नयापुरवा गांव में सोमवार तड़के लगातार बारिश के बीच एक कच्चे मकान की जर्जर दीवार अचानक ढह गई। हादसे के समय घर में सो रहे एक ही परिवार के आठ लोग मलबे में दब गए। ग्रामीणों और पुलिस की मदद से सभी को बाहर निकालकर अस्पताल पहुंचाया गया।
पुलिस के मुताबिक, मुन्ना सिंह, उनकी पत्नी रमाकांती और उनके छह बच्चे मकान में सो रहे थे। हादसा सोमवार तड़के करीब तीन बजे हुआ। मलबे में दबे सभी आठ लोगों को कल्याणपुर सीएचसी ले जाया गया। डॉक्टरों ने मुन्ना सिंह, रमाकांती, अंजलि और शुभम की हालत गंभीर देखते हुए उन्हें एलएलआर अस्पताल रेफर कर दिया। वहीं, मामूली रूप से घायल चार बच्चों को प्राथमिक उपचार के बाद घर भेज दिया गया।
सचेंडी थाना प्रभारी दीनानाथ मिश्रा ने बताया कि घायलों को तत्काल अस्पताल पहुंचाया गया। फिलहाल गांव में स्थिति सामान्य है।
मेरठ में बूंदाबांदी के बाद तेज बारिश
मेरठ। सोमवार सुबह हल्की बूंदाबांदी के बाद अचानक तेज बारिश शुरू होने से मौसम का मिजाज बदल गया। शहर और आसपास के इलाकों में सुबह से ही आसमान में बादल छाए रहे। मौसम विभाग की ओर से तेज बारिश और गरज-चमक को लेकर अलर्ट जारी किया गया है।
लगातार बारिश के कारण शहर के कई हिस्सों में जलभराव की स्थिति बनने की आशंका बनी हुई है। प्रशासन और संबंधित विभागों को जल निकासी व्यवस्था पर निगरानी रखने के निर्देश दिए गए हैं।
मुरादाबाद में 50 मकान क्षतिग्रस्त
मुरादाबाद। भारी बारिश के कारण जिले के कई इलाकों में जलभराव, बिजली आपूर्ति प्रभावित होने और मकानों के क्षतिग्रस्त होने की घटनाएं सामने आई हैं। डीएम अनुनय झा ने नगर आयुक्त और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक के साथ शहर के निचले इलाकों का निरीक्षण कर स्थिति का जायजा लिया।
प्रशासन ने बुद्धि विहार कॉलोनी, नगर निगम के पंपिंग स्टेशन और गागन नदी में गिरने वाले नालों का निरीक्षण कर जल निकासी व्यवस्था की समीक्षा की। प्रारंभिक रिपोर्ट के मुताबिक जिले में करीब 50 मकान पूर्ण या आंशिक रूप से क्षतिग्रस्त हुए हैं।
प्रशासन के अनुसार प्रभावित परिवारों को नियमानुसार राहत राशि उपलब्ध कराई जाएगी। इसके अलावा फसल और पशुहानि का सर्वे कराया जा रहा है, जिसके आधार पर पात्र किसानों और पशुपालकों को मुआवजा दिया जाएगा।
कुशीनगर में 200 लोग और 80 मवेशी सुरक्षित निकाले
कुशीनगर। बाढ़ प्रभावित इलाकों में एसडीआरएफ की टीमें लगातार राहत और बचाव अभियान चला रही हैं। शिवपुर क्षेत्र में चलाए गए रेस्क्यू ऑपरेशन के दौरान करीब 200 लोगों और 80 मवेशियों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया।
एसडीआरएफ की दो टीमें शिवपुर गांव क्षेत्र के हरिपुरा मरच्छावा, नारायणपुर, बसई ग्राम सभाओं और सलिकपुर चौकी क्षेत्र में तैनात हैं। टीमों ने बाढ़ में फंसे लोगों और पशुओं को सुरक्षित निकालने के लिए लगातार अभियान चलाया।
उपनिरीक्षक अंकित विश्वकर्मा के नेतृत्व वाली टीम ने 18 पुरुषों, 20 महिलाओं, 34 बच्चों और 24 मवेशियों को सुरक्षित निकाला। वहीं, हेड कांस्टेबल जयप्रकाश यादव के नेतृत्व वाली दूसरी टीम ने 32 पुरुषों, 48 महिलाओं, 48 बच्चों और 56 मवेशियों को सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाया।
बारिश और बाढ़ की स्थिति को देखते हुए प्रशासन की टीमें प्रभावित इलाकों में निगरानी बनाए हुए हैं। वहीं, फसल नुकसान, जलभराव और क्षतिग्रस्त मकानों का आकलन भी किया जा रहा है।




