मध्य प्रदेश से बिहार जा रहा था टैंकर, पुलिस और फायर ब्रिगेड ने संभाला मोर्चा; समय रहते सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया गया वाहन
कौशांबी। उत्तर प्रदेश के कौशांबी जिले में नेशनल हाईवे-19 पर ओलियम एसिड से भरे एक टैंकर में रिसाव होने से अफरा-तफरी मच गई। टैंकर से एसिड निकलने के बाद हवा में घना सफेद धुआं उठने लगा। इससे हाईवे के आसपास मौजूद ढाबों, दुकानदारों और वाहन चालकों में हड़कंप मच गया। सूचना मिलते ही पुलिस, प्रशासन और फायर ब्रिगेड की टीमें मौके पर पहुंचीं। एहतियात के तौर पर यातायात रोककर टैंकर को आबादी और मुख्य हाईवे से दूर सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया गया। राहत की बात यह रही कि घटना में किसी के हताहत होने की सूचना नहीं है।
वाल्व में खराबी से हुआ एसिड का रिसाव
यह घटना सैनी कोतवाली क्षेत्र के कनवार बॉर्डर के पास हुई। जानकारी के मुताबिक, टैंकर मध्य प्रदेश के मालवा से ओलियम एसिड लोड कर बिहार के नालंदा जा रहा था। कौशांबी सीमा में प्रवेश करने के बाद टैंकर से एसिड का रिसाव शुरू हो गया। शुरुआती तौर पर तकनीकी खराबी या वाल्व ढीला होने की आशंका जताई गई है।
एसिड के संपर्क में हवा की नमी आने से रासायनिक प्रतिक्रिया हुई और घना धुआं उठने लगा। अचानक सड़क पर धुआं फैलने से आसपास मौजूद लोगों में दहशत फैल गई। कई वाहन चालकों ने अपने वाहन रोक दिए, जिससे हाईवे पर कुछ समय के लिए यातायात प्रभावित हुआ।
पुलिस और फायर ब्रिगेड ने संभाला मोर्चा
घटना की सूचना मिलते ही सैनी कोतवाली पुलिस मौके पर पहुंची और दोनों ओर से वाहनों को सुरक्षित दूरी पर रोक दिया। इसके बाद फायर ब्रिगेड और संबंधित विशेषज्ञों की मदद से टैंकर को सुरक्षित स्थान पर शिफ्ट कराया गया। रिसाव को नियंत्रित करने के लिए मौके पर आवश्यक सुरक्षा उपाय किए गए।
सैनी कोतवाल त्रिलोकी नाथ पांडेय के अनुसार, समय रहते कार्रवाई किए जाने से किसी जनहानि या गंभीर नुकसान की सूचना नहीं है। फिलहाल स्थिति नियंत्रण में है और हाईवे पर यातायात बहाल कर दिया गया है। टैंकर के वाल्व की मरम्मत की जा रही है तथा रिसाव के तकनीकी कारणों की जांच की जा रही है।
क्या है ओलियम एसिड और कितना खतरनाक है?
ओलियम को फ्यूमिंग सल्फ्यूरिक एसिड भी कहा जाता है। इसमें सल्फर ट्राइऑक्साइड घुला होता है, जिसके कारण यह हवा की नमी के संपर्क में आने पर घना धुआं पैदा कर सकता है। यह अत्यधिक संक्षारक रसायन है और इसके संपर्क में आने से त्वचा, आंखों तथा श्वसन तंत्र को गंभीर नुकसान पहुंच सकता है।
ओलियम का उपयोग औद्योगिक स्तर पर सल्फ्यूरिक एसिड के निर्माण, रसायनों के उत्पादन, रंगों और डिटर्जेंट बनाने तथा पेट्रोलियम उत्पादों के प्रसंस्करण में किया जाता है।
विशेषज्ञों के अनुसार, ऐसे रसायनों के रिसाव के दौरान आम लोगों को घटनास्थल से दूर रहना चाहिए और धुएं के संपर्क में आने से बचना चाहिए। पानी डालकर रिसाव को नियंत्रित करने का प्रयास भी खतरनाक हो सकता है। ऐसी स्थिति में प्रशिक्षित आपदा प्रबंधन और रासायनिक सुरक्षा टीमों की सहायता जरूरी होती है।




