योगी सरकार ने श्रेणीवार न्यूनतम पारिश्रमिक किया निर्धारित, नई दरें 2 सितंबर से लागू; नवंबर में अक्टूबर के वेतन के साथ मिलेगा सितंबर का एरियर
लखनऊ। उत्तर प्रदेश की योगी सरकार ने दीपावली से पहले राज्य के लाखों आउटसोर्स कर्मचारियों को बड़ी राहत दी है। सरकार ने विभिन्न विभागों में कार्यरत आउटसोर्स कर्मचारियों का श्रेणीवार न्यूनतम मानदेय निर्धारित कर दिया है। श्रेणी एक को छोड़कर अन्य श्रेणियों के कर्मचारियों के पारिश्रमिक में डेढ़ गुना तक बढ़ोतरी की गई है। इस फैसले से प्रदेश के करीब 2.72 लाख कर्मचारियों को लाभ मिलेगा।
सचिवालय प्रशासन विभाग की ओर से सोमवार शाम जारी आदेश के मुताबिक, नई दरें 2 सितंबर 2026 से प्रभावी होंगी। कर्मचारियों को नवंबर में मिलने वाले अक्टूबर के पारिश्रमिक के साथ सितंबर महीने का एरियर भी दिया जाएगा। सरकार ने सभी श्रेणियों पर लगने वाले 18 प्रतिशत जीएसटी का भार स्वयं उठाने का निर्णय लिया है।
पहले से ज्यादा मानदेय पाने वालों की सैलरी नहीं घटेगी
आदेश में स्पष्ट किया गया है कि जिन कर्मचारियों को पहले से निर्धारित न्यूनतम मानदेय से अधिक पारिश्रमिक मिल रहा है, उनके भुगतान में कोई कटौती नहीं की जाएगी। यानी नई व्यवस्था के तहत किसी कर्मचारी का मौजूदा मानदेय कम नहीं होगा।
श्रेणी एक के कर्मचारियों के ईपीएफ कटौती को लेकर संबंधित विभाग निर्णय लेंगे। वहीं, सर्विस चार्ज अधिकतम सात प्रतिशत तक निर्धारित किया गया है। यूपीकॉस का सेंटेज एक प्रतिशत की दर से जोड़ा गया है।
श्रेणीवार तय किया गया न्यूनतम पारिश्रमिक
सरकार ने चार श्रेणियों में कर्मचारियों के लिए अलग-अलग न्यूनतम मासिक पारिश्रमिक तय किया है।
- श्रेणी एक: न्यूनतम मासिक पारिश्रमिक 39,000 रुपये निर्धारित किया गया है। इसके साथ 1,501 रुपये सर्विस चार्ज और 390 रुपये यूपीकॉस सेंटेज का भुगतान नियोक्ता करेगा। ईपीएफ कटौती के संबंध में विभाग निर्णय लेंगे।
- श्रेणी दो: मासिक पारिश्रमिक 21,947 रुपये तय किया गया है। ईपीएफ और ईएसआई की कटौती के बाद कर्मचारी को 19,148.76 रुपये मिलेंगे। सरकार की ओर से ईपीएफ खाते में 2,633.64 रुपये और ईएसआई खाते में 713.28 रुपये जमा किए जाएंगे। इसके अतिरिक्त 844.96 रुपये सर्विस चार्ज और 219 रुपये यूपीकॉस सेंटेज निर्धारित है।
- श्रेणी तीन: मासिक पारिश्रमिक 19,446 रुपये तय हुआ है। कटौतियों के बाद कर्मचारी के हाथ में 16,966.64 रुपये आएंगे। ईपीएफ के लिए 2,333.22 रुपये और ईएसआई के लिए 145.85 रुपये की कटौती होगी। सरकार की ओर से ईपीएफ में 2,333.52 रुपये और ईएसआई में 632 रुपये जमा किए जाएंगे। इसके अलावा 748.67 रुपये सर्विस चार्ज और 194 रुपये यूपीकॉस सेंटेज मिलेगा।
- श्रेणी चार: मासिक पारिश्रमिक 17,646 रुपये निर्धारित किया गया है। कटौती के बाद कर्मचारी को 15,396.14 रुपये मिलेंगे। ईपीएफ में 2,117.52 रुपये और ईएसआई में 132.35 रुपये की कटौती होगी। सरकार ईपीएफ खाते में 2,117.52 रुपये और ईएसआई खाते में 573.50 रुपये जमा करेगी। इसके साथ 679.37 रुपये सर्विस चार्ज और 176 रुपये यूपीकॉस सेंटेज निर्धारित किया गया है।
जीएसटी का भार सरकार उठाएगी
आदेश के अनुसार, सभी श्रेणियों के कर्मचारियों पर लागू 18 प्रतिशत जीएसटी का भुगतान सरकार करेगी। इससे कर्मचारियों के मानदेय पर जीएसटी का अतिरिक्त बोझ नहीं पड़ेगा। सर्विस चार्ज की अधिकतम सीमा सात प्रतिशत रखी गई है, जबकि यूपीकॉस का सेंटेज एक प्रतिशत की दर से तय किया गया है। भविष्य में इन दरों में संशोधन भी किया जा सकेगा।
नवंबर में वेतन के साथ मिलेगा एरियर
नई व्यवस्था सितंबर से लागू होने के कारण कर्मचारियों को अक्टूबर के वेतन के साथ सितंबर महीने का बकाया भी दिया जाएगा। सरकार के इस फैसले से विभिन्न विभागों में लंबे समय से आउटसोर्स व्यवस्था के तहत काम कर रहे कर्मचारियों को आर्थिक राहत मिलने की उम्मीद है।




