तीन जिलों के पांच थाना क्षेत्रों से गुजरी आरोपियों की कार, कानपुर में नहर से मिला शव; तीन आरोपी गिरफ्तार, मुठभेड़ में दो घायल, मुख्य आरोपी मोनू की तलाश जारी
जालौन। कालपी बार एसोसिएशन के अध्यक्ष और वरिष्ठ अधिवक्ता गयादीन अहिरवार (68) की अपहरण के बाद हत्या कर दी गई। शनिवार को कार सवार लोग उन्हें अपने साथ ले गए थे। रविवार सुबह उनका रक्तरंजित शव कानपुर नगर के गुजैनी थाना क्षेत्र में नहर से बरामद हुआ। मामले में पुलिस की शुरुआती कार्रवाई पर भी सवाल उठ रहे हैं। अपहरण की सूचना मिलने के बाद भी आरोपी करीब 70 किलोमीटर की दूरी तय कर तीन जिलों के पांच थाना क्षेत्रों से गुजर गए, लेकिन उन्हें रास्ते में नहीं रोका जा सका।
पुलिस ने तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इनमें आशीष विश्वकर्मा और सर्वेश शुक्ला पुलिस मुठभेड़ में पैर में गोली लगने से घायल हुए हैं। तीसरे आरोपी केशव को भी हिरासत में लिया गया है। पुलिस मुख्य आरोपी मोनू यादव की तलाश कर रही है।
मुवक्किल से मिलने के बहाने बुलाया, कार में बैठाकर ले गए आरोपी
गयादीन अहिरवार कालपी के मोहल्ला कागजीपुरा के निवासी थे और चौथी बार बार एसोसिएशन के अध्यक्ष चुने गए थे। शनिवार को वह उरई स्थित जिला न्यायालय में एक मुकदमे की पैरवी के लिए गए थे। वहां से लौटने के बाद करीब 3:30 बजे वह मुन्ना फुलपावर चौराहे पहुंचे और बेटे हर्ष को स्कूटी लेकर बुलाया।
गयादीन ने बेटे से कहा कि दुर्गा मंदिर चौराहे पर उनका एक मुवक्किल इंतजार कर रहा है। हर्ष उन्हें स्कूटी से वहां ले गया। चौराहे पर पहले से एक कार में तीन लोग मौजूद थे। बेटे के मुताबिक, कार से उतरे एक व्यक्ति ने गयादीन के पैर छुए और उन्हें अपने साथ कार में बैठाकर ले गया।
कार पर नंबर प्लेट नहीं थी। इस पर हर्ष को शक हुआ। उसने पिता को फोन किया, लेकिन कुछ देर घंटी बजने के बाद मोबाइल बंद हो गया। हर्ष ने स्कूटी से कार का पीछा भी किया, लेकिन आरोपी भाग निकले।
अपहरण की सूचना के बाद भी 70 किलोमीटर तक पहुंच गए आरोपी
हर्ष ने शनिवार शाम करीब पांच बजे अन्य अधिवक्ताओं को घटना की जानकारी दी। इसके बाद कालपी कोतवाली पुलिस को तहरीर दी गई। पुलिस ने अपहरण की सूचना पर जांच शुरू की, लेकिन शुरुआती तलाश कालपी और आसपास के इलाकों तक सीमित रही।
इस बीच आरोपी कार से करीब 70 किलोमीटर दूर कानपुर के गुजैनी थाना क्षेत्र तक पहुंच गए। रास्ते में कालपी, भोगनीपुर, रनियां, सचेंडी और गुजैनी थानों की सीमाएं पड़ती हैं। इस तरह कार तीन जिलों के पांच थाना क्षेत्रों से होकर गुजरी।
रविवार सुबह गुजैनी क्षेत्र में गयादीन का शव मिलने के बाद अपहरण और हत्या का मामला सामने आया। घटना के बाद पुलिस की सूचना व्यवस्था और तत्काल घेराबंदी को लेकर सवाल उठ रहे हैं। जांच में यह भी देखा जा रहा है कि अपहरण की सूचना मिलने के बाद संबंधित थानों को समय पर अलर्ट किया गया था या नहीं।
जमीन विवाद में हत्या की साजिश का आरोप
एएसपी डॉ. ईशान सोनी के मुताबिक, गयादीन अहिरवार और कानपुर निवासी इंद्रजीत यादव के बीच जमीन को लेकर मुकदमेबाजी चल रही थी। पुलिस का कहना है कि इसी विवाद के चलते इंद्रजीत ने हत्या के लिए मोनू यादव को सुपारी दी थी। मोनू ने अपने साथियों के साथ मिलकर वारदात को अंजाम दिया। पुलिस इस मामले में अन्य आरोपियों की भूमिका की भी जांच कर रही है।
पुलिस ने आरोपियों की निशानदेही पर रविवार सुबह कानपुर के गुजैनी क्षेत्र से शव बरामद किया। शुरुआती जांच में धारदार हथियार से हत्या किए जाने की बात सामने आई है।
जंगल में मुठभेड़, दो आरोपियों के पैर में लगी गोली
देर रात पुलिस आरोपियों को कार बरामद कराने के लिए कालपी के जंगल क्षेत्र में ले गई थी। पुलिस के अनुसार, इस दौरान आरोपी भागने लगे और वहां पहले से छिपाए गए असलहों से फायरिंग शुरू कर दी। जवाबी कार्रवाई में आशीष विश्वकर्मा और सर्वेश शुक्ला के पैर में गोली लगी। पुलिस ने तीसरे आरोपी केशव को भी पकड़ लिया। तीनों आरोपी कानपुर के रहने वाले बताए गए हैं।
पुलिस मुख्य आरोपी मोनू यादव की तलाश में दबिश दे रही है। अधिकारियों के अनुसार, मामले में अन्य आरोपियों के नाम भी प्राथमिकी में शामिल किए जाएंगे।
पहले भी हुआ था गयादीन पर हमला
गयादीन के बेटे हर्ष ने पुलिस को बताया कि 13 जून 2026 को खेत से लौटते समय हांसा-बबीना मोड़ के पास कुछ लोगों ने उनके पिता की बाइक रोक ली थी। उस समय उनके साथ अखिलेश कुमार भी थे। आरोप है कि दोनों के साथ गाली-गलौज कर लाठी, कुल्हाड़ी और डंडों से मारपीट की गई थी, जिसमें उन्हें गंभीर चोटें आई थीं।
इस मामले में गयादीन ने कदौरा थाने में तहरीर दी थी। सुनवाई नहीं होने पर उन्होंने तत्कालीन एसपी विनय कुमार को भी प्रार्थना पत्र दिया था। इसके बाद उन्होंने न्यायालय का दरवाजा खटखटाया था। पुलिस अब इस पुराने विवाद और मौजूदा हत्याकांड के बीच संबंध की भी पड़ताल कर रही है।
एक साल में परिवार पर दूसरी बड़ी चोट
गयादीन के परिवार पर एक साल के भीतर यह दूसरी बड़ी विपत्ति है। 31 अक्टूबर 2025 को उनके बेटे गौरव ने पारिवारिक विवाद और पत्नी से अलगाव के चलते विषाक्त पदार्थ का सेवन कर लिया था। उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई थी।
गयादीन की दो बेटियां हैं। एक बेटी की शादी झांसी में हुई है, जबकि दूसरी बेटी मीना उनके साथ रहकर वकालत करती थीं और पिता का चैंबर संभालती थीं। परिवार के लिए इस घटना ने एक बार फिर गहरा संकट खड़ा कर दिया है।
अधिवक्ताओं में आक्रोश, कालपी में पुलिस बल तैनात
गयादीन अहिरवार चार बार कालपी बार एसोसिएशन के अध्यक्ष चुने गए थे। पिछले वर्ष फरवरी में हुए चुनाव में भी उन्होंने अध्यक्ष पद पर जीत हासिल की थी। उनकी हत्या की खबर फैलते ही अधिवक्ताओं में आक्रोश फैल गया।
तनाव की आशंका को देखते हुए शनिवार रात से ही अतिरिक्त पुलिस बल तैनात कर दिया गया था। रविवार को शव मिलने के बाद कालपी में सुरक्षा बढ़ा दी गई। कई थानों की पुलिस फोर्स के साथ सीओ स्तर के अधिकारी कोतवाली में मौजूद रहे और स्थिति पर नजर रखी गई।
अब पुलिस के सामने मुख्य आरोपी की गिरफ्तारी के साथ हत्या की पूरी साजिश का खुलासा करने की चुनौती है। साथ ही यह भी जांच का विषय है कि अपहरण की सूचना मिलने के बाद आरोपी पांच थाना क्षेत्रों से होते हुए इतनी दूर कैसे पहुंच गए और समय रहते उनकी कार को रोकने के लिए प्रभावी घेराबंदी क्यों नहीं हो सकी।




