72 जिलों में मतदान जारी, सपा-भाजपा समर्थकों के बीच कई स्थानों पर नोकझोंक; बूथों पर सुरक्षा व्यवस्था के बीच शाम 4 बजे तक होगी वोटिंग
उत्तर प्रदेश में विधान परिषद की 11 सीटों के लिए हो रहे चुनाव के दौरान शुक्रवार को कई जिलों में हंगामे और विवाद की खबरें सामने आईं। समाजवादी पार्टी (सपा) ने कुछ मतदान केंद्रों पर फर्जी वोटिंग और भाजपा समर्थकों के नियमों के विरुद्ध बूथों तक पहुंचने के आरोप लगाए। फतेहाबाद, सीतापुर, वाराणसी, लखीमपुर और मितौली समेत कई स्थानों पर सपा-भाजपा समर्थकों के बीच नोकझोंक हुई। प्रशासन ने कुछ जगहों पर हस्तक्षेप कर स्थिति को शांत कराया।
फतेहाबाद और सीतापुर में फर्जी मतदान के आरोप
आगरा खंड के फतेहाबाद में सपा कार्यकर्ताओं ने आरोप लगाया कि भाजपा समर्थक मतदान केंद्र के भीतर पहुंच रहे थे और बैलेट पेपर पर भाजपा प्रत्याशी के पक्ष में निशान लगाए गए। इस मुद्दे पर दोनों पक्षों के बीच विवाद हुआ। पुलिस ने हंगामा कर रहे लोगों को मौके से हटाया।
सीतापुर के महोली विकासखंड स्थित मतदान स्थल पर सपा की शिक्षक एमएलसी प्रत्याशी कांति सिंह के पोलिंग एजेंट ने आरोप लगाया कि एक महिला मतदाता का बैलेट पेपर छीनकर उन्हें बूथ से बाहर कर दिया गया। इसके बाद सपा के पूर्व विधायक अनूप गुप्ता समर्थकों के साथ पहुंचे और विरोध जताया। करीब 20 मिनट तक चले हंगामे के बाद प्रशासनिक अधिकारियों ने दोनों पक्षों को समझाकर शांत कराया।
वाराणसी और लखीमपुर में भी विवाद
वाराणसी की सदर तहसील में सपा प्रत्याशी आशुतोष सिन्हा के मतदान केंद्र पर पहुंचने को लेकर हंगामा हुआ। इस दौरान पुलिस और कुछ लोगों के बीच नोकझोंक की सूचना मिली।
लखीमपुर के ईसानगर में मतदान केंद्र से निर्धारित दूरी के नियम के तहत सपा का पंडाल हटवाने के दौरान पुलिस और सपा सांसद प्रतिनिधि के बीच विवाद हुआ। सपा ने आरोप लगाया कि भाजपा का केंद्र भी मतदान स्थल के पास मौजूद था, लेकिन उसे नहीं हटाया गया।
मितौली में भी मतदान केंद्र के अंदर भाजपा और सपा समर्थकों के बीच तीखी बहस हुई। पुलिस ने हस्तक्षेप कर दोनों पक्षों को बाहर किया।
14.18 लाख मतदाता कर रहे प्रत्याशियों के भाग्य का फैसला
विधान परिषद की 11 सीटों के लिए कुल 14.18 लाख मतदाता 152 प्रत्याशियों के भाग्य का फैसला करेंगे। इनमें खंड स्नातक निर्वाचन क्षेत्र की पांच और खंड शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र की छह सीटें शामिल हैं। मतदान प्रदेश के 75 में से 72 जिलों में कराया जा रहा है। कानपुर नगर, कानपुर देहात और उन्नाव में मतदान नहीं हो रहा है।
मतदान सुबह 8 बजे शुरू हुआ और शाम 4 बजे तक निर्धारित है। चुनाव प्रक्रिया की निगरानी के लिए सेक्टर और जोनल मजिस्ट्रेटों के साथ पर्यवेक्षकों की तैनाती की गई है। मतदान केंद्रों पर माइक्रो ऑब्जर्वर और वीडियोग्राफी की व्यवस्था भी की गई है।
कई जिलों में मतदान प्रतिशत के आंकड़े जारी
दोपहर तक जारी आंकड़ों के अनुसार, गोरखपुर-फैजाबाद खंड शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र में दोपहर 2 बजे तक 56.32 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया। प्रयागराज में इलाहाबाद-झांसी खंड स्नातक निर्वाचन क्षेत्र के लिए दोपहर 2 बजे तक 19.86 प्रतिशत वोट पड़े।
दोपहर 12 बजे तक अयोध्या में शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र में 40.79 प्रतिशत, शाहजहांपुर में बरेली-मुरादाबाद खंड शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र में 42.49 प्रतिशत और रायबरेली में कुल 30.38 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया। अलग-अलग जिलों और निर्वाचन क्षेत्रों में मतदान का प्रतिशत अलग रहा।
चुनाव पर्यवेक्षक को हटाने की मांग
भाजपा एमएलसी देवेंद्र प्रताप सिंह ने एक चुनाव पर्यवेक्षक को हटाने की मांग करते हुए निर्वाचन आयोग को पत्र लिखा। पत्र में उन्होंने पर्यवेक्षक से जुड़े पुराने मामले का उल्लेख कर उसकी वर्तमान स्थिति की जांच कराने की मांग की। यह मांग भाजपा एमएलसी की ओर से उठाई गई है; इस पर निर्वाचन आयोग की कार्रवाई की जानकारी उपलब्ध नहीं है।
मतदान के दौरान सामने आए विवादों और आरोपों के बीच प्रशासन की चुनौती शांतिपूर्ण मतदान सुनिश्चित करने की है। सपा की ओर से लगाए गए आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि उपलब्ध विवरण में नहीं हुई है। चुनाव के नतीजे 27 अक्टूबर को मतगणना के बाद घोषित किए जाने हैं।




