लखनऊ। कारोबारी शिवा शर्मा की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत के मामले में फरार मॉडल श्रद्धा दुबे के वीडियो सामने आने के बाद लखनऊ पुलिस महकमे में बड़े स्तर पर फेरबदल हुआ है। सोशल मीडिया और समाचार चैनलों पर श्रद्धा का इंटरव्यू प्रसारित होने के बाद पुलिस की कार्रवाई और जांच की गति पर सवाल उठने लगे। इसके बाद 24 घंटे के भीतर हजरतगंज कोतवाली के इंस्पेक्टर विक्रम सिंह, डीसीपी विक्रांत वीर और हजरतगंज के एसीपी रजनीश वर्मा को उनके पदों से हटा दिया गया। साथ ही पुलिस कमिश्नरेट में कई अन्य अधिकारियों के कार्यक्षेत्र भी बदले गए हैं।
शिवा शर्मा की मौत 9 अक्टूबर को हुई थी। उसी दिन श्रद्धा दुबे, उसकी बहन और अन्य आरोपियों के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज कराया गया था। मामले में पुलिस की तलाश के बावजूद श्रद्धा का एक समाचार एजेंसी को इंटरव्यू देना जांच एजेंसियों के लिए चर्चा का विषय बन गया। इसके बाद पुलिस की कार्यप्रणाली को लेकर सवाल उठने लगे और अधिकारियों के स्तर पर कार्रवाई की गई।
वायरल इंटरव्यू के बाद पुलिस की कार्रवाई तेज
मामले में फरार चल रही श्रद्धा दुबे ने इससे पहले भी सोशल मीडिया पर वीडियो जारी कर अपनी बेगुनाही का दावा किया था। उसने कथित तौर पर प्रभावशाली लोगों और अधिकारियों से संबंध होने के आरोपों को भी खारिज किया था। इसके बाद समाचार एजेंसी एएनआई को दिए गए उसके इंटरव्यू ने मामले को फिर सुर्खियों में ला दिया।
श्रद्धा के फरार रहने के दौरान उसका मीडिया के सामने आना पुलिस की जांच और निगरानी व्यवस्था पर सवाल खड़े करने लगा। रिपोर्ट के मुताबिक, इसके बाद सबसे पहले हजरतगंज कोतवाली के इंस्पेक्टर विक्रम सिंह को हटाकर लाइन हाजिर किया गया। इसके बाद डीसीपी विक्रांत वीर को भी पद से हटा दिया गया। सोमवार सुबह एसीपी रजनीश वर्मा को भी हजरतगंज से हटाने का आदेश जारी हुआ।
हालांकि, श्रद्धा को किसी प्रभावशाली व्यक्ति या अधिकारी से संरक्षण मिलने के आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। मामले में पुलिस की जांच और आधिकारिक निष्कर्ष सामने आना बाकी है।
लखनऊ पुलिस कमिश्नरेट में कई अधिकारियों के कार्यक्षेत्र बदले
प्रशासनिक फेरबदल के तहत एसीपी रजनीश वर्मा को हजरतगंज से हटाकर सहायक पुलिस आयुक्त अपराध बनाया गया है। उनकी जगह कैसरबाग के एसीपी अभिषेक कुमार पांडेय को हजरतगंज की जिम्मेदारी सौंपी गई है।
वहीं, एसीपी कार्यालय में तैनात गौरव उपाध्याय को कैसरबाग भेजा गया है। एसीपी महानगर अंकित कुमार को गौरव उपाध्याय की पूर्व जिम्मेदारी भी दी गई है। डीसीपी विक्रांत वीर की जगह अर्पित विजयवर्गीय को लाया गया है, जिन्हें हाल ही में बाराबंकी के पुलिस अधीक्षक पद से डीसीपी यातायात बनाया गया था। अब वह डीसीपी मध्य का कार्यभार संभालेंगे।
लगातार हुए इन बदलावों को शिवा शर्मा मामले में पुलिस की कार्रवाई और जांच को लेकर उठे सवालों के बीच महत्वपूर्ण घटनाक्रम माना जा रहा है।
चौथी मंजिल से गिरकर हुई थी कारोबारी शिवा शर्मा की मौत
शिवा शर्मा की 9 अक्टूबर की रात लखनऊ के अवध ग्रीन अपार्टमेंट की चौथी मंजिल से संदिग्ध परिस्थितियों में गिरने से मौत हो गई थी। वह अलीगंज के कपूरथला क्षेत्र में रहते थे और कैफे चलाते थे।
शिवा की मां रंजना की शिकायत पर हजरतगंज कोतवाली में श्रद्धा दुबे, उसकी बहन रश्मि और अन्य लोगों के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज किया गया था। शिकायत में आरोप लगाया गया कि श्रद्धा उनके बेटे को झूठे मुकदमे में फंसाने की धमकी देती थी। मां ने यह भी आरोप लगाया कि शिवा को सिगरेट से जलाया गया और प्रभावशाली लोगों के नाम पर धमकियां दी गईं। शिकायतकर्ता का दावा है कि शिवा को धक्का देकर गिराया गया था।
पुलिस मामले की जांच कर रही है और श्रद्धा दुबे की तलाश जारी है। मामले में लगाए गए आरोपों की पुष्टि जांच और न्यायिक प्रक्रिया के बाद ही हो सकेगी।




