एसआईआर और मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ प्रदर्शन पर विपक्ष को घेरा, बांग्लादेश जैसे घटनाक्रम का जिक्र कर सत्ता परिवर्तन की मंशा पर उठाए सवाल
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) और मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ कांग्रेस के विरोध प्रदर्शन को लेकर विपक्ष पर निशाना साधा। लखनऊ स्थित भाजपा प्रदेश मुख्यालय में उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस और उसके सहयोगी दल चुनाव सुधारों के बजाय राजनीतिक लाभ के लिए आंदोलन कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में सत्ता परिवर्तन का रास्ता जनमत से होकर गुजरता है, न कि हिंसा और अराजकता से।
कांग्रेस पर संवैधानिक संस्थाओं को बदनाम करने का आरोप
राजनाथ सिंह ने कहा कि कांग्रेस चुनाव आयोग जैसी संवैधानिक संस्था की विश्वसनीयता पर सवाल उठाकर उसे राजनीतिक विवाद का हिस्सा बना रही है। उनके मुताबिक, विपक्ष का विरोध एसआईआर या मुख्य चुनाव आयुक्त तक सीमित नहीं है, बल्कि इसके पीछे सत्ता हासिल करने की राजनीति है। उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्षी दल युवाओं को आंदोलनों में आगे कर रहे हैं और इससे राजनीतिक माहौल तनावपूर्ण हो सकता है।
रक्षा मंत्री ने बांग्लादेश में हुए हिंसक घटनाक्रम का उल्लेख करते हुए कहा कि भारत में भी उसी तरह सत्ता परिवर्तन की कल्पना करना लोकतांत्रिक व्यवस्था के अनुकूल नहीं है। उन्होंने राहुल गांधी और कांग्रेस नेतृत्व से जनादेश तथा संवैधानिक प्रक्रियाओं का सम्मान करने की अपील की।
इमरजेंसी और 1984 की घटनाओं का किया जिक्र
राजनाथ सिंह ने कांग्रेस के इतिहास पर सवाल उठाते हुए 1975 में लगाए गए आपातकाल, 1984 में सिख विरोधी हिंसा और 1990 में रामभक्तों पर हुई गोलीबारी का उल्लेख किया। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस के शासनकाल में लोकतांत्रिक और संवैधानिक मूल्यों को नुकसान पहुंचा। उन्होंने यह भी कहा कि कांग्रेस को महात्मा गांधी के नाम का नैतिक आधार पर इस्तेमाल करने के अपने अधिकार पर विचार करना चाहिए।
योगी आदित्यनाथ ने भी विपक्ष को घेरा
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भी विपक्ष के प्रदर्शन को लेकर आरोप लगाया कि कुछ राजनीतिक दल युवाओं की ऊर्जा को रचनात्मक कार्यों के बजाय अराजक गतिविधियों की ओर मोड़ना चाहते हैं। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में सरकार का गठन जनता के मत से होता है और किसी भी राजनीतिक बदलाव के लिए संवैधानिक रास्ता ही स्वीकार्य है।
मुख्यमंत्री ने दावा किया कि देश में अस्थिरता पैदा करने की कोशिशें सफल नहीं होंगी। उन्होंने विपक्ष की राजनीति पर सवाल उठाते हुए कहा कि युवाओं को राष्ट्र निर्माण में योगदान देने के अवसर मिलने चाहिए।
भाजपा अध्यक्ष ने भी साधा निशाना
भाजपा अध्यक्ष नितिन नवीन ने कहा कि विपक्ष का आंदोलन चुनाव सुधारों के बजाय राजनीतिक अस्थिरता पैदा करने की कोशिश है। उन्होंने आरोप लगाया कि विरोधी दल किसी भी कीमत पर सत्ता हासिल करना चाहते हैं। उन्होंने विपक्ष पर विदेशी ताकतों के साथ सांठगांठ के जरिए देश को अस्थिर करने की कोशिश करने का आरोप भी लगाया।
भाजपा नेताओं के इन बयानों के बीच एसआईआर और चुनाव आयोग की भूमिका को लेकर राजनीतिक बहस तेज हो गई है। कांग्रेस और विपक्षी दलों की ओर से इन आरोपों पर प्रतिक्रिया को शामिल करने से खबर का दूसरा पक्ष भी सामने आएगा।




