देवीपाटन मंदिर में कन्या पूजन कर सीएम ने दिया नारी सशक्तीकरण का संदेश, ‘शिक्षा की उड़ान’ के तहत बच्चों को बांगी शिक्षण सामग्री
बलरामपुर। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि बेटियों का सम्मान, उनकी सुरक्षा और उन्हें आत्मनिर्भर बनाने का संकल्प ही रामराज्य की वास्तविक पहचान है। जिस समाज में महिलाएं सुरक्षित, सम्मानित और स्वावलंबी होंगी, वहां रामराज्य की परिकल्पना साकार होगी। शारदीय नवरात्र के पहले दिन और अंतरराष्ट्रीय बालिका दिवस के अवसर पर देवीपाटन मंदिर परिसर से मुख्यमंत्री ने नारी सशक्तीकरण, बालिका शिक्षा और सामाजिक समानता का संदेश दिया।
रविवार को देवीपाटन मंदिर में आयोजित कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने नौ कन्याओं का पूजन किया, उन्हें चुनरी ओढ़ाई और उपहार भेंट किए। इसके साथ ही ‘शिक्षा की उड़ान’ पहल के तहत विद्यार्थियों को स्टडी टेबल और शिक्षण सामग्री वितरित की। राष्ट्रीय एवं राज्य स्तरीय खेल प्रतियोगिताओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाली बालिकाओं को सम्मानित करने के साथ विराट किसान मेले का शुभारंभ भी किया। इस दौरान किसानों को कृषि यंत्र वितरित किए गए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि मां भगवती की आराधना तभी सार्थक है, जब समाज की प्रत्येक महिला की गरिमा, सम्मान और सुरक्षा सुनिश्चित हो। भारतीय संस्कृति में नारी शक्ति की उपासना की गौरवशाली परंपरा रही है। बेटियों को शिक्षा, सुरक्षा और समान अवसर उपलब्ध कराकर ही समाज को प्रगति के पथ पर आगे बढ़ाया जा सकता है। उन्होंने प्रदेशवासियों को शारदीय नवरात्र की शुभकामनाएं देते हुए विजयदशमी पर भगवान श्रीराम की विजय के उत्सव को उल्लास के साथ मनाने का आह्वान किया।
हर पांचवीं बेटी छोड़ देती थी पढ़ाई, अब 1.60 करोड़ बच्चों को मिल रहीं सुविधाएं
मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्ष 2017 से पहले प्रदेश में स्कूल जाने वाली हर पांचवीं बेटी बीच में ही पढ़ाई छोड़ देती थी। विद्यालयों में छात्राओं के लिए अलग शौचालय और स्वच्छ पेयजल जैसी बुनियादी सुविधाओं का अभाव इसकी प्रमुख वजहों में शामिल था। उस समय 60 से 70 प्रतिशत बच्चे नंगे पैर स्कूल जाने को मजबूर थे और कई विद्यार्थियों के पास सर्दियों में पहनने के लिए स्वेटर तक नहीं होते थे।
उन्होंने बताया कि सरकार ने विद्यालयों में शौचालय, पेयजल, फर्नीचर और अन्य आवश्यक सुविधाओं का विस्तार किया है। वर्तमान में प्रदेश के करीब 1.60 करोड़ स्कूली बच्चों को हर साल दो यूनिफॉर्म, स्कूल बैग, किताबें, स्वेटर और जूते-मोजे जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। ऑपरेशन कायाकल्प के माध्यम से सरकारी विद्यालयों की आधारभूत सुविधाओं में सुधार हुआ है। वहीं, स्मार्ट क्लास और डिजिटल लाइब्रेरी बच्चों को आधुनिक शिक्षा से जोड़ रही हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार का प्रयास है कि आर्थिक तंगी किसी भी बच्चे की शिक्षा में बाधा न बने और प्रत्येक विद्यार्थी को आगे बढ़ने के समान अवसर मिलें।
‘शिक्षा की उड़ान’ से बच्चों को मिलेगी आगे बढ़ने की प्रेरणा
मुख्यमंत्री ने बलरामपुर में मंडलायुक्त और जिला प्रशासन की ओर से संचालित ‘शिक्षा की उड़ान’ पहल की सराहना की। कार्यक्रम के तहत विभिन्न परिषदीय विद्यालयों और कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालयों के विद्यार्थियों को स्टडी टेबल, आशीर्वाद पत्र और स्टेशनरी किट वितरित की गईं, ताकि वे बेहतर वातावरण में पढ़ाई कर सकें।
इस दौरान प्राथमिक विद्यालय धर्मपुर की छात्राओं गायत्री, प्रिया और जयश्री ने मुख्यमंत्री को ग्रीटिंग कार्ड, पुष्पगुच्छ, स्वरचित कविता और पुस्तक भेंट की। मुख्यमंत्री ने बच्चों का उत्साहवर्धन करते हुए शिक्षा के माध्यम से जीवन में आगे बढ़ने की प्रेरणा दी।
खेल प्रतिभाओं को सम्मान, महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने पर जोर
कार्यक्रम में राष्ट्रीय और राज्य स्तरीय खेल प्रतियोगिताओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाली बालिकाओं को पुरस्कार और ट्रैकसूट देकर सम्मानित किया गया। सम्मानित खिलाड़ियों में लंबी कूद में प्रथम स्थान प्राप्त करने वाली कंचन, जूडो में रजत पदक विजेता प्राची जैन तथा कांस्य पदक विजेता संध्या यादव और ममता शामिल रहीं। ताइक्वांडो में उपलब्धि हासिल करने वाली पलक शुक्ला और अनाया गुप्ता समेत अन्य खिलाड़ियों को भी सम्मानित किया गया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए सरकार विभिन्न योजनाओं के माध्यम से प्रयास कर रही है। आवास योजनाओं में महिलाओं को मालिकाना अधिकार देने, उज्ज्वला योजना के तहत उनके नाम गैस कनेक्शन उपलब्ध कराने और शौचालयों के निर्माण जैसे कदम महिलाओं के सम्मान और सुरक्षा को मजबूत करते हैं।
उन्होंने बताया कि प्रदेश में तीन करोड़ से अधिक शौचालयों का निर्माण महिलाओं की गरिमा और स्वास्थ्य की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। वृद्धावस्था, निराश्रित महिला और दिव्यांगजन पेंशन योजनाओं के तहत करीब 1.10 करोड़ लाभार्थियों को सालाना 12 हजार रुपये की सहायता दिए जाने की बात भी उन्होंने कही।
आधुनिक कृषि तकनीक से बढ़ेगी किसानों की आय
मुख्यमंत्री ने विराट किसान मेले और विभागीय प्रदर्शनी का उद्घाटन कर कृषि, उद्यान, रेशम विकास, पराग मिल्क और कृषि विज्ञान केंद्र के स्टॉलों का अवलोकन किया। इस दौरान कस्टम हायरिंग सेंटर योजना के तहत जगनारायण और मोतीलाल यादव को चाबियां सौंपी गईं। वहीं, सर्वेश्वर मणि तिवारी, दिलीप कुमार और हरीश कुमार को पावर स्प्रेयर प्रदान किए गए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि आधुनिक कृषि तकनीक, कृषि यंत्रीकरण और बेहतर सिंचाई सुविधाओं के विस्तार से खेती की उत्पादकता बढ़ाने तथा किसानों की आय में सुधार के प्रयासों को गति मिलेगी। सरयू नहर राष्ट्रीय परियोजना के पूरा होने और उसकी शाखाओं के विस्तार से सिंचाई व्यवस्था को मजबूती मिलेगी। उन्होंने कृषि क्षेत्र में आधुनिक तकनीक अपनाने और किसानों को योजनाओं का लाभ उपलब्ध कराने पर जोर दिया।
अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे विकास योजनाओं का लाभ
मुख्यमंत्री ने कहा कि विकसित भारत का सपना तभी साकार होगा, जब विकास योजनाओं का लाभ बिना किसी भेदभाव के समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचेगा। शिक्षा, महिला सशक्तीकरण, कृषि और सामाजिक कल्याण के क्षेत्र में किए जा रहे प्रयासों का उद्देश्य प्रत्येक वर्ग को विकास की मुख्यधारा से जोड़ना है।
कार्यक्रम में देवीपाटन मंदिर के महंत मिथिलेश नाथ, विधायक कैलाश नाथ शुक्ला, पल्टूराम, रामप्रताप वर्मा, जिला पंचायत अध्यक्ष आरती तिवारी, मंडलायुक्त दुर्गा शक्ति नागपाल और जिलाधिकारी डॉ. विपिन कुमार जैन सहित जनप्रतिनिधि, अधिकारी, शिक्षक, विद्यार्थी, खिलाड़ी और किसान मौजूद रहे।




